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शराब कांडः मृत्यु पूर्व बयान बनेंगे शराब सिंडिकेट के गले का फंदा
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अभिषेक शर्मा
जिले में 109 लोगों को मौत की नींद सुलाने वाली जहरीली शराब को शायद ही कोई भुला पाए। जिस गति से इस शराब ने मौत का तांडव मचाया। उसी गति से पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 22 मुकदमों में करीब 70 गिरफ्तारी की हैं। अब लक्ष्य, मुकदमों में मजबूत चार्जशीट दायर करने का है। इसे लेकर खुद एसएसपी कलानिधि नैथानी प्रतिदिन विवेचना टीमों के साथ चार्जशीट तैयार करा रहे हैं।
खास बात यह है कि अभी पोस्टमार्टम के दौरान संकलित किए गए विसरा व लिवर में मिले अल्कोहल कंटेंट की रिपोर्ट आना बाकी है। मगर पुलिस बिना देर किए शराब से बीमार हुए लोगों के बयान और मृतकों के मृत्यु पूर्व बयानों के आधार पर चार्जशीट दायर करने की तैयारी में है। प्रयास है कि चार्जशीट दायर कर न्यायालयों में मुकदमों का ट्रायल शुरू करा दिया जाए। बाद में जैसे-जैसे जांच रिपोर्ट आती रहेगी, उन्हें कोर्ट में पेश किया जाता रहेगा।
इस कांड में अवैध शराब की फैक्टरी, अवैध भंडारण के ठिकाने, मिथाइल अल्कोहल की बिक्री का ठिकाना आदि पकड़ा गया है। सभी की एक-एक कड़ी जुड़ रही है। वह पुलिस विवेचना के लिए बेहद मजबूत साक्ष्य हैं। साथ में मृतकों के बयान और अस्पतालों में भरती शराब पीने से बीमारों के बयान सबसे मजबूत हिस्सा हैं। विवेचना टीमों ने चार्जशीट तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रयास किया जा रहा है कि इस सप्ताह में आधा दर्जन से अधिक मुकदमों में चार्जशीट दायर कर दी जाए। इनमें कुछ मुकदमे मौतों से संबंधित हैं तो कुछ अवैध शराब फैक्टरी व भंडारण से संबंधित हैं। चूंकि इस शराब में मिथाइल अल्कोहल मिले होने और कपूर के कारखाने से मिथाइल मिलने की पुष्टि आबकारी की मेरठ स्थित प्रयोगशाला ने कर दी है। इसलिए यह बेहद मजबूत साक्ष्य है। रहा सवाल विसरा व अल्कोहल कंटेंट का तो उसकी रिपोर्ट आने पर शामिल किया जाएगा।
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- गिरफ्तारी के बाद अब विवेचना का काम तेजी से शुरू करा दिया गया है। कुछ मुकदमों में इसी सप्ताह चार्जशीट दायर कराए जाने का लक्ष्य है। विसरा व अल्कोहल कंटेंट रिपोर्ट आने पर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। अब तक जो साक्ष्य हैं, उनके आधार पर यह चार्जशीट तैयार हो रही हैं।-कलानिधि नैथानी,एसएसपी
-मजबूत जांच
- गिरफ्तारी के साथ-साथ शराब सिंडिकेट की एक-एक कड़ी जोड़ी गई है विवेचना में
- शराब पीने से बीमारों के दर्ज किए बयान, जिनकी मौत हुई वे बनाए मृत्यु पूर्व बयान
- मिथाइल से शराब बनाने, बेचने तक के तथ्य बेहद मजबूत हैं सिंडिकेट के खिलाफ
ऐसे जोड़ी जा रही कड़ी
- 28 मई को जहरीली शराब पीने से मौत का क्रम शुरू
- उजागर हुआ कि यह शराब देसी ठेकों से खरीदी गई
- ठेकेदारों ने अनिल-ऋषि से माल खरीदना स्वीकारा है
- कई ठेके खुद अनिल-ऋषि के लोगों के नाम से भी हैं
- अनिल-ऋषि को विपिन-शिवकुमार माल सप्लाई देते
- कारोबारी विजेंद्र कपूर से विपिन को मिथाइल मिला था
- इसी सिंडिकेट में गौतम, मदन कालिया भी शामिल रहे
- शराब से बीमारों ने ठेकों से शराब खरीदने की बात कही
- इस सिंडिकेट ने चार से अधिक अवैध ठिकाने पकड़वाए
अब तक की कार्रवाई
- 22 मुकदमों में 70 के करीब गिरफ्तारी की गईं
- 10 करीब इस सिंडिकेट के अहम किरदार बने
- 4 बड़ी शराब फैक्टरी सिंडिकेट की पकड़ी गईं
