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अलीगढ़ः मां के सामने मौत के आगोश में समा गया मासूम
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : CITY OFFICE
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रेलवे जंक्शन पर हुए दर्दनाक हादसे में मां-बेटे समेत तीन की मौत जरा सी लापरवाही के चलते हुई। परिवार के सभी सदस्य पहले प्लेटफार्म पांच पर फुट ओवर ब्रिज पर चढ़ ही रहे थे कि अचानक ट्रैक से जाने का फैसला कर लिया। 100 की रफ्तार से आई नॉन स्टॉप विक्रमशिला एक्सप्रेस की चपेट में आने से शहाना परवीन (28) पत्नी अजीम, उसके 18 माह के बेटे अल्फेस और पांच साल के भांजे सुबहान पुत्र इस्तियाक की मौत हो गई। परिवार की जरा सी लापरवाही ताला कारीगर अजीम को जीवनभर का दर्द दे गई। वहीं, मां यास्मीन की आंखों के सामने पांच साल के बेटे सुबहान की मौत ने उन्हें बदहवास कर दिया है।
अजीम पेशे से ताला कारीगर है। पत्नी शहाना परवीन और अल्फेस के साथ हंसी-खुशी जिंदगी बिता रहा था। अजीम ने बताया कि उसकी शादी को करीब तीन साल हुए थे। पत्नी और उसका बेटा में उसका पूरा संसार थे। मगर, पलभर में उसके जीवन के सभी रंग बिखर गए। इधर, सुबहान तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। उसकी मां यास्मीन भी हादसे के समय प्लेटफार्म पर ही मौजूद थीं। मां के साथ छोटी बेटी शिदरा (3) और बड़ा बेटा अयान (14) भी था। तीनों के सामने सुबहान भी मौत के आगोश में समा गया। थोड़ी देर तक तो सभी बदहवास हालत में आ गए। इसके बाद चीखपुकार मच गई। सुबहान के पिता को फोन पर यह सूचना बड़े बेटे अयान द्वारा दी गई तो उन्हें भी पलभर के लिए भरोसा नहीं हुआ। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सभी परिवार वालों की आंखों से आंसुओं का सैलाब बहने लगा। अजीम अपने बेटे और पत्नी के शव से लिपटकर रोने लगे। उनका करुण क्रंदन सभी की आंखें नम कर रहा था।
लाखों रुपये से बनीं लिफ्ट है बंद
रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म दो और तीन/चार पर दो साल पहले लाखों रुपये से लिफ्ट बनाई गईं। मगर, ये लिफ्ट पिछली साल कोरोना की पहली लहर के दौरान बंद कर दी गईं। इसके बाद अभी तक इन लिफ्ट को शुरू नहीं किया गया है। इसके चलते लोग फुटओवर ब्रिज के बजाय पटरियों को पार कर प्लेटफार्म पर जाते-आते हैं। यह लापरवाही कई बार यात्रियों को भारी पड़ चुकी है। अधिकारियों के संज्ञान में इस बात को आरपीएफ और जीआरपी की ओर से लाया गया है। मगर, अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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अजीम पेशे से ताला कारीगर है। पत्नी शहाना परवीन और अल्फेस के साथ हंसी-खुशी जिंदगी बिता रहा था। अजीम ने बताया कि उसकी शादी को करीब तीन साल हुए थे। पत्नी और उसका बेटा में उसका पूरा संसार थे। मगर, पलभर में उसके जीवन के सभी रंग बिखर गए। इधर, सुबहान तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। उसकी मां यास्मीन भी हादसे के समय प्लेटफार्म पर ही मौजूद थीं। मां के साथ छोटी बेटी शिदरा (3) और बड़ा बेटा अयान (14) भी था। तीनों के सामने सुबहान भी मौत के आगोश में समा गया। थोड़ी देर तक तो सभी बदहवास हालत में आ गए। इसके बाद चीखपुकार मच गई। सुबहान के पिता को फोन पर यह सूचना बड़े बेटे अयान द्वारा दी गई तो उन्हें भी पलभर के लिए भरोसा नहीं हुआ। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सभी परिवार वालों की आंखों से आंसुओं का सैलाब बहने लगा। अजीम अपने बेटे और पत्नी के शव से लिपटकर रोने लगे। उनका करुण क्रंदन सभी की आंखें नम कर रहा था।
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लाखों रुपये से बनीं लिफ्ट है बंद
रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म दो और तीन/चार पर दो साल पहले लाखों रुपये से लिफ्ट बनाई गईं। मगर, ये लिफ्ट पिछली साल कोरोना की पहली लहर के दौरान बंद कर दी गईं। इसके बाद अभी तक इन लिफ्ट को शुरू नहीं किया गया है। इसके चलते लोग फुटओवर ब्रिज के बजाय पटरियों को पार कर प्लेटफार्म पर जाते-आते हैं। यह लापरवाही कई बार यात्रियों को भारी पड़ चुकी है। अधिकारियों के संज्ञान में इस बात को आरपीएफ और जीआरपी की ओर से लाया गया है। मगर, अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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