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कर्जदारों से लेकर नेताओं तक पर निकाली भड़ास
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दंपती की मौत पर विलाप करतीं महिलाएं।
- फोटो : HARDUAGANJ
गांव नगला ठेकेदार में दंपती के शव के पास से मिले सुसाइड नोट में कर्जदारों से लेकर स्थानीय नेताओं व सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया गया है। सुसाइड नोट के दोनों ओर पन्ने पर अपना दर्द बयां करते हुए कई लोगों के नाम भी लिखे गए हैं जिन्हें दंपती ने आत्महत्या का कारण बताया है।
हालांकि परिवार वालों ने जब सुसाइड नोट की फोटो कापी कराने के लिए मांगी तो पुलिस ने मना कर दिया। मृतक के बेटे अखिलेश ने पुलिस को बताया कि उसे पिता पर कर्ज होने की जानकारी नहीं थी। माता-पिता ने कर्जदारों के जुल्म की कोई बात कभी नहीं बताई। वहीं अखिलेश के मौसेरे भाई ने पुलिस को बताया कि चंद दिनों पहले मौसा-मौसी ने सभी मामा को फान कर रुपये मांगे थे, लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी थी।
बेटी व बहन से मिले लेकिन बेटे से नहीं
बेटे अखिलेश के अनुसार उनके माता-पिता अलग रहते थे। 14 वर्षीय बेटी साक्षी अपने दादा-दारी के पास रहकर सब्जी बेचने में हाथ बंटाती थी। शुक्रवार दोपहर साक्षी को दुकान पर बिठाकर कुछ समय बाद लौटने की बात कहकर दोनों निकल गए थे। इसके बाद वह लोधा थाना क्षेत्र के गांव जतनपुर चिकावटी में बहन रजनी के यहां गए। वहां से रविवार की शाम कलुआ रेलवे स्टेशन के समीप गांव सांगौर में बुआ पुष्पा देवी के यहां पहुंचे। वहां से सोमवार सुबह 7 बजे घर जाने की बात कहकर निकले लेकिन घर नहीं पहुंचे। उनका मोबाइल भी बंद था। अखिलेश के अनुसार उसकी अपने पिता से आखिरी मुलाकात होली के दो दिन बाद हुई थी। तब उन्होंने कोई परेशानी नहीं बताई।
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सुसाइड नोट के साथ पर्स में रखा कुंडल
पुलिस के अनुसार दंपती ने तय कर लिया था कि उनके शव आसानी से परिवार वालाें को मिल जाएं इसलिए बेटी व बहन के घर से लौटकर अपने गांव के बाहर पहुंचे और आत्महत्या कर ली। दोनों के पास से मोबाइल नंबर की एक-एक पर्ची, सुसाइड नोट व महिला का आधार कार्ड मिला। पर्स में महिला के कान के कुंडल भी मिले।
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हालांकि परिवार वालों ने जब सुसाइड नोट की फोटो कापी कराने के लिए मांगी तो पुलिस ने मना कर दिया। मृतक के बेटे अखिलेश ने पुलिस को बताया कि उसे पिता पर कर्ज होने की जानकारी नहीं थी। माता-पिता ने कर्जदारों के जुल्म की कोई बात कभी नहीं बताई। वहीं अखिलेश के मौसेरे भाई ने पुलिस को बताया कि चंद दिनों पहले मौसा-मौसी ने सभी मामा को फान कर रुपये मांगे थे, लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी थी।
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बेटी व बहन से मिले लेकिन बेटे से नहीं
बेटे अखिलेश के अनुसार उनके माता-पिता अलग रहते थे। 14 वर्षीय बेटी साक्षी अपने दादा-दारी के पास रहकर सब्जी बेचने में हाथ बंटाती थी। शुक्रवार दोपहर साक्षी को दुकान पर बिठाकर कुछ समय बाद लौटने की बात कहकर दोनों निकल गए थे। इसके बाद वह लोधा थाना क्षेत्र के गांव जतनपुर चिकावटी में बहन रजनी के यहां गए। वहां से रविवार की शाम कलुआ रेलवे स्टेशन के समीप गांव सांगौर में बुआ पुष्पा देवी के यहां पहुंचे। वहां से सोमवार सुबह 7 बजे घर जाने की बात कहकर निकले लेकिन घर नहीं पहुंचे। उनका मोबाइल भी बंद था। अखिलेश के अनुसार उसकी अपने पिता से आखिरी मुलाकात होली के दो दिन बाद हुई थी। तब उन्होंने कोई परेशानी नहीं बताई।
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सुसाइड नोट के साथ पर्स में रखा कुंडल
पुलिस के अनुसार दंपती ने तय कर लिया था कि उनके शव आसानी से परिवार वालाें को मिल जाएं इसलिए बेटी व बहन के घर से लौटकर अपने गांव के बाहर पहुंचे और आत्महत्या कर ली। दोनों के पास से मोबाइल नंबर की एक-एक पर्ची, सुसाइड नोट व महिला का आधार कार्ड मिला। पर्स में महिला के कान के कुंडल भी मिले।