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सामुदायिक शौचालय व्यवस्था भगवान भरोसे
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खुले में शौच रोकने के लिए सरकार सामुदायिक शौचालयों की व्यवस्था पर जोर दे रही है, दूसरी ओर अलीगढ़ में यह व्यवस्था भगवान भरोसे है। अब तक लक्ष्य के अनुरूप सामुदायिक शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। कार्रवाई से बचने के लिए अधबने शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूहों को दे दी गई है। जबकि खैर एवं बिजौली में तो समूहों का गठन तक नहीं हुआ है।
सामुदायिक शौचालय निर्माण के मामले में पूर्व में प्रदेश के दूसरे नंबर के जिले अलीगढ़ में अभी भी यह व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। कागजी आंकड़ों से अलग हकीकत यह है कि शौचालय निर्माण का लक्ष्य अब तक अधूरा है। 887 सामुदायिक शौचालय बनाने के दावों के विपरीत अब तक 692 शौचालय ही पूर्ण हो सके हैं। उच्चाधिकारियों के दबाव में 29 अधबने शौचालय समूह की महिलाओं के हवाले किये गए हैं। इनमें से कई बंद हैं तो कई उपयोग करने योग्य ही नहीं हैं। एक स्वयं सहायता समूह की महिला ने बताया कि हम पर ग्रामीणों और अफसरों का बेहद दबाव है, लेकिन अधबने शौचालय का संचालन कैसे करें? जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने स्वीकार किया कि वर्तमान में 692 सामुदायिक शौचालय ही पूर्ण हो सके हैं। शेष शौचालयों को 30 जुलाई तक पूर्ण कराने के आदेश दिए गए हैं।
खैर व बिजौली में नहीं है एक भी समूह
अलीगढ़। खैर एवं बिजौली में एक भी स्वयं सहायता समूह का गठन नहीं हुआ है। इस वजह से वहां बने सामुदायिक शौचालयों के संचालन को लेकर कठिनाइयां आ रही हैं। डीपीआरओ ने बताया कि खैर व बिजौली में स्वयं सहायता समूहों का गठन करने के लिये इच्छुक समूहों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही समूहों का गठन कर उनसे सामुदायिक शौचालयों का संचालन कराया जाएगा।
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सामुदायिक शौचालय निर्माण के मामले में पूर्व में प्रदेश के दूसरे नंबर के जिले अलीगढ़ में अभी भी यह व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। कागजी आंकड़ों से अलग हकीकत यह है कि शौचालय निर्माण का लक्ष्य अब तक अधूरा है। 887 सामुदायिक शौचालय बनाने के दावों के विपरीत अब तक 692 शौचालय ही पूर्ण हो सके हैं। उच्चाधिकारियों के दबाव में 29 अधबने शौचालय समूह की महिलाओं के हवाले किये गए हैं। इनमें से कई बंद हैं तो कई उपयोग करने योग्य ही नहीं हैं। एक स्वयं सहायता समूह की महिला ने बताया कि हम पर ग्रामीणों और अफसरों का बेहद दबाव है, लेकिन अधबने शौचालय का संचालन कैसे करें? जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने स्वीकार किया कि वर्तमान में 692 सामुदायिक शौचालय ही पूर्ण हो सके हैं। शेष शौचालयों को 30 जुलाई तक पूर्ण कराने के आदेश दिए गए हैं।
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खैर व बिजौली में नहीं है एक भी समूह
अलीगढ़। खैर एवं बिजौली में एक भी स्वयं सहायता समूह का गठन नहीं हुआ है। इस वजह से वहां बने सामुदायिक शौचालयों के संचालन को लेकर कठिनाइयां आ रही हैं। डीपीआरओ ने बताया कि खैर व बिजौली में स्वयं सहायता समूहों का गठन करने के लिये इच्छुक समूहों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही समूहों का गठन कर उनसे सामुदायिक शौचालयों का संचालन कराया जाएगा।
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