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अलीगढ़ : कल सुबह 09.45 से दोपहर 03.20 तक शुभ रहेगी सरस्वती पूजा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
वसंत पंचमी कल (मंगलवार) है। सुबह 09.45 से दोपहर 03.20 तक मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करना शुभ रहेगा। श्री गुरू ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि वसंत ऋतु का आगमन पंचमी से होता है। इसके बाद प्राकृतिक सौंदर्य का निखार प्रारंभ हो जाता है। साथ ही पेड़ों पर नई पत्तियां, कोपल, कलियां खिलना प्रारंभ हो जाती हैं।
उन्होंने बताया कि सभी छह ऋतुओं का राजा वसंत को कहा गया है, क्योंकि इस दिन हमारी परंपराएं, भौगोलिक परिवर्तन, सामाजिक कार्य, आध्यात्मिक पक्ष का मिश्रण होता है। इस दिन विशेष रूप से माता सरस्वती की पूजा कर उनसे विद्या, बुद्धि प्राप्ति की कामना की जाती है। यही कारण है कि विद्यार्थियों के लिए वसंत पंचमी का त्योहार बहुत महत्व रखता है। माता सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प कला की देवी माना जाता है। वसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से भी प्रसिद्ध है। नवीन कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन शुभ होता है। शिक्षण संस्थानों में पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
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वसंत पंचमी कल (मंगलवार) है। सुबह 09.45 से दोपहर 03.20 तक मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करना शुभ रहेगा। श्री गुरू ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि वसंत ऋतु का आगमन पंचमी से होता है। इसके बाद प्राकृतिक सौंदर्य का निखार प्रारंभ हो जाता है। साथ ही पेड़ों पर नई पत्तियां, कोपल, कलियां खिलना प्रारंभ हो जाती हैं।
उन्होंने बताया कि सभी छह ऋतुओं का राजा वसंत को कहा गया है, क्योंकि इस दिन हमारी परंपराएं, भौगोलिक परिवर्तन, सामाजिक कार्य, आध्यात्मिक पक्ष का मिश्रण होता है। इस दिन विशेष रूप से माता सरस्वती की पूजा कर उनसे विद्या, बुद्धि प्राप्ति की कामना की जाती है। यही कारण है कि विद्यार्थियों के लिए वसंत पंचमी का त्योहार बहुत महत्व रखता है। माता सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प कला की देवी माना जाता है। वसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से भी प्रसिद्ध है। नवीन कार्यों की शुरुआत के लिए यह दिन शुभ होता है। शिक्षण संस्थानों में पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
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