- 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति चिह्नित की है
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जिले में 109 लोगों को मौत की नींद सुलाने वाली जहरीली शराब को शायद ही कोई भुला पाए। जिस गति से इस शराब ने मौत का तांडव मचाया। उसी गति से पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 22 मुकदमों में करीब 70 गिरफ्तारी की हैं। अब लक्ष्य, मुकदमों में मजबूत चार्जशीट दायर करने का है। इसे लेकर खुद एसएसपी कलानिधि नैथानी प्रतिदिन विवेचना टीमों के साथ चार्जशीट तैयार करा रहे हैं।
खास बात यह है कि अभी पोस्टमार्टम के दौरान संकलित किए गए विसरा व लिवर में मिले अल्कोहल कंटेंट की रिपोर्ट आना बाकी है। मगर पुलिस बिना देर किए शराब से बीमार हुए लोगों के बयान और मृतकों के मृत्यु पूर्व बयानों के आधार पर चार्जशीट दायर करने की तैयारी में है। प्रयास है कि चार्जशीट दायर कर न्यायालयों में मुकदमों का ट्रायल शुरू करा दिया जाए। बाद में जैसे-जैसे जांच रिपोर्ट आती रहेगी, उन्हें कोर्ट में पेश किया जाता रहेगा।
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इस कांड में अवैध शराब की फैक्टरी, अवैध भंडारण के ठिकाने, मिथाइल अल्कोहल की बिक्री का ठिकाना आदि पकड़ा गया है। सभी की एक-एक कड़ी जुड़ रही है। वह पुलिस विवेचना के लिए बेहद मजबूत साक्ष्य हैं। साथ में मृतकों के बयान और अस्पतालों में भरती शराब पीने से बीमारों के बयान सबसे मजबूत हिस्सा हैं। विवेचना टीमों ने चार्जशीट तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रयास किया जा रहा है कि इस सप्ताह में आधा दर्जन से अधिक मुकदमों में चार्जशीट दायर कर दी जाए। इनमें कुछ मुकदमे मौतों से संबंधित हैं तो कुछ अवैध शराब फैक्टरी व भंडारण से संबंधित हैं। चूंकि इस शराब में मिथाइल अल्कोहल मिले होने और कपूर के कारखाने से मिथाइल मिलने की पुष्टि आबकारी की मेरठ स्थित प्रयोगशाला ने कर दी है। इसलिए यह बेहद मजबूत साक्ष्य है। रहा सवाल विसरा व अल्कोहल कंटेंट का तो उसकी रिपोर्ट आने पर शामिल किया जाएगा।
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- गिरफ्तारी के बाद अब विवेचना का काम तेजी से शुरू करा दिया गया है। कुछ मुकदमों में इसी सप्ताह चार्जशीट दायर कराए जाने का लक्ष्य है। विसरा व अल्कोहल कंटेंट रिपोर्ट आने पर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। अब तक जो साक्ष्य हैं, उनके आधार पर यह चार्जशीट तैयार हो रही हैं।-कलानिधि नैथानी,एसएसपी
-मजबूत जांच
- गिरफ्तारी के साथ-साथ शराब सिंडिकेट की एक-एक कड़ी जोड़ी गई है विवेचना में
- शराब पीने से बीमारों के दर्ज किए बयान, जिनकी मौत हुई वे बनाए मृत्यु पूर्व बयान
- मिथाइल से शराब बनाने, बेचने तक के तथ्य बेहद मजबूत हैं सिंडिकेट के खिलाफ
ऐसे जोड़ी जा रही कड़ी
- 28 मई को जहरीली शराब पीने से मौत का क्रम शुरू
- उजागर हुआ कि यह शराब देसी ठेकों से खरीदी गई
- ठेकेदारों ने अनिल-ऋषि से माल खरीदना स्वीकारा है
- कई ठेके खुद अनिल-ऋषि के लोगों के नाम से भी हैं
- अनिल-ऋषि को विपिन-शिवकुमार माल सप्लाई देते
- कारोबारी विजेंद्र कपूर से विपिन को मिथाइल मिला था
- इसी सिंडिकेट में गौतम, मदन कालिया भी शामिल रहे
- शराब से बीमारों ने ठेकों से शराब खरीदने की बात कही
- इस सिंडिकेट ने चार से अधिक अवैध ठिकाने पकड़वाए
अब तक की कार्रवाई
- 22 मुकदमों में 70 के करीब गिरफ्तारी की गईं
- 10 करीब इस सिंडिकेट के अहम किरदार बने
- 4 बड़ी शराब फैक्टरी सिंडिकेट की पकड़ी गईं
- 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति चिह्नित की है