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शराब कांडः सॉल्वेंट की आड़ में हैदराबाद से मिथाइल मंगाता था कारोबारी कपूर
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जहरीली शराब कांड की तह तक जाने को प्रयासरत पुलिस के तल्ख तेवरों के आगे टूटे कारोबारी विजेंद्र कपूर ने एक और राज उगला है। वह अपने सॉल्वेंट के लाइसेंस की आड़ में हैदराबाद से मिथाइल मंगाता था। उसी मिथाइल को वह शराब सिंडिकेट को बेचता था। अब यह तथ्य सही है या फिर वह पुलिस के सामने झूठ बोलकर गया है। इसकी तह में जाने का प्रयास पुलिस ने शुरू कर दिया है। वहीं फैक्टरी से मिले दस्तावेजों की जांच में साफ हुआ है कि वह माल शराब सिंडिकेट को बेचता था और सॉल्वेंट बिक्री के बिल-बाउचर फर्जी फर्मों के नाम से काटता था। ये वे फर्म हैं जो धरातल पर कहीं हैं ही नहीं।
जहरीली शराब कांड में नकली शराब बनाने वाले सिंडिकेट को केमिकल व अल्कोहल बेचने वाले के रूप में शहर के प्रमुख कारोबारी विजेंद्र कपूर का नाम आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। साथ में उनकी तालानगरी स्थित स्याही व सैनिटाइजर फैक्टरी पर तलाशी ली गई तो वहां भारी मात्रा में मिथाइल जब्त किया गया। इसके बाद फैक्टरी सील की गई। इस केमिकल रखने, बिक्री करने या प्रयोग करने का कोई लाइसेंस उनके पास नहीं था। यहां से पुलिस ने तमाम दस्तावेज भी जब्त किए थे। जेल भेजने के बाद पहले एक दिन के रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की गई। मगर, उन्होंने पुलिस को गुमराह किया। फिर से तीन दिन का रिमांड लिया गया। इस बार वे पुलिस को अपने साथ बरेली ले गए। मगर वहां से सिर्फ साल्वेंट नियमानुसार लाने के साक्ष्य मिले। देर रात वहां से उन्हें लेकर लौटी पुलिस ने फिर जब पूछताछ की तो तेवर कुछ तल्ख किए। इस बार वे टूट गए।
अंजाने में नहीं, जानबूझकर बेचा था मिथाइल
पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्होंने स्वीकारा कि वह हैदराबाद से साल्वेंट की आड़ में अपने लाइसेंस पर मिथाइल मंगाता था। उसी मिथाइल को यहां शराब तस्करों को बेचता था। कपूर ने स्वीकारा कि इथाइल अल्कोहल का ड्रम उसे 10 हजार में पड़ता था, जबकि हैदराबाद से आने वाला मिथाइल का ड्रम मात्र पांच हजार में पड़ता था। बस सस्ता माल महंगे दामों में बेचने के लालच में उसने शराब तस्करों जानबूझकर यह माल बेचा। एक ड्रम के बदले वह 30 हजार रुपये वसूलता था। उसने स्वीकारा कि जिस ट्रांसपोर्ट के जरिये हैदराबाद से माल आता था। उसे भी सॉल्वेंट व एसडीएस केमिकल बताया जाता था। चूंकि उसकी पैकिंग भी लगभग एक जैसी होती है।
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दस्तावेजों में मिला फर्जी बिक्री का साक्ष्य
पुलिस पूछताछ व फैक्टरी से जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच में फर्जी फर्मों को बिक्री के साक्ष्य मिले हैं। वह अवैध रूप से मंगाया गया पूरा माल सॉल्वेंट या एसडीएस केमिकल बेचने के बिल बाउचर पर किसी फर्जी फर्म को बेचना दिखाता था, जबकि उसकी आड़ में सिंडिकेट को माल बेचते था।
जरूरत पड़ी तो हैदराबाद भी जाएगी पुलिस टीम
