सांसद जी! यहां तो नहीं बदली शौचालयों की सूरत
ज्यादातर बेसिक स्कूलों के शौचालय बदहाल, देहात के स्कूलों में कहीं शौचालय नहीं तो कहीं टूटे पड़े हैं
सांसद जी! यहां तो नहीं बदली शौचालयों की सूरत
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। एक साल पूरा होने को है, लेकिन भारत सरकार का ‘स्वच्छता अभियान’ का नारा अभी भी हकीकत होता नहीं दिख रहा है। आलम यह है कि स्कूलों में बच्चों को शौचालय तक नसीब नहीं हैं।
दूर की तो छोड़िये भाजपा सांसद के घर से कुछ दूरी पर बेगपुर में पाठशाला संख्या 60 संचालित होती है। यहां के बच्चे शौचालय को तरस रहे हैं। विद्यालय एक कमरे और आंगन में संचालित किया जाता है। शौचालय के नाम पर विद्यालय में कोई ओट तक नहीं है जिसे लड़कियां इस्तेमाल कर सकें। मजबूरी में बच्चों को यहां-वहां मोहल्ले की नालियों का इस्तेमाल करना पड़ता है। ऐसे में बड़ी लड़कियों की परेशानी को सहज ही समझा जा सकता है। यह हाल तब है जब विद्यालय से कुछ ही दूरी पर भाजपा सांसद सतीश गौतम का घर है। लेकिन लड़कियों की इस परेशानी पर सांसद जी की कभी निगाह नहीं पड़ी। विद्यालय में शौचालय न होने की ऐसी ही परेशानी से प्राथमिक कन्या विद्यालय नंबर 27 और 31 विष्णुपुरी की छात्राएं भी जूझ रही हैं। कन्या विद्यालय नंबर 12 और 45 में शौचालय हैं तो टूटे हुए और बंद पड़े हैं। दीवारों की ओट से बच्चे खुले में ही बैठ जाते हैं। देहात के विद्यालयों में भी शौचालयों की कमोबेश कुछ ऐसी ही हालत है।