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अलीगढ़ : भ्रष्टाचार, अवैध वसूली के आरोपी कलेक्ट्रेट के बाबू को नोटिस
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नुमाइश में भ्रष्टाचार, धमकाने एवं अवैध वसूली के गंभीर आरोपों में कलेक्ट्रेट के नुमाइश बाबू व नाजिर पीयूष साराभाई के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। इनके खिलाफ मिली शिकायत के बाद कमिश्नर ने एसएनटीसी सेल को जांच सौंप दी है। सेल ने आरोपी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। कमिश्नर ने जांच की जिम्मेदारी दो मंडलीय अफसरों को सौंपी है।
शिकायतकर्ता राजदेव सिंह वर्मा, जय वर्मा एवं राज म्यूजिकल ग्रुप के स्वामी ने पिछले दिनों नुमाइश बाबू व कलेक्ट्रेट के नाजिर पीयूष साराभाई के खिलाफ 11 अगस्त 2021 को कमिश्नर से शिकायत की थी। इसमें उन पर दुकानदारों से गालीगलौज करने व लाइसेंसी रिवाल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी देने समेत कई बिंदुवार आरोप लगाए गए थे।
उन पर प्रदर्शनी मैदान की सरकारी जमीन पर सुविधा शुल्क लेकर गुपचुप निजी पेट्रोल पंप लगवाने, कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की कमी के दौरान प्लांट संचालिका पर दबाव बनाकर सिलिंडरों को उनके द्वारा सुझाए रेटों पर बिकवाने के आरोप लगाए। शिकायतकर्ताओं ने तर्क दिया कि बाद में जन प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद वह शांत हुए थे।
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उन पर दुकानों के आवंटन में मनमानी, विरोध करने पर पीड़ित को बुलाकर धमकाने, नुमाइश के बडे़ कार्यक्रमों में कमीशन लेकर कार्यक्रम कराने, लाइट, साउंड, स्टेज, सजावट समेत अन्य कामों के ठेकेदारों से जबरन पार्टनरशिप करने, नई कंपनियों को बहाना बनाकर चलता करने जैसे भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वह अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए उच्चाधिकारियों को भी कुछ नहीं समझते।
जिले के सांसद समेत अन्य जन प्रतिनिधि भी उनके खिलाफ कई बार शिकायत कर चुके हैं। कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि नुमाइश बाबू के खिलाफ आई शिकायत के बाद एसएनटीसी सेल को जांच सौंपी गई है। सेल ने उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी मंडलीय अर्थ एवं संख्या अधिकारी व सेल की प्रभारी एवं एडिशनल कमिश्नर को सौंपी गई है।
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शिकायतकर्ता राजदेव सिंह वर्मा, जय वर्मा एवं राज म्यूजिकल ग्रुप के स्वामी ने पिछले दिनों नुमाइश बाबू व कलेक्ट्रेट के नाजिर पीयूष साराभाई के खिलाफ 11 अगस्त 2021 को कमिश्नर से शिकायत की थी। इसमें उन पर दुकानदारों से गालीगलौज करने व लाइसेंसी रिवाल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी देने समेत कई बिंदुवार आरोप लगाए गए थे।
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उन पर प्रदर्शनी मैदान की सरकारी जमीन पर सुविधा शुल्क लेकर गुपचुप निजी पेट्रोल पंप लगवाने, कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की कमी के दौरान प्लांट संचालिका पर दबाव बनाकर सिलिंडरों को उनके द्वारा सुझाए रेटों पर बिकवाने के आरोप लगाए। शिकायतकर्ताओं ने तर्क दिया कि बाद में जन प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद वह शांत हुए थे।
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उन पर दुकानों के आवंटन में मनमानी, विरोध करने पर पीड़ित को बुलाकर धमकाने, नुमाइश के बडे़ कार्यक्रमों में कमीशन लेकर कार्यक्रम कराने, लाइट, साउंड, स्टेज, सजावट समेत अन्य कामों के ठेकेदारों से जबरन पार्टनरशिप करने, नई कंपनियों को बहाना बनाकर चलता करने जैसे भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वह अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए उच्चाधिकारियों को भी कुछ नहीं समझते।
जिले के सांसद समेत अन्य जन प्रतिनिधि भी उनके खिलाफ कई बार शिकायत कर चुके हैं। कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि नुमाइश बाबू के खिलाफ आई शिकायत के बाद एसएनटीसी सेल को जांच सौंपी गई है। सेल ने उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी मंडलीय अर्थ एवं संख्या अधिकारी व सेल की प्रभारी एवं एडिशनल कमिश्नर को सौंपी गई है।