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अलीगढ़ : सेहत के लिए महफूज नहीं शहर की हवा
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महानगर की हवा सेहत के लिए महफूज नहीं है। यहां पीएम 10 का स्तर 253 तक पहुंच गया है। अलीगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों में जमकर आतिशबाजी होने एवं प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद शहर में दिन भर धुंध छाई रही। चिकित्सकों का कहना है कि सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ जाएगी।
दीपावली के पहले से ही शहर में वायु प्रदूषण का स्तर मानक से कई गुना (मानक 100 जबकि पीएम 10 का स्तर 240 से 256 के बीच) अधिक है। दीपावली के दिन एवं उसके बाद का वायु प्रदूषण का स्तर अभी तक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जारी नहीं किया गया है।
अधिकारियों की दलील है कि वायु प्रदूषण का स्तर रिकार्ड किया जा रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारी के अवकाश पर जाने के कारण आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं। विभिन्न वेबसाइट पर एक्यूआई, पीएम 10, पीएम 2.5 आदि के अलग-अलग आंकड़े हैं। यहां पर पीएम 10, 253 दर्शाया जा रहा है, जबकि एक्यूआई 248 है।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. जेपी सिंह भी मानने हैं कि प्रदूषण की वजह से वातावरण में धुंध छाई हुई है। बारिश के बाद ही इसमें सुधार होने की उम्मीद है। जेएन मेडिकल कॉलेज के टीबी एवं चेस्ट विभाग के प्रो. शमीम ने कहा कि धुंध एवं प्रदूषण की वजह से सांस के रोगियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
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दीपावली के पहले से ही शहर में वायु प्रदूषण का स्तर मानक से कई गुना (मानक 100 जबकि पीएम 10 का स्तर 240 से 256 के बीच) अधिक है। दीपावली के दिन एवं उसके बाद का वायु प्रदूषण का स्तर अभी तक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जारी नहीं किया गया है।
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अधिकारियों की दलील है कि वायु प्रदूषण का स्तर रिकार्ड किया जा रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारी के अवकाश पर जाने के कारण आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं। विभिन्न वेबसाइट पर एक्यूआई, पीएम 10, पीएम 2.5 आदि के अलग-अलग आंकड़े हैं। यहां पर पीएम 10, 253 दर्शाया जा रहा है, जबकि एक्यूआई 248 है।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. जेपी सिंह भी मानने हैं कि प्रदूषण की वजह से वातावरण में धुंध छाई हुई है। बारिश के बाद ही इसमें सुधार होने की उम्मीद है। जेएन मेडिकल कॉलेज के टीबी एवं चेस्ट विभाग के प्रो. शमीम ने कहा कि धुंध एवं प्रदूषण की वजह से सांस के रोगियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।