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अलीगढ़ः हर घर नल योजना की धीमी गति पर जताई नाराजगी
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जिले की सभी ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लागू हर घर नल योजना के क्रियान्वयन की धीमी गति पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने मिट्टी की सैंपलिंग कर रही संस्थाओं को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में सीडीओ ने कहा कि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्घ कराने के लिए हर घर नल योजना की शुरुआत की गई है। इससे हर व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब तक कार्यदायी फर्मों द्वारा कार्य में शिथिलिता बरती जा रही है।
मिट्टी की सैंपलिंग का कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जल्द से जल्द काम शुरू किया जाए। मौके पर तत्काल मशीनरी भेजी जाए। सीडीओ ने परियोजना निदेशक डीआरडी भाल चन्द्र त्रिपाठी को निर्देशित किया कि वह विभिन्न विभागों के अवर अभियंताओं को नामित करते हुए निर्माण की प्रगति की जांच कराएं। अगर काम शुरू नहीं होता है तो फिर संबंधित संस्था पर जुर्माना लगाया जाए। जल निगम के अधिशासी अभियंता मोहम्मद इमरान ने बताया कि बैठक में 170 करोड़ की लागत वाली 72 डीपीआर प्रस्तुत की गईं हैं। 131 डीपीआर पहले ही शासन में भेजी जा चुकी हैं। इनमें 115 की स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण कार्य में लगीं फर्म आयन एक्सचेंज एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर आकाश गोयल ने बताया कि जिले के 69 गांव में मिट्टी की जांच पूरी हो चुकी है।
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मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में सीडीओ ने कहा कि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्घ कराने के लिए हर घर नल योजना की शुरुआत की गई है। इससे हर व्यक्ति को स्वच्छ पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब तक कार्यदायी फर्मों द्वारा कार्य में शिथिलिता बरती जा रही है।
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मिट्टी की सैंपलिंग का कार्य बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जल्द से जल्द काम शुरू किया जाए। मौके पर तत्काल मशीनरी भेजी जाए। सीडीओ ने परियोजना निदेशक डीआरडी भाल चन्द्र त्रिपाठी को निर्देशित किया कि वह विभिन्न विभागों के अवर अभियंताओं को नामित करते हुए निर्माण की प्रगति की जांच कराएं। अगर काम शुरू नहीं होता है तो फिर संबंधित संस्था पर जुर्माना लगाया जाए। जल निगम के अधिशासी अभियंता मोहम्मद इमरान ने बताया कि बैठक में 170 करोड़ की लागत वाली 72 डीपीआर प्रस्तुत की गईं हैं। 131 डीपीआर पहले ही शासन में भेजी जा चुकी हैं। इनमें 115 की स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण कार्य में लगीं फर्म आयन एक्सचेंज एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर आकाश गोयल ने बताया कि जिले के 69 गांव में मिट्टी की जांच पूरी हो चुकी है।
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