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अलीगढ़ : हत्यारोपी को बताया किशोर, प्रधानाचार्य पर फर्जीवाड़े का आरोप

Thu, 28 Oct 2021 12:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 12:42 AM IST
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Aligarh: The juvenile told the killer, the principal accused of forgery
अकराबाद क्षेत्र में ननिहाल में रह रही अलीगढ़ शहर की किशोरी की हत्या के नाबालिग आरोपी की उम्र संबंधी फर्जी दस्तावेज पेश करना इलाके के विद्यालय संचालक/प्रधानाचार्य को भारी पड़ता दिख रहा है। इस मामले में किशोरी के परिवार ने विद्यालय प्रधानाचार्य व आरोपी के पिता के खिलाफ मुकदमे का अनुरोध करते हुए न्यायालय में अर्जी दायर की गई है।
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जिसमें साफ कहा है कि किशोर न्याय बोर्ड में फर्जी प्रपत्र पेश किए, जिन्हें जब्त किया गया। बीएसए को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मगर कोई मुकदमा नहीं हुआ। इसलिए मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। न्यायालय ने मामले में सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तारीख नियत की है।
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यह वाकया 28 फरवरी का है, जब अनुसूचित जाति की किशोरी ननिहाल में खेत पर चारा लेने गई थी। तभी उसकी दुष्कर्म की कोशिश में हत्या की गई। पुलिस ने पड़ोसी गांव के नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। परिवार ने एक आधार कार्ड दिखाकर उसकी उम्र 17 साल कुछ माह बताई।
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इसके चलते आरोपी बाल सुधार गृह भेजा गया। बाद में आरोपी परिवार ने किशोर न्याय बोर्ड में उम्र निर्धारण की अर्जी देकर अकराबाद क्षेत्र के बमनोई गांव के एसबी पब्लिक स्कूल में पढ़ाई का उल्लेख करते हुए उम्र के सत्यापन का अनुरोध किया। इस पर न्याय बोर्ड ने विद्यालय प्रधानाचार्य बनवारी लाल शर्मा को दस्तावेज सहित तलब किया था।
इस मामले में किशोरी के परिवार की पैरवी कर रहे अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन ने बताया कि विद्यालय प्रधानाचार्य की ओर से पेश किए गए एसआर रजिस्टर, टीसी रजिस्टर, प्रवेश रजिस्टर आदि में फर्जीवाड़ा पाया गया और मान्यता तक नहीं पाई गई।
इस पर न्याय बोर्ड ने सभी दस्तावेज जब्त कर सील करते हुए बीएसए को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मगर कार्रवाई नहीं हुई तो किशोरी परिवार ने एसएसपी से लिखित शिकायत की। पुलिस स्तर से भी सुनवाई नहीं हुई। इस पर न्यायालय में याचिका दायर की गई है।

याचिका में आरोप है कि हालांकि आरोपी की उम्र का निर्धारण 17 साल कुछ माह हुआ है। मगर विद्यालय प्रधानाचार्य व आरोपी के पिता ने मामले में जानबूझकर साजिश रचकर कम उम्र दर्शाने के इरादे से यह फर्जीवाड़ा किया था। इसलिए मामले में मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अधिवक्ता के अनुसार मामले में बृहस्पतिवार को तारीख नियत है।
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