फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh ran on the track , won the gold medal Farrukhabad

ट्रैक पर अलीगढ़ दौड़ा, गोल्ड मेडल फर्रुखाबाद ने जीता

Wed, 07 Sep 2016 01:58 AM IST
अनुज शर्मा
अनुज शर्मा Updated Wed, 07 Sep 2016 01:58 AM IST
विज्ञापन
Aligarh ran on the track , won the gold medal Farrukhabad
ट्रैक पर अलीगढ़ दौड़ा, गोल्ड मेडल फर्रुखाबाद ने जीता - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अनुज शर्मा
विज्ञापन

खेल एसोसिएशन अलीगढ़ और मेडल के बीच में बाधा बन रही हैं। लखनऊ एथलेटिक मीट में यही हुआ। जिला एथलेटिक्स संघ की लापरवाही से ट्रैक पर तो अलीगढ़ के खिलाड़ी को दौड़े लेकिन गोल्ड मेडल का खिताब फर्रुखाबाद के खाते में चला गया।
लखनऊ के स्पोर्ट्स कॉलेज में 3-4 सितंबर को आयोजित राज्य स्तरीय अंडर - 14 , अंडर 16 एथलेटिक मीट में प्रतिभाग करने के लिए अलीगढ़ से महिला और पुरु ष वर्ग की 62 सदस्यीय टीम को जाना था। जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव शमशाद निसार आजमी ने टीम का चयन भी कर लिया। एक निजी स्कूल के खेल शिक्षक को टीम मैनेजर की जिम्मेदारी दी गई।
विज्ञापन

खिलाड़ियों को उनका नंबर भी दे दिया गया। दो सितंबर को टीम लखनऊ की ट्रेन पकड़ने के लिए अलीगढ़ जंक्शन पहुंची तो वहां न तो सचिव पहुंचे और नहीं टीम मैनेजर। संपर्क करने के बाद खिलाड़ियों को पता चला कि एसोसिएशन ने टीम निरस्त कर दी है। कुछ तो घर लौट गए। कुछ इस उम्मीद में लखनऊ पहुंच गए कि शायद मैनेजर या एसोसिएशन से कोई बाद में पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह करीब 20 खिलाड़ी प्रतियोगिता स्थल पर पहुंच गए। आयोजकों ने जिला एथलेटिक्स संघ के सदस्य और मैनेजर विहीन अलीगढ़ की टीम को प्रवेश नहीं दिया। एक दर्जन खिलाड़ी खेल ही नहीं पाए। वहीं कुछ खिलाड़ियों ने कासगंज और फर्रुखाबाद में फीस देकर एंट्री कराई।
इससे उनको खेलने का मौका तो मिला लेकिन उनका प्रदर्शन अलीगढ़ की जगह उस जिले के खाते में जुड़ गया जिसके लिए वह खेले। इगलास के के मथल निवासी सोनू कुमार ने फर्रुखाबाद से एंट्री ली और ट्रायथलान  (100 मी. लॉंग जंप, और शॉटपुट ) में गोल्ड मेडल जीता। यदि अलीगढ़ की टीम की एंट्री होती तो यह रिकार्ड तालानगरी का होता।

एथलीट प्रीति कश्यप, महिमा सिंह, सौरभ चौधरी, निमेश, पवन, निहित, मनोज अभय ने अमर उजाला को बताया कि स्टेशन पर पता चला एसोसिएशन हमारे साथ किसी को नहीं भेज रही है। वह चाहती तो हमको खेलने का मौका मिलता। हम अपने पैसों से लखनऊ पहुंचे।  खुले में रात भी काटी और खेल भी नहीं पाए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed