{"_id":"5fe6398b8ebc3ecd6d668d2c","slug":"aligarh-police-city-office-news-ali252072413","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांजे के नशे में ‘उड़ते अलीगढ़’ के पुलिस ने कतरे पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांजे के नशे में ‘उड़ते अलीगढ़’ के पुलिस ने कतरे पर
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सूखे नशे के लिए वैसे तो हमेशा से पंजाब बदनाम रहा है। उड़ता पंजाब फिल्म ने इस बात को समाज के सामने भी ला दिया। इस फिल्म के आने के बाद पंजाब तो काबू में आने लगा। मगर, अलीगढ़ सूखे नशे में उड़ने लगा है। जिला पुलिस की नशा उत्पाद के खिलाफ कार्रवाई इस बात की गवाही देता है। पुलिस ने जिले में गांजा, डायजापाम, डोडा पाउडर के नशे में उड़ते युवाओं और तस्करों के पर कतरना शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में वर्ष 2020 में पुलिस ने इस दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 416 छोटे-बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 10 बड़े अपराधियों को छांटा गया। उनके खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई भी की।
सूखे नशे का जिले में एकाएक कारोबार बढ़ने के पीछे लॉकडाउन भी बड़ा कारण बनकर सामने आया। दरअसल, नशेबाजों को उस दौरान शराब नहीं मिल सकी। नशे की तलब मची तो वह सूखे नशे के तस्करों के संपर्क में आने लगे। जिले में खरीदारी बढ़ी तो नेपाल तक से यहां सप्लाई होने लगी। पुलिस को इस बात की भनक लगी तो एसएसपी मुनिराज जी के निर्देशन में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हुई। इसमें क्वार्सी इंस्पेक्टर छोटेलाल को बड़ी सफलता हासिल हुई। उन्होंने गांजे से भरा एक ट्रक मई में पकड़ा। इसमें कई लाख रुपये का माल पाया गया। इसके बाद अन्य छोटे-बड़े तस्करों के पीछे मुखबिरों को दौड़ाया गया। सटीक मुखबिरी के आधार पर पुलिस ने 2020 में 405 छापेमारी करते हुए 416 तस्करों की गिरफ्तारी की। इनके पास से 3105 किलो गांजा बरामद हुआ। 106 किलो 273 ग्राम नशीला पाउडर और 7 किलो डोडा पाउडर भी पकड़ा गया।
नशे के खिलाफ चले अभियान का लेखा-जोखा
- 405 छापामारी
- 416 गिरफ्तारी
- 3105 किलो गांजा जब्त
- 106 किलो 273 ग्राम नशीला पाउडर जब्त
- 7 किलो डोडा पाउडर जब्त
- एक करोड़ 61 लाख 45 हजार 274 रुपये आंकी गई बरामद माल की कीमत
- 10 अपराधियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई
- तस्करों के पास से 27 वाहन भी जब्त किए
-सूखे नशे के सौदागर युवाओं को अपना ग्राहक बनाते हैं। नशा अपराध की दुनिया की पहली सीढ़ी के तौर पर देखा जाता है। जब युवा नशे के आदी हो जाते हैं, तो वह अपना शौक पूरा करने के लिए छिनैती, लूट, चोरी जैसे अपराधों में सक्रिय होकर पैसा कमाने की जुगत में लगते हैं। अलीगढ़ पुलिस ने युवाओं को नशे से दूर रहने का पाठ पढ़ाते हुए इसके सौदागरों को सलाखों के पीछे भेजा। अभी भी अभियान जारी है। 10 तस्करों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई है।
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- मुनिराज जी, एसएसपी
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सूखे नशे का जिले में एकाएक कारोबार बढ़ने के पीछे लॉकडाउन भी बड़ा कारण बनकर सामने आया। दरअसल, नशेबाजों को उस दौरान शराब नहीं मिल सकी। नशे की तलब मची तो वह सूखे नशे के तस्करों के संपर्क में आने लगे। जिले में खरीदारी बढ़ी तो नेपाल तक से यहां सप्लाई होने लगी। पुलिस को इस बात की भनक लगी तो एसएसपी मुनिराज जी के निर्देशन में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हुई। इसमें क्वार्सी इंस्पेक्टर छोटेलाल को बड़ी सफलता हासिल हुई। उन्होंने गांजे से भरा एक ट्रक मई में पकड़ा। इसमें कई लाख रुपये का माल पाया गया। इसके बाद अन्य छोटे-बड़े तस्करों के पीछे मुखबिरों को दौड़ाया गया। सटीक मुखबिरी के आधार पर पुलिस ने 2020 में 405 छापेमारी करते हुए 416 तस्करों की गिरफ्तारी की। इनके पास से 3105 किलो गांजा बरामद हुआ। 106 किलो 273 ग्राम नशीला पाउडर और 7 किलो डोडा पाउडर भी पकड़ा गया।
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नशे के खिलाफ चले अभियान का लेखा-जोखा
- 405 छापामारी
- 416 गिरफ्तारी
- 3105 किलो गांजा जब्त
- 106 किलो 273 ग्राम नशीला पाउडर जब्त
- 7 किलो डोडा पाउडर जब्त
- एक करोड़ 61 लाख 45 हजार 274 रुपये आंकी गई बरामद माल की कीमत
- 10 अपराधियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई
- तस्करों के पास से 27 वाहन भी जब्त किए
-सूखे नशे के सौदागर युवाओं को अपना ग्राहक बनाते हैं। नशा अपराध की दुनिया की पहली सीढ़ी के तौर पर देखा जाता है। जब युवा नशे के आदी हो जाते हैं, तो वह अपना शौक पूरा करने के लिए छिनैती, लूट, चोरी जैसे अपराधों में सक्रिय होकर पैसा कमाने की जुगत में लगते हैं। अलीगढ़ पुलिस ने युवाओं को नशे से दूर रहने का पाठ पढ़ाते हुए इसके सौदागरों को सलाखों के पीछे भेजा। अभी भी अभियान जारी है। 10 तस्करों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की गई है।
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- मुनिराज जी, एसएसपी