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अलीगढ़ : किशोरी संग दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद की सजा

Thu, 30 Jun 2022 12:39 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2022 12:39 AM IST
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Aligarh: The convict of raping a teenager gets life imprisonment
महानगर के महुआ खेड़ा क्षेत्र की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली किशोरी संग दुष्कर्म के दोषी युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला बुधवार को एडीजे विशेष पॉक्सो नंद प्रताप ओझा की अदालत से सुनाया गया है। किशोरी से युवक मोबाइल पर बातचीत करते-करते संपर्क में आया था और फिर उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करता था।
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विशेष लोक अभियोजक एडीजीसी महेश सिंह के अनुसार घटना 14/15 दिसंबर 2021 की है। मुकदमा 23 दिसंबर को महुआ खेड़ा में दर्ज कराया गया। थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने मुकदमे में आरोप लगाया कि उसकी किशोरी बेटी 12वीं की छात्रा है।
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घटना वाली रात पठानटोला पहासू बुलंदशहर निवासी वामिक पुत्र वसीम उसके घर में घुस आया और उसकी बेटी से आपत्तिजनक हरकत कर रहा था। देख लेने पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। प्रकरण में दौरान-ए-जांच किशोरी ने अपने बयान में दुष्कर्म की बात स्वीकार की। मेडिकल परीक्षण में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
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अभियोजन अधिवक्ता के अनुसार किशोरी ने स्वीकार किया कि रिश्तेदारी में रहने के दौरान आरोपी वहां आता जाता था। जहां उसकी पहचान हो गई। आरोपी ने खुद का नाम वंश बताते हुए उससे बातचीत व मोबाइल पर बातचीत शुरू कर दी। एक दिन आरोपी ने उसे बातों में लगाकर उन रिश्तेदारों के खाने में कुछ खिलाकर उन्हें गहरी नींद में सुला लिया।
फिर उसे डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसकी अश्लील वीडियो बना ली। इस घटना के बाद वह अपने पिता के पास आ गई और आरोपी से बातचीत बंद कर दी। मगर डर से किसी को कुछ नहीं बताया। इसके बाद घटना वाली रात भी आरोपी उसके घर घुस आया और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। इसी बीच पिता के जागने पर वह धमकी देते हुए भाग गया।
इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से मुकदमे में देरी व मुकदमे के समय दुष्कर्म वाली बातें शामिल न करने की दलील दी गई। मगर अभियोजन की पैरवी व साक्ष्यों के आगे वे दलीलें नहीं टिकीं। स्कूली दस्तावेजों के अनुसार किशोरी की उम्र 17 वर्ष 4 माह 2 दिन पाई गई। तमाम साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म व पाक्सो का दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 1.10 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया। जिसमें से 30 हजार रुपये पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।
तीन माह में ट्रायल पूरा, ये सात गवाह किए गए पेश
यह मुकदमा जिले की प्रमुख मुकदमा सूची में शासन की प्राथमिकता वाला मुकदमा था। मिशन शक्ति अभियान के तहत इस मुकदमे में सत्र परीक्षण 25 मार्च 2022 से शुरू हुआ, जिसमें सात गवाहों में वादी, पीड़ित, मेडिकल करने वाली डॉक्टर, विवेचक दरोगा, मुकदमा लेखक सिपाही, एक अन्य रजनी, स्कूल प्रधानाचार्य पेश किए गए। तीन माह में साक्ष्य व गवाही के आधार पर सजा सुनाई गई।
शुरुआत में आरोपी ने छिपाई खुद की पहचान
इस मामले में वादी पक्ष की ओर से बताया गया कि शुरुआत में आरोपी ने अपनी पहचान छिपाई थी। मगर बचाव पक्ष की दलील रही कि जब पीड़ित व आरोपी पहले से परिचित हैं। ऐसे में ये दलील स्वीकारने योग्य नहीं है। चूंकि बचाव पक्ष ने दोनों पक्षों में व्यापारिक पहचान भी अदालत के समक्ष पेश की। दोनों पक्ष एक दूसरे से माल के लेनदेन का आदान प्रदान भी करते थे।
सजा पर बौखलाया दोषी और उसका परिवार, दी सिर कलम करने की धमकी
किशोरी से दुष्कर्म के मुकदमे में उम्रकैद की सजा सुनते ही खुद आरोपी और बाहर मौजूद उसके परिजन बौखला गए। जैसे ही पुलिस अभिरक्षा में दोषी को अदालत से बाहर लाया गया तो उसने व परिजनों ने एडीजीसी व वादी को सिर कलम करने की धमकी दे दी।
इस पर दोनों घबरा गए। तत्काल विषय अदालत के संज्ञान में लाया गया और पुलिस को तहरीर दी गई। इस मामले में देर रात मुकदमा दर्ज किया जा रहा था और दोनों को सुरक्षा के भी निर्देश जारी किए गए हैं। विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह की ओर से एसएसपी को लिखित में दी गई शिकायत में कहा गया है कि सजा सुनाए जाने के बाद दोषी बौखला गया।
उसने अभियोजन अधिवक्ता के सिर को धड़ से अलग करने की धमकी दी। इस विषय से अदालत को भी अवगत कराया गया। जिस दौरान धमकी दी गई, उस दौरान कई लोग वहां मौजूद थे। इस पर अदालत ने एसएसपी को निर्देशित किया है।
इसी तरह वादी मुकदमा किशोरी के पिता की ओर से थाना सिविल लाइंस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि सजा सुनाए जाने के बाद जब दोषी को बाहर लाया गया तो उसने उसे सिर धड़ से अलग करने की धमकी दी। उसके पिता वसीम व उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने रास्ता रोक लिया। कहा कि आज तुझे व अधिवक्ता को घर नहीं पहुंचने देंगे।

किसी तरह वह बचकर वहां से आया। एडीजीसी महेश सिंह के अनुसार दोनों प्रकरणों से तत्काल अधिकारियों को अवगत कराया गया तो एसएसपी के निर्देश पर वहां सुरक्षा पहुंची। इसके बाद दोषी के परिजन वहां से भाग गए। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार प्रकरण में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बाकी सुरक्षा व अन्य पहलुओं पर भी कार्रवाई की जा रही है।
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