Aligarh: नौसिखिए हाथों में वाहनों की कमान; हादसों पर ब्रेक लगाना है तो न दें अनाड़ी को गाड़ी
लोग असमय ही काल के गाल में समा रहे हैं। जिले में अब तक एक भी फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस धारक को आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस पकड़ नहीं सकी है। जबकि साधारण लाइसेंस पर भी तमाम चालक व्यावसायिक वाहन चला रहे हैं।
विस्तार
शहर से लेकर देहात तक जिन हाथों में कलम और किताब होनी चाहिए उन नौसिखिए हाथों में अब स्कूटी, बाइक, कार, ऑटो, ई- रिक्शा आदि वाहन दिखाई पड़ते हैं। जो प्रमुख बाजारों व सड़कों के साथ ही हाईवे जैसी सड़क पर भी तेज रफ्तार में वाहनों से फर्राटा भरते हुए देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं इन चालकों में से अधिकांश के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं होता है। ऐसे में जिले भर में आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
लोग असमय ही काल के गाल में समा रहे हैं। जिले में अब तक एक भी फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस धारक को आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस पकड़ नहीं सकी है। जबकि साधारण लाइसेंस पर भी तमाम चालक व्यावसायिक वाहन चला रहे हैं। हादसों का सबसे बड़ा कारण ट्रिपल राइडिंग हैं। सिर्फ लड़के ही नहीं बल्कि लड़कियां भी ट्रिपल राइडिंग करते हुए स्कूटी पर फर्राटा भर रही हैं।
पाबंदी के बाद भी दौड़ा रहे वाहन
मोटर व्हीकल एक्ट में नाबालिग बच्चों के वाहन संचालित करने पर कड़ी पाबंदी है। केवल 16 वर्ष का होने पर बिना गेयर वाला स्कूटर चला सकते हैं। इसके लिए भी अभिभावक की मर्जी से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना जरूरी है। ऐसे में यदि नाबालिग के वाहन संचालन के दौरान कोई हादसा होता है तो उसके लिए उनके अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जायेगी। सब कुछ जानकार भी अभिभावक लगातार अनदेखी कर रहे हैं, जिससे हादसे भी बढ़ रहे हैं।
बिना गेयर लाइसेंस बनवाने में नहीं ले रहे रुचि
आरटीओ दफ्तर के रिकार्ड को सही मानें तो बीते साल में 16 वर्ष की आयु में बिना गेयर वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेेंस बनवाने वाले आवेदकों की संख्या बेहद कम रही है। मात्र 208 लाइसेंस ही जारी किए जा सके हैं, बावजूद इसके शहर से लेकर देहात तक नाबालिगों के हाथों में कार-बाइक, स्कूटी आदि दौड़ा रहे हैं। महानगर में नाबालिग बिना रोक-टोक के ही ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन भी कर रहे हैं।
सिर्फ चालान एवं जुर्माना
वाहन चेकिंग या अभियान के दौरान नाबालिग बच्चों के बाइक, कार व अन्य वाहनों का संचालन करते पकड़े जाने पर पुलिस एवं आरटीओ विभाग से जुड़े अधिकारी चालान, जुर्माने आदि की कार्रवाई कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।
नौसिखिए वाहन चालकों को सावधान करने के लिए समय-समय पर वाहन चेकिंग एवं जागरूकता अभियान चलाया जाता है। पकड़े जाने पर 5000 रुपये का चालान किया जाता है। इस साल ऐेसे 53 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। सभी से जुर्माना वसूला गया है। - फरीदउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन।
आंकड़े
16 वर्ष की आयु में बिना गेयर वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेेंस का आवेदन : 208
दो साल में वाहन चलाते पकड़े गए नाबालिग : 389
वाहनों के चालान : 129
सीज : 09
जुर्माना : 53
नाबालिग के हाथ में थमा दी बाइक
सासनीगेट इलाके के रहने वाले एक व्यक्ति का नाबालिग बेटा पिता की बाइक को लेकर शहर में घूमने निकल पड़ा। इसी बीच बाइक तेज रफ्तार पर होने से स्कूटी सवार को टक्कर मारने के साथ ही डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में स्कूटी सवार के अलावा किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया।
तेज रफ्तार बाइक बस से टकराई
बन्नादेवी क्षेत्र के दो किशोर अपने भाई की बाइक लेकर सारसौल की ओर जा रहे थे। तभी तेज रफ्तार होने से बाइक रोडवेज बस से टकरा गई। हादसे में दोनों किशोरों के पैर गंभीर रुप से जख्मी हो गए।