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अलीगढ़ : कभी शान से चलाते थे होटल, अब ढूंढ रहे ग्राहक

Fri, 11 Sep 2020 02:39 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2020 02:39 AM IST
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Aligarh: once used to run hotels with pride, now customers are looking for
रेलवे स्टेशन तिराहे के इर्दगिर्द रोजाना हजारों की भीड़ के बीच खाने का होटल चलाने वाले अब एक एक ग्राहक को आवाज लगा कर बुला रहे हैं, ताकि कुछ कमाई हो सके। भारीभरकम किराया नहीं चुका पाने के कारण यहां के कई होटल के बंद हो चुके हैं। रात नौ बजे तक होटल ढाबा बंद करने के आदेश ने भी काम आधा कर दिया है, क्योंकि सर्वाधिक कमाई रात आठ से ग्यारह बजे के बीच होती थी।
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अब बचे हुए लोगों ने अपना कामकाज सीमित कर दिया है तो कुछ आनलाइन आर्डर से गुजारा कर रहे हैं। यहां के होटलों का औसत किराया 25 से 35 हजार महीने के बीच है। बिजली का बिल इससे अलग देना पड़ता है। होटल के साथ ठेल ढकेल के एक दर्जन से अधिक खाने पीने के स्टाल बंद हो गए हैं। लॉकडाउन लागू होने के बाद रेलवे स्टेशन तिराहे पर अभी तक रौनक नहीं लौटी है, क्योंकि ट्रेनों का संचालन और यात्रियों की संख्या बहुत समिति है।
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स्टेशन पर बंद कर कुछ लोगों ने नये स्थानों पर होटल चालू किए हैं। उन्हीं में से एक राकेश गुप्ता भी हैं। उन्होंने बताया कि स्टेशन के तिराहे महीने 30 हजार रुपये किराये का होटल था। बर्तन आदि पूरा सेटअप था। काम जम रहा था कि लॉकडाउन हो गया। पांच महीने में किराया अदा करते करते दो से ढाई लाख रुपये के कर्जदार हो गए। आठ कारीगर थे अब दो रह गए हैं। ये सब देख कर रामघाट रोड पर एक छोटा होटल खोला है। स्टेशन वाला बंद कर दिया। अब नये सिरे से काम कर रहे हैं। सहाबुद्दीन और रहमान खाना बनाने के कारीगर हैं, ये दोनों भी अब आधी दिहाड़ी पर काम कर रहे हैं।
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कार वाले भी सन्नाटे में
मैरिस रोड पर कार श्र्रंगार की दुकान पर भी सन्नाटा है। यहां पर पहले कारों मालिकों को काम कराने के लिए इंतजार करना पड़ता था। वहीं आज दुकान मालिक और कारीगरों को ग्राहक का इंतजार है। दुकान के मालिक एनुल ने बताया कि 65 फीसदी तक काम खत्म हो गया है। दुकान का किराया ही 70 हजार रुपये है, जो नहीं निकल रहा है। ऐसे में कामकाज ज्यादा दिन तक नहीं चल सकेगा। सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। इसी दुकान में कारीगर गभाना निवासी मोहम्मद वली नाज कहते हैं कि पहले वह दिन भर में आठ सौ रुपये तक कमा लेते थे, अब चार सौ भी नहीं मिल रहे हैं। उस पर महंगाई बढ़ती जा रही है। गुजारा करना मुश्किल है।

वर्तमान में रेस्टोरेंट का चालू रखने का समय नौ बजे तक का है। ऐसे में आठ बजे के बाद के आर्डर नहीं ले सकते हैं। इसलिए काम करने का पूरा मौका नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि ग्राहक भी कम हैं। रेस्टोरेंट और ढाबा को 11 बजे रात तक खोलने की अनुमति की मांग की जाएगी।
मानव महाजन, अलीगढ़ होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष।
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