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गांधीपार्क बस अड्डे पर अवैध वसूली से डकारा जा रहा पार्किंग शुल्क

Mon, 11 Apr 2022 12:10 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 12:10 AM IST
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Aligarh: Parking fee is being stolen from illegal recovery at Gandhipark bus stand
गांधीपार्क बस स्टैंड पर उत्तराखंड परिवहन निगम की बस से उगाही करता सुरक्षाकर्मी। रूपेश शर्मा - फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी, अलीगढ़।
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गांधीपार्क बस अड्डे पर इन दिनों जमकर अवैध वसूली के जरिये पार्किंग शुल्क डकारा जा रहा है। सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए अन्य राज्यों की रोडवेज बसों को बस अड्डे के बाहर सड़क पर खड़ा करवाया जाता है। इससे बस की पार्किंग रसीद नहीं कटती है और उस रकम को सभी कर्मचारी मिलकर पचा लेते हैं।
कई राज्यों की रोडवेज बस शहर के गांधीपार्क बस अड्डे पर आती हैं। नियमानुसार इन रोडवेज बसों का मुख्य कार्य गांधीपार्क बस अड्डे के अंदर पहुंचकर सवारियों को उतारना है। इसके साथ ही अपने गंतव्य के लिए सवारी भरकर ले जाना होता है।
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गांधीपार्क बस अड्डे के अंदर बस घुसने पर 200 से 350 रुपये तक पार्किंग शुल्क देना होता है, लेकिन बस अड्डों पर सुरक्षाकर्मियों ने इस सरकारी राजस्व को हजम करने की नई तरकीब खोज निकाली है। रोडवेज बसों को बस अड्डे के अंदर घुसाने की बजाय, सीधे बाहर सड़क पर खड़ा करवा दिया जाता है। ऐसे में इन बसों की पार्किंग शुल्क की रसीद नहीं कटती है। इस बची हुई रसीद की रकम अवैध वसूली से चट हो जाती है।
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- अभी तक इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। अवैध वसूली की जांच कराएंगे। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
- योगेंद्रपाल सिंह, एआरएम बुद्धविहार डिपो
सुरक्षाकर्मियों को डरा धमकाकर चलता है रैकेट
अमर उजाला ने अवैध वसूली का मामला देखा तो हफ्ते भर से इस पर नजर बनाए रखी। सामने आया कि बस स्टैंड के बाहर सड़क को खाली रखने के लिए सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। यह सुरक्षाकर्मी ई-रिक्शा, टेंपो, निजी वाहनों के साथ रोडवेज बसों को खड़ा नहीं होने देते हैं, लेकिन अवैध वसूली वाली बसों को यही सुरक्षाकर्मी बस अड्डे के बाहर खड़ी करवाते हैं।
दो सुरक्षाकर्मी उत्तराखंड परिवहन और मध्य प्रदेश परिवहन की रोडवेज बसों से रुपये लेते कैमरे में कैद हो गए। इनसे पूछताछ की तो जवाब मिला कि आपकी मेहनत बेकार है। इसमें कई बड़े लोग शामिल हैं। कोई कार्रवाई नहीं होनी है। हमको डरा धमकाकर कहा जाता है कि रुपये नहीं लाए तो अनुपस्थिति दिखा देंगे।
मजबूरन हम रुपये लेकर संबंधित लोगों को दे देते हैं। सुरक्षाकर्मियों ने अवैध वसूली करवाने वाले का नाम नहीं बताया। एक ने दबी जुबान में बोला कि प्रभारी की देखरेख में सब खेल हो रहा है। उनसे कोई कुछ कहने वाला नहीं है।
राजस्थान 354, उत्तराखंड 236 और मध्य प्रदेश का पता नहीं
- गांधीपार्क बस अड्डे पर आने वाली राजस्थान परिवहन की रोडवेज बसों की पार्किंग शुल्क की रसीद 354 रुपये में कटती है। उत्तराखंड परिवहन की बसें 236 रुपये में रसीद कटवाती हैं। इसी प्रकार इन्हीं रूटों पर उप्र परिवहन की रोडवेज बस उत्तराखंड और राजस्थान में बराबर राशि की रसीद कटवाती हैं।
हास्यास्पद यह है कि मध्य प्रदेश परिवहन की रोडवेज बसों की रसीद तो महीनों से कटी ही नहीं है। एआरएम योगेंद्रपाल सिंह से पूछा तो वह भी जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की रोडवेज बसों की रसीद कितने रुपये की कटनी चाहिए।
इस संबंध में संबंधित लिपिक से जानकारी कर बताएंगे, लेकिन यह भी सही है कि अगर बस अड्डे के बाहर बस खड़ी हो रही है तो उसकी रसीद नहीं काटी जाएगी। मध्यप्रदेश परिवहन की रोडवेज बस अड्डा परिसर में नहीं आती हैं। इसीलिए उनकी रसीद नहीं कटती है। अमर उजाला के संज्ञान पर अवैध वसूली की जांच कराएंगे।

यातायात पुलिस भी नहीं करती चालान
बस अड्डे के बाहर सवारियां उतारना और उन्हें चढ़ाना यातायात पुलिस ने प्रतिबंधित कर रखा है। इतना ही नहीं, अलीगढ़ की रोडवेज बस अगर बाहर सड़क पर ऐसा करती हुई पाई जाती हैं तो यातायात पुलिसकर्मी बस का चालान कर देते हैं, लेकिन पार्किंग शुल्क बचाने वाली अन्य राज्यों की बसों पर कोई कार्यवाही नहीं होती है। इन बसों से खुलेआम बस अड्डे के बाहर सवारियों को उतारने और चढ़ाने का काम होता है।
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