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अलीगढ़ः तीनों कृषि कानून वापस लो या गद्दी छोड़ो मोदी
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जिले में सोमवार को मोदी गद्दी छोड़ो का नारा बुलंद हुआ। नौ अगस्त को अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के संघर्ष को याद करते हुए किसान संगठनों ने मांग की कि तीनों कृषि कानून वापस लो या फिर मोदी गद्दी छोड़ दो। पान दरीबा में हुई संयुक्त किसान मोर्चा की प्रतिरोध सभा में किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार 600 किसानों की पिछले नौ महीने की शहादत को नजरअंदाज कर रही है। इसका बदला देश का किसान व मजदूर इनका गांव-गांव बहिष्कार कर लेगा।
प्रो सुहेब शेरवानी ने कहा कि किसान आंदोलन केवल किसानों का नहीं, बल्कि अब जन आंदोलन बन चुका है। भाकियू अंबावता के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी नहीं होती है तो मोदी गद्दी छोड़ें। किसान सभा के ऐहतशाम बेग ने कहा कि किसानों को देशद्रोही और विदेशी ताकतों का एजेंट बताने वाली सरकार अपने गिरेबान में झांके। भाकियू महाशक्ति के सुरेश चंद्र गांधी ने योगी सरकार के अन्न महोत्सव को चुनावी ड्रामा बताया। अध्यक्षता करते हुए भाकियू टिकैत के चौ. नवाब सिंह ने कहा कि किसान व मजदूर आज भी पूंजीपतियों का गुलाम है। पिछले नौ महीने से चल रहा ऐतिहासिक आंदोलन कारपोरेट से आजादी की जंग है। किसान सभा के सूरजपाल उपाध्याय ने सभी संगठनों से संयुक्त किसान मोर्चा की सितंबर माह में संभल और मुज्जफरनगर की रैली को सफल बनाने के लिए गांव-गांव प्रचार करने की अपील की।
इस मौके पर किसान सभा के इदरीश मोहम्मद, बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के सोरन सिंह, युवा महिला किसान प्रीति, श्रमिक वीरेंद्र सिंह, कामरेड इकबाल मंद, हाथरस से बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के अध्यक्ष रमेशचंद्र विद्रोही, गोकुल, करन, चौधरी गजेंद्र सिंह, भाकियू हरपाल के राष्ट्रीय सचिव रामबाबू चौहान, प्रदेश सचिव हरेंद्र सिंह चौधरी, यूपीएमसीआरए के राजकुमार शर्मा, एआईएसएफ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र आर्य, वीरेंद्र सिंह, निर्माण श्रमिक संगठन के जेके शर्मा, पवन, हरीपाल, लक्ष्मी सिंह, जुगेंद्र सिंह, हाकिम सिंह, सुरेश, रामवीर सिंह, डा सत्येंद्र पाल सिंह, महेश चौधरी, सत्य प्रकाश आदि उपस्थित थे। संचालन मोर्चा संयोजक शशिकांत ने किया।
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प्रो सुहेब शेरवानी ने कहा कि किसान आंदोलन केवल किसानों का नहीं, बल्कि अब जन आंदोलन बन चुका है। भाकियू अंबावता के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी नहीं होती है तो मोदी गद्दी छोड़ें। किसान सभा के ऐहतशाम बेग ने कहा कि किसानों को देशद्रोही और विदेशी ताकतों का एजेंट बताने वाली सरकार अपने गिरेबान में झांके। भाकियू महाशक्ति के सुरेश चंद्र गांधी ने योगी सरकार के अन्न महोत्सव को चुनावी ड्रामा बताया। अध्यक्षता करते हुए भाकियू टिकैत के चौ. नवाब सिंह ने कहा कि किसान व मजदूर आज भी पूंजीपतियों का गुलाम है। पिछले नौ महीने से चल रहा ऐतिहासिक आंदोलन कारपोरेट से आजादी की जंग है। किसान सभा के सूरजपाल उपाध्याय ने सभी संगठनों से संयुक्त किसान मोर्चा की सितंबर माह में संभल और मुज्जफरनगर की रैली को सफल बनाने के लिए गांव-गांव प्रचार करने की अपील की।
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इस मौके पर किसान सभा के इदरीश मोहम्मद, बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के सोरन सिंह, युवा महिला किसान प्रीति, श्रमिक वीरेंद्र सिंह, कामरेड इकबाल मंद, हाथरस से बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के अध्यक्ष रमेशचंद्र विद्रोही, गोकुल, करन, चौधरी गजेंद्र सिंह, भाकियू हरपाल के राष्ट्रीय सचिव रामबाबू चौहान, प्रदेश सचिव हरेंद्र सिंह चौधरी, यूपीएमसीआरए के राजकुमार शर्मा, एआईएसएफ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र आर्य, वीरेंद्र सिंह, निर्माण श्रमिक संगठन के जेके शर्मा, पवन, हरीपाल, लक्ष्मी सिंह, जुगेंद्र सिंह, हाकिम सिंह, सुरेश, रामवीर सिंह, डा सत्येंद्र पाल सिंह, महेश चौधरी, सत्य प्रकाश आदि उपस्थित थे। संचालन मोर्चा संयोजक शशिकांत ने किया।
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