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अलीगढ़ : विकास के एनकाउंटर पर विपक्ष का 'फायर'
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तिलकराज यादव, बासपा जिलाध्यक्ष
- फोटो : CITY OFFICE
कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों का नृशंस हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी और 24 घंटे में उसके एनकाउंटर पर सवाल करते हुए विपक्षी दलों ने जमकर ÓफायरÓ किया है। पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। विपक्ष के सवालों ने सरकार और सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि भाजपा नेता इसे अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश की स्थापना के क्रम में बढ़ाया गया सटीक कदम बता रहे हैं। विपक्ष ने कहा है कि इस एनकाउंटर से भाजपा ने सफेदपोशों को बचाया है, क्योंकि जो अपराधी चिल्ला चिल्ला कर खुद सरेंडर कर रहा है, वो कस्टडी से भागेगा ये समझ से परे है। इसलिए हाईकोर्ट के निर्देशन में इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उसको संरक्षण देने वालों के चेहरे बेनकाब होने चाहिए।
विकास दुबे का एनकाउंटर करने का साफ कारण ये है कि जो लोग उसे संरक्षण दे रहे थे, वह सभी सत्ता के ही लोग थे। उनको अपने नाम सामने आने का डर था, इसलिए एनकाउंटर कराया गया। अब इस मामले में बहुत से लोगों के नाम और करनामे दबा दिए जाएंगे।
-चौ. सुरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
छह दिन तक विकास दुबे तीन राज्यों घूमता रहा है, जहां भाजपा शासन है। थाने में घुस कर राज्यमंत्री को मारने और घर के सामने आठ पुलिस कर्मियों को मारने वाले को नाटकीय ढंग से एनकाउंटर में मारा गया, ताकि भाजपा सरकार की नाकामियों पर पर्दा डाला जा सके। इस एनकाउंटर ने कई लोगों को बचा लिया है।
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-अशोक यादव, सपा जिलाध्यक्ष।
सरेंडर करने वाले के एनकाउंटर पर सवाल उठाता है। उसको कानून मृत्युदंड मिलता तो और बेहतर होता, जिससे अपराधियों और सिस्टम की साठगांठ खुलती। अब ऐसा नहीं हो पाएगा। ये भाजपा सरकार का फेलियर है। अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का नारा खोखला साबित हुआ है। जिले में भी रोजाना हत्याएं हो रही हैं।
-तिलकराज यादव, बसपा जिलाध्यक्ष।
अपराधी का खत्म होना अच्छा है। कार पलटने की दुर्घटना के बाद विकास दुबे पुलिस से पिस्टल छीन कर भाग रहा था। इस पर करवाई तो होनी ही थी। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के साथ ऐसा ही होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी भी अपराधी को छोड़ेंगे नहीं।
-चौधरी ऋषि पाल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा।
विकास को एनकाउंटर में ढेर करना पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान है। पुलिस इस मामले में पूरी तरह से नाकाम रही है। इस एनकाउंटर की सीबीआई जांच होनी चाहिए। अगर जांच हो गई तो दूध का दूध पानी का पानी सामने आ जाएगा। इस एनकाउंटर में सियासत की दखलंदाजी से इनकार भी नहीं किया जा सकता।
-भानु प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष रालोद
एनकाउंटर कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है। कैसे कानपुर की सीमा में घुसते ही पुलिस की गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई? इतने बड़े अपराधी को बिना हथकड़ी और बिना बेड़ी के क्यों लाया गया। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए कि कहीं विकास दुबे का एनकाउंटर राजनीति व पुलिस महकमे के बड़े चेहरों को बचाने का प्रयास तो नहीं।
-परवेज अली, आप जिलाध्यक्ष।
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विकास दुबे का एनकाउंटर करने का साफ कारण ये है कि जो लोग उसे संरक्षण दे रहे थे, वह सभी सत्ता के ही लोग थे। उनको अपने नाम सामने आने का डर था, इसलिए एनकाउंटर कराया गया। अब इस मामले में बहुत से लोगों के नाम और करनामे दबा दिए जाएंगे।
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-चौ. सुरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
छह दिन तक विकास दुबे तीन राज्यों घूमता रहा है, जहां भाजपा शासन है। थाने में घुस कर राज्यमंत्री को मारने और घर के सामने आठ पुलिस कर्मियों को मारने वाले को नाटकीय ढंग से एनकाउंटर में मारा गया, ताकि भाजपा सरकार की नाकामियों पर पर्दा डाला जा सके। इस एनकाउंटर ने कई लोगों को बचा लिया है।
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-अशोक यादव, सपा जिलाध्यक्ष।
सरेंडर करने वाले के एनकाउंटर पर सवाल उठाता है। उसको कानून मृत्युदंड मिलता तो और बेहतर होता, जिससे अपराधियों और सिस्टम की साठगांठ खुलती। अब ऐसा नहीं हो पाएगा। ये भाजपा सरकार का फेलियर है। अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का नारा खोखला साबित हुआ है। जिले में भी रोजाना हत्याएं हो रही हैं।
-तिलकराज यादव, बसपा जिलाध्यक्ष।
अपराधी का खत्म होना अच्छा है। कार पलटने की दुर्घटना के बाद विकास दुबे पुलिस से पिस्टल छीन कर भाग रहा था। इस पर करवाई तो होनी ही थी। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के साथ ऐसा ही होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी भी अपराधी को छोड़ेंगे नहीं।
-चौधरी ऋषि पाल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा।
विकास को एनकाउंटर में ढेर करना पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान है। पुलिस इस मामले में पूरी तरह से नाकाम रही है। इस एनकाउंटर की सीबीआई जांच होनी चाहिए। अगर जांच हो गई तो दूध का दूध पानी का पानी सामने आ जाएगा। इस एनकाउंटर में सियासत की दखलंदाजी से इनकार भी नहीं किया जा सकता।
-भानु प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष रालोद
एनकाउंटर कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है। कैसे कानपुर की सीमा में घुसते ही पुलिस की गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई? इतने बड़े अपराधी को बिना हथकड़ी और बिना बेड़ी के क्यों लाया गया। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए कि कहीं विकास दुबे का एनकाउंटर राजनीति व पुलिस महकमे के बड़े चेहरों को बचाने का प्रयास तो नहीं।
-परवेज अली, आप जिलाध्यक्ष।

अशोक यादव, सपा जिलाध्यक्ष- फोटो : CITY OFFICE

भानु प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय लोक दल- फोटो : CITY OFFICE

चौधरी सुरेंद्र सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष- फोटो : CITY OFFICE

चौधरी ऋषि पाल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा- फोटो : CITY OFFICE

परवेज अली, आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष- फोटो : CITY OFFICE