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अलीगढ़ : चुनाव में प्रशासन को नहीं दी जाएंगी निजी बसें
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आरटीओ कार्यालय पर आरटीओ को ज्ञापन देते मिनी बस ऑपरेटर्स। संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
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आरटीओ कार्यालय में मंगलवार को जिला महानगर मिनी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बस ऑपरेटरों ने कार्यालय के पीछे अपनी मिनी बसों को एक साथ खड़ा कर विरोध जताया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि हमारी सुनवाई नहीं हुई तो एक भी बस चुनाव में नहीं दी जाएगी।
आरटीओ प्रशासन केडी सिंह गौर व आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन को ज्ञापन सौंपकर पदाधिकारियों ने कहा कि जनता को सस्ती व सुलभ यातायात व्यवस्था के लिए आरटीए (संभागीय परिवहन प्राधिकरण) व एसटीए (राज्य परिवहन प्राधिकरण) ने छह परमिट दे रखे हैं।
लेकिन इन रूटों पर वर्ष 2018 से हमारी बसों को प्रशासन चलने नहीं दे रहा है। इससे अधिकतर बसें बैंकों के कर्ज के तले दबकर घाटे में पहुंच गई हैं। ऑपरेटर और व्यवसाय से जुड़े ड्राइवर, कंडक्टर, मैकेनिक आदि भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
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जबकि इसके उलट डग्गामार बसों का संचालन कराया जा रहा है। अवैध रूप से जीप, मैजिक, टेंपो चलवाए जा रहे हैं। अवैध टेंपो व ई-रिक्शाओं के संचालन पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यहां पदाधिकारियों ने एलान करते हुए कहा कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन उग्र किया जाएगा।
वहीं आने वाले चुनावों में प्रशासन को एक भी बस नहीं दी जाएंगी। सभी अपनी बसों को सरेंडर करा देंगे। इस मौके पर अध्यक्ष अरविंद सेंगर, ठा. अजयपाल सिंह, संदीप सिंह, अजीत सिंह, संतोष चौधरी, हाजी जमशेद, वीरेंद्र, रजनीश, अमित गोली आदि मौजूद रहे।
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आरटीओ प्रशासन केडी सिंह गौर व आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन को ज्ञापन सौंपकर पदाधिकारियों ने कहा कि जनता को सस्ती व सुलभ यातायात व्यवस्था के लिए आरटीए (संभागीय परिवहन प्राधिकरण) व एसटीए (राज्य परिवहन प्राधिकरण) ने छह परमिट दे रखे हैं।
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लेकिन इन रूटों पर वर्ष 2018 से हमारी बसों को प्रशासन चलने नहीं दे रहा है। इससे अधिकतर बसें बैंकों के कर्ज के तले दबकर घाटे में पहुंच गई हैं। ऑपरेटर और व्यवसाय से जुड़े ड्राइवर, कंडक्टर, मैकेनिक आदि भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
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जबकि इसके उलट डग्गामार बसों का संचालन कराया जा रहा है। अवैध रूप से जीप, मैजिक, टेंपो चलवाए जा रहे हैं। अवैध टेंपो व ई-रिक्शाओं के संचालन पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यहां पदाधिकारियों ने एलान करते हुए कहा कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन उग्र किया जाएगा।
वहीं आने वाले चुनावों में प्रशासन को एक भी बस नहीं दी जाएंगी। सभी अपनी बसों को सरेंडर करा देंगे। इस मौके पर अध्यक्ष अरविंद सेंगर, ठा. अजयपाल सिंह, संदीप सिंह, अजीत सिंह, संतोष चौधरी, हाजी जमशेद, वीरेंद्र, रजनीश, अमित गोली आदि मौजूद रहे।