फिलहाल कपूर की बात को पुलिस ने सुन लिया है। मगर अब यह तथ्य सही है या गलत, इसका फैसला तो हैदराबाद का ठिकाना और माल लाने वाला ट्रांसपोर्टर ही करेगा। इसके लिए स्थानीय स्तर से ही प्रयास किए जा रहे हैं। जरूरत हुई तो एक टीम हैदराबाद भी भेजी जाएगी।
जेल भेजे गए कपूर व ऋषि, गौतम से पूछताछ
पुलिस रिमांड पर लिए गए कारोबारी कपूर, शराब तस्कर ऋषि को सोमवार सुबह जेल दाखिल कर दिया गया है। वहीं तालानगरी में देशी घी की फैक्क्टरी की आड़ में शराब बनाने वाले गौतम से अभी पूछताछ चल रही है।
कारोबारी कपूर से पूछताछ में जो भी बातें प्रकाश में आई हैं, उनका सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल कपूर व ऋषि को रिमांड पूरा होने के कारण जेल दाखिल कर दिया गया है।
कलानिधि नैथानी, एसएसपी
अब लक्ष्य एक सप्ताह में चार्जशीट, फिर गैंगेस्टर
जहरीली शराब कांड में ज्यादातर गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। आधा दर्जन प्रमुख नाम हैं, जिन्हें पुलिस टीमें लगातार तलाश रही हैं। ऐसे में एसएसपी ने अब विवेचना टीमों को क्रमवार मुकदमों में एक सप्ताह में चार्जशीट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ताकि उसके बाद गैंगेस्टर की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में 75 करीब प्रमुख गिरफ्तारी हो चुकी हैं। पुराने तथ्यों व नए तथ्यों के आधार पर आधा दर्जन नाम सामने आए हैं, जिन्हें तलाशा जा रहा है। रिमांड आदि के बाद विवेचना के पहलू पर भी काम लगभग काफी हो गया है। बस पोस्टमार्टम में अल्कोहल व जब्त माल में अल्कोहल की रिपोर्ट आना शेष है। संकेत हैं कि यह रिपोर्ट भी एक-दो दिन में मिलने लगेंगी। इसके चलते उन्होंने विवेचना टीमों को अगले एक सप्ताह में एक-एक कर मुकदमों में विवेचना पूरी कर चार्जशीट लगाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस टीमों ने इस पर काम भी तेज कर दिया है। प्रयास किया जा रहा है कि पहले मिथाइल सप्लाई, शराब फैक्टरी, भंडारण, तस्करी से जुड़े मुकदमों में चार्जशीट लगाई जाए। इसके बाद मौतों के संबंध में दर्ज मुकदमों में चार्जशीट लगाना शुरू किया जाए।
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जहरीली शराब कांड में नकली शराब बनाने वाले सिंडिकेट को केमिकल व अल्कोहल बेचने वाले के रूप में शहर के प्रमुख कारोबारी विजेंद्र कपूर का नाम आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। साथ में उनकी तालानगरी स्थित स्याही व सैनिटाइजर फैक्टरी पर तलाशी ली गई तो वहां भारी मात्रा में मिथाइल जब्त किया गया। इसके बाद फैक्टरी सील की गई। इस केमिकल रखने, बिक्री करने या प्रयोग करने का कोई लाइसेंस उनके पास नहीं था। यहां से पुलिस ने तमाम दस्तावेज भी जब्त किए थे। जेल भेजने के बाद पहले एक दिन के रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की गई। मगर, उन्होंने पुलिस को गुमराह किया। फिर से तीन दिन का रिमांड लिया गया। इस बार वे पुलिस को अपने साथ बरेली ले गए। मगर वहां से सिर्फ साल्वेंट नियमानुसार लाने के साक्ष्य मिले। देर रात वहां से उन्हें लेकर लौटी पुलिस ने फिर जब पूछताछ की तो तेवर कुछ तल्ख किए। इस बार वे टूट गए।
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अंजाने में नहीं, जानबूझकर बेचा था मिथाइल
पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्होंने स्वीकारा कि वह हैदराबाद से साल्वेंट की आड़ में अपने लाइसेंस पर मिथाइल मंगाता था। उसी मिथाइल को यहां शराब तस्करों को बेचता था। कपूर ने स्वीकारा कि इथाइल अल्कोहल का ड्रम उसे 10 हजार में पड़ता था, जबकि हैदराबाद से आने वाला मिथाइल का ड्रम मात्र पांच हजार में पड़ता था। बस सस्ता माल महंगे दामों में बेचने के लालच में उसने शराब तस्करों जानबूझकर यह माल बेचा। एक ड्रम के बदले वह 30 हजार रुपये वसूलता था। उसने स्वीकारा कि जिस ट्रांसपोर्ट के जरिये हैदराबाद से माल आता था। उसे भी सॉल्वेंट व एसडीएस केमिकल बताया जाता था। चूंकि उसकी पैकिंग भी लगभग एक जैसी होती है।
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दस्तावेजों में मिला फर्जी बिक्री का साक्ष्य
पुलिस पूछताछ व फैक्टरी से जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच में फर्जी फर्मों को बिक्री के साक्ष्य मिले हैं। वह अवैध रूप से मंगाया गया पूरा माल सॉल्वेंट या एसडीएस केमिकल बेचने के बिल बाउचर पर किसी फर्जी फर्म को बेचना दिखाता था, जबकि उसकी आड़ में सिंडिकेट को माल बेचते था।
जरूरत पड़ी तो हैदराबाद भी जाएगी पुलिस टीम
फिलहाल कपूर की बात को पुलिस ने सुन लिया है। मगर अब यह तथ्य सही है या गलत, इसका फैसला तो हैदराबाद का ठिकाना और माल लाने वाला ट्रांसपोर्टर ही करेगा। इसके लिए स्थानीय स्तर से ही प्रयास किए जा रहे हैं। जरूरत हुई तो एक टीम हैदराबाद भी भेजी जाएगी।
जेल भेजे गए कपूर व ऋषि, गौतम से पूछताछ
पुलिस रिमांड पर लिए गए कारोबारी कपूर, शराब तस्कर ऋषि को सोमवार सुबह जेल दाखिल कर दिया गया है। वहीं तालानगरी में देशी घी की फैक्क्टरी की आड़ में शराब बनाने वाले गौतम से अभी पूछताछ चल रही है।
कारोबारी कपूर से पूछताछ में जो भी बातें प्रकाश में आई हैं, उनका सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल कपूर व ऋषि को रिमांड पूरा होने के कारण जेल दाखिल कर दिया गया है।
कलानिधि नैथानी, एसएसपी
अब लक्ष्य एक सप्ताह में चार्जशीट, फिर गैंगेस्टर
जहरीली शराब कांड में ज्यादातर गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। आधा दर्जन प्रमुख नाम हैं, जिन्हें पुलिस टीमें लगातार तलाश रही हैं। ऐसे में एसएसपी ने अब विवेचना टीमों को क्रमवार मुकदमों में एक सप्ताह में चार्जशीट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ताकि उसके बाद गैंगेस्टर की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में 75 करीब प्रमुख गिरफ्तारी हो चुकी हैं। पुराने तथ्यों व नए तथ्यों के आधार पर आधा दर्जन नाम सामने आए हैं, जिन्हें तलाशा जा रहा है। रिमांड आदि के बाद विवेचना के पहलू पर भी काम लगभग काफी हो गया है। बस पोस्टमार्टम में अल्कोहल व जब्त माल में अल्कोहल की रिपोर्ट आना शेष है। संकेत हैं कि यह रिपोर्ट भी एक-दो दिन में मिलने लगेंगी। इसके चलते उन्होंने विवेचना टीमों को अगले एक सप्ताह में एक-एक कर मुकदमों में विवेचना पूरी कर चार्जशीट लगाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस टीमों ने इस पर काम भी तेज कर दिया है। प्रयास किया जा रहा है कि पहले मिथाइल सप्लाई, शराब फैक्टरी, भंडारण, तस्करी से जुड़े मुकदमों में चार्जशीट लगाई जाए। इसके बाद मौतों के संबंध में दर्ज मुकदमों में चार्जशीट लगाना शुरू किया जाए।