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अलीगढ़ : 12 अगस्त को धाता व सौभाग्य योग में भाइयों को बांधे राखी

Wed, 10 Aug 2022 12:43 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Aug 2022 12:43 AM IST
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Aligarh: On August 12, tie rakhi to brothers in Dhata and Saubhagya Yoga.
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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रक्षाबंधन पर्व को लेकर इस बार लोगों में असमंजस की स्थिति है। 11 व 12 अगस्त में किस तिथि को वह पर्व मनाएं, इसको लेकर वे दुविधा में हैं। शहर के ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि भद्राकाल में रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाया जाता है, इसलिए सभी लोग 12 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व मनाएं। साथ ही धाता और सौभाग्य योग बन रहा है, जो काफी फलदायी होता है। ग्रह, नक्षत्रों के अनुसार भी 12 अगस्त की तिथि सबसे उत्तम है।
ज्योतिषाचार्य स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज का कहना है कि पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त से प्रारंभ हो रही है, परंतु भद्राकाल रहने के कारण इस दिन रक्षाबंधन पर्व नहीं मनाया जा सकता है। इससे हानि होती है। बृहस्पतिवार को पूर्णिमा तिथि सुबह 10:38 बजे से शुरू हो जाएगी, जो 12 अगस्त की सुबह 07:05 बजे तक रहेगी। भद्राकाल भी 11 अगस्त की रात 8:51 बजे तक रहेगा। 12 अगस्त सुबह 5:52 बजे सूर्योदय के साथ ही बिना भद्रा के रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा। यह करीब तीन घंटे तक रहेगा। ऐसे में उदया तिथि और शुभ मुहूर्त को देखते हुए 12 अगस्त सुबह रक्षाबंधन पर्व मनाना श्रेष्ठ रहेगा। इस दिन धाता और सौभाग्य योग भी बन रहे हैं, ऐसे शुभ योग में भाई बहन के पवित्र रिश्ते पर्व दोनों के जीवन में सुख-समृद्धि और लंबी आयु लाएगा।
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अवस्थी ज्योतिष संस्थान के प्रमुख आचार्य आदित्य नारायण अवस्थी का कहना है कि रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार 11 अगस्त को भद्राकाल सुबह 10:38 बजे से प्रारंभ हो जाएगा, जो रात 8:51 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा 11 अगस्त को सुबह 10:38 बजे से 12 अगस्त को सुबह 7:05 बजे तक रहेगी। उदया तिथि 12 अगस्त को प्राप्त हो रही है, इसलिए इसी तिथि को रक्षाबंधन का पर्व मनाना चाहिए।
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साध्वी पुनीता चेतन का कहना है कि तीज-त्योहारों में उदया तिथि का काफी महत्व है। सूर्य उदय के साथ जो तिथि प्रारंभ हो जाती है, उसी में हम पर्व और त्योहार मनाते हैं। 11 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व सुबह 10:38 बजे से प्रारंभ हो रहा है। सूर्य के उदय के बाद की तिथि में त्योहार मनाना उचित नहीं होता है। इसके बाद 11 अगस्त को ही भद्राकाल रहेगा। भद्राकाल में तो रक्षाबंधन का पर्व कतई नहीं मना सकते हैं। इसलिए सभी 12 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाएं। इस दिनकई शुभ संयोग भी बन रहे हैं। संवाद
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