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अलीगढ़ः पूर्व जिपं अध्यक्ष तेजवीर गुड्डू के दोनों बेटे जमानत पर रिहा
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शहर के नामचीन कारोबारी की कार पर अपनी थार गाड़ी से हमले की घटना के बाद जेल गए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू के दोनों बेटे दीपक व कार्तिक शुक्रवार देर शाम रिहा हो गए। उन्हें हमला व गैंगेस्टर सहित चार अलग-अलग मामलों में जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया है। हालांकि, इसी गैंगेस्टर में उनके पिता की जमानत अर्जी अभी हाईकोर्ट में लंबित है और वे बुलंदशहर जिला कारागार में निरुद्ध हैं। यह रिहाई सात महीने बाद हुई है।
यह वाकया जनवरी माह का है, जब शहर के नामचीन कारोबारी अपनी लैंबॉरगिनी कार से सेंटर प्वाइंट आए थे। तभी तेजवीर सिंह गुड्डू के पूर्व जिला पंचायत सदस्य बेटे दीपक चौधरी से कार आगे पीछे करने पर विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान हुई धक्का मुक्की हाथापाई के बाद कारोबारी जब अपने घर के लिए चले तो दीपक व उसके छोटे भाई कार्तिक ने साथियों संग मिलकर अपनी थार से पीछा कर उनकी गाड़ी को आगरा रोड पर टक्कर मारकर हमला किया। घटना सीसीटीवी में कैद हुई। इसके आधार पर मडराक में दीपक, कार्तिक के अलावा उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
इस मामले दीपक को गिरफ्तार किया था, जबकि कार्तिक ने न्यायालय में सरेंडर किया था। इसी बीच पुलिस ने इनके पिता सहित तीनों पर सिविल लाइंस में दर्ज जमीन की धोखाधड़ी के एक मुकदमे को आधार बनाकर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की और इनके पिता को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पिता तभी से बुलंदशहर जेल में हैं। तेजवीर सिंह गुड्डू के अधिवक्ता प्रताप सिंह राघव के अनुसार दीपक व कार्तिक की चार मामलों में जमानत मंजूर कराई गई है। इनमें एक मामला मडराक में दर्ज हमले का, दूसरा सिविल लाइंस की धोखाधड़ी का है और तीसरा गैंगेस्टर एक्ट का है। इसके अलावा चौथा मामला सिविल लाइंस की उसी संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी का है, जिसमें पूर्व में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। मगर तीनों के जेल जाने के बाद उसे पुन: विवेचना में लाकर इनके वारंट बनवाए थे। इस तरह चारों मुकदमों में जमानत होने के बाद शुक्रवार देर शाम दोनों बेटों को रिहा कर दिया गया। इधर, गुड्डू की जमानत अभी हाईकोर्ट में लंबित है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव निपटते ही रिहाई शुरू
जिस वक्त दोनों बेटों के जेल जाने के बाद फरवरी माह में तेजवीर सिंह गुड्डू को गिरफ्तार किया गया था। उसी समय गुड्डू ने पुलिस अभिरक्षा में जेल जाते समय मीडिया से बातचीत में यह कहा था कि यह सब राजनीतिक साजिश के तहत हो रहा है। चूंकि वे और उनका परिवार जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे थे। इसलिए साजिश रचकर एक घटना को आधार बनाकर गैंगेस्टर एक्ट में जमीनी धोखाधड़ी के ऐसे मुकदमे में कार्रवाई की गई, जिसकी सच्चाई अभी पुलिस भी नहीं जान पाई है। इधर, अब अध्यक्ष पद का चुनाव निपटने के बाद दोनों बेटों की रिहाई गुड्डू के उसी बयान की ओर इशारा कर रही है। बता दें कि तेजवीर सिंह खुद एक बार अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष के एक चुनाव में उनके समर्थन से खड़ी की गई उनके नौकर परिवार की महिला हारी थी। पिछला चुनाव भी सपा से टिकट कटने के बाद वे नहीं लड़ पाए थे। इस बार उन्होंने पूरे दमखम से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी।
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यह वाकया जनवरी माह का है, जब शहर के नामचीन कारोबारी अपनी लैंबॉरगिनी कार से सेंटर प्वाइंट आए थे। तभी तेजवीर सिंह गुड्डू के पूर्व जिला पंचायत सदस्य बेटे दीपक चौधरी से कार आगे पीछे करने पर विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान हुई धक्का मुक्की हाथापाई के बाद कारोबारी जब अपने घर के लिए चले तो दीपक व उसके छोटे भाई कार्तिक ने साथियों संग मिलकर अपनी थार से पीछा कर उनकी गाड़ी को आगरा रोड पर टक्कर मारकर हमला किया। घटना सीसीटीवी में कैद हुई। इसके आधार पर मडराक में दीपक, कार्तिक के अलावा उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
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इस मामले दीपक को गिरफ्तार किया था, जबकि कार्तिक ने न्यायालय में सरेंडर किया था। इसी बीच पुलिस ने इनके पिता सहित तीनों पर सिविल लाइंस में दर्ज जमीन की धोखाधड़ी के एक मुकदमे को आधार बनाकर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की और इनके पिता को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पिता तभी से बुलंदशहर जेल में हैं। तेजवीर सिंह गुड्डू के अधिवक्ता प्रताप सिंह राघव के अनुसार दीपक व कार्तिक की चार मामलों में जमानत मंजूर कराई गई है। इनमें एक मामला मडराक में दर्ज हमले का, दूसरा सिविल लाइंस की धोखाधड़ी का है और तीसरा गैंगेस्टर एक्ट का है। इसके अलावा चौथा मामला सिविल लाइंस की उसी संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी का है, जिसमें पूर्व में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। मगर तीनों के जेल जाने के बाद उसे पुन: विवेचना में लाकर इनके वारंट बनवाए थे। इस तरह चारों मुकदमों में जमानत होने के बाद शुक्रवार देर शाम दोनों बेटों को रिहा कर दिया गया। इधर, गुड्डू की जमानत अभी हाईकोर्ट में लंबित है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव निपटते ही रिहाई शुरू
जिस वक्त दोनों बेटों के जेल जाने के बाद फरवरी माह में तेजवीर सिंह गुड्डू को गिरफ्तार किया गया था। उसी समय गुड्डू ने पुलिस अभिरक्षा में जेल जाते समय मीडिया से बातचीत में यह कहा था कि यह सब राजनीतिक साजिश के तहत हो रहा है। चूंकि वे और उनका परिवार जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे थे। इसलिए साजिश रचकर एक घटना को आधार बनाकर गैंगेस्टर एक्ट में जमीनी धोखाधड़ी के ऐसे मुकदमे में कार्रवाई की गई, जिसकी सच्चाई अभी पुलिस भी नहीं जान पाई है। इधर, अब अध्यक्ष पद का चुनाव निपटने के बाद दोनों बेटों की रिहाई गुड्डू के उसी बयान की ओर इशारा कर रही है। बता दें कि तेजवीर सिंह खुद एक बार अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष के एक चुनाव में उनके समर्थन से खड़ी की गई उनके नौकर परिवार की महिला हारी थी। पिछला चुनाव भी सपा से टिकट कटने के बाद वे नहीं लड़ पाए थे। इस बार उन्होंने पूरे दमखम से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी।