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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh: Punishment of fine of 500 rupees after 24 years in the case of assault

मिला न्याय : मारपीट के 24 साल पुराने मामले में तीन दोषियों पर 500 रुपये का जुर्माना

Sun, 31 Jul 2022 01:03 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Sun, 31 Jul 2022 01:03 AM IST
सार

न्यायालय ने तीनों को 500-500 रुपये जुर्माने से दंडित किया है अन्यथा सात दिन की सजा भुगतनी होगी।

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Aligarh: Punishment of fine of 500 rupees after 24 years in the case of assault
कोर्ट। - फोटो : amar ujala

विस्तार

कहते हैं कि न्याय में मिलने में देर हो सकती है, मगर मिलता जरूर है। ऐसा ही एक उदाहरण शनिवार को एडीजे-विशेष एससी एसटी के न्यायाधीश संजीव कुमार सिंह की अदालत से पेश किया गया। अदालत ने मारपीट के 24 वर्ष पुराने मुकदमे को निस्तारित करते हुए तीन दोषियों को 500 रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है। खास बात यह है कि तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर फैसला सुनाया गया है।

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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी चमन प्रकाश शर्मा के अनुसार, घटना 9 अगस्त 1998 की सुबह छह बजे की है। थाना जवां में मुकदमा दर्ज कराते हुए पड़की निवासी अनुसूचित जाति के राजपाल ने आरोप लगाया कि उसका छोटा भाई लालाराम सुबह शौच के लिए जा रहा था।
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तभी पुरुषोत्तम, प्रताप व वीरेश ने उसे यह कहकर रोक लिया और कहा कि तू हमारे खिलाफ गवाही देगा। इसी बात पर उसे लाठी-डंडों से पीटा गया। शोर पर परिवार के सदस्य पहुंचे और बचाया तो आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। मुकदमे के आधार पर मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस ने मारपीट व एससी एसटी एक्ट के तहत चार्जशीट पेश की।
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न्यायालय में वर्ष 2000 में सत्र परीक्षण शुरू हुआ। मामले में दोनों ओर से मजबूत पैरवी हुई, मगर अभियोजन साक्ष्यों का इंतजार रहा। अदालत ने पुराने मुकदमों के निस्तारण के अभियान के क्रम में शनिवार को मारपीट के गवाही संबंधी तथ्य व परिस्थितियों के आधार पर तीनों को मारपीट का दोषी करार दिया है। साथ में एससी एसटी एक्ट में बरी किया है। न्यायालय ने तीनों को 500-500 रुपये जुर्माने से दंडित किया है अन्यथा सात दिन की सजा भुगतनी होगी।

दहेज हत्या में पति दोषी करार, सजा पर सुनवाई सोमवार को
चंडौस के गांव जामुनका में वर्ष 2019 में विवाहिता की दहेज के लिए हत्या के मुकदमे में पति को दोषी करार दिया है। अब सजा पर सुनवाई के लिए एक अगस्त की तारीख नियत की है। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे-12 की अदालत में चल रही है।

एडीजीसी प्रमेंद्र जैन के अनुसार वादी जुझरका अतरौली के योगेश ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि उसने अपनी बहन सरस्वती की शादी 13 मार्च 2019 को जामुनका के राजू संग की थी। शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए तंग किया जाने लगा। 22 मई 2019 को उसकी मारपीट कर हत्या कर दी। इस मामले में पति सहित 8 ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। चार्जशीट के आधार पर सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने पति राजू को दोषी करार दिया है। अब सजा पर निर्णय 1 अगस्त को लिया जाएगा।

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