फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh news

अपनों के आने का इंतजार कर रहे 90 अस्थि कलश

Mon, 14 Jun 2021 01:16 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 01:16 AM IST
विज्ञापन
Aligarh news
राजा तिवारी
विज्ञापन

अप्रैल और मई महीने में नुमाइश श्मशान स्थल में हुए तकरीबन 418 अंतिम संस्कारों में से 90 लोगों के अस्थि कलश इन दिनों अपनों के आने का इंतजार कर रहे हैं। अगर परिजन नुमाइश श्मशान स्थल नहीं पहुंचते हैं तो मानव उपकार सामाजिक संस्था मजबूरन 100 दिन बाद 20 सितंबर से शुरू हो रहे पितृपक्ष में अस्थियों का विसर्जन करेगी।
नुमाइश श्मशान स्थल पर मानव उपकार सामाजिक संस्था द्वारा अंतिम संस्कार किया जाता है। मई और अप्रैल महीने में कोरोना के खौफ की वजह से परिजनों के शव उठाने से अपनों ने भी हाथ जोड़ लिए थे। जिनका अंतिम संस्कार भी मानव उपकार सामाजिक संस्था ने किया था। जब शवों को परिजन और उनके रिश्तेदारों ने नहीं उठाया तो संस्था के कर्मचारियों ने ही शवों को श्मशान स्थल तक पहुंचाया। मानव उपकार सामाजिक संस्था के कर्मचारी नूतन राजपूत ने बताया कि तकरीबन 40 लोगों ने फोन कर कहा कि अस्थियां संभाल कर रख दो, हम बाद में ले जाएंगे। जो अभी तक अस्थियां लेने नहीं आए हैं। जबकि 50 शव ऐसे भी थे, जिनके परिजनों ने अंतिम संस्कार नहीं किया अथवा अंतिम संस्कार के बाद अस्थियां चुनने श्मशान स्थल आना उचित नहीं समझा। ऐसे में इन 50 शवों की अस्थियों को भी श्मशान स्थल में बनीं रैक में रख दिया गया है। 90 अस्थि कलश की क्षमता वाली रैक अब पूरी तरह भर चुकी है। अगर कोई लावारिस शव मिल जाए तो खाली रैक भी नहीं मिलेगी। कोरोना कर्फ्यू खुल चुका है, लेकिन अभी तक श्मशान स्थल में रखे 90 अस्थि कलश अपनों का इंतजार कर रहे हैं। अगर लोग अस्थियां लेने नहीं पहुंचते हैं तो 20 सितंबर से शुरू हो रहे श्राद्ध पक्ष में मानव उपकार सामाजिक संस्था अस्थियों का विसर्जन करेगी।
विज्ञापन

5165 अस्थियों का विसर्जन कर चुकी है मानव उपकार संस्था
संस्थाध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने बताया कि संस्था की तरफ से विभिन्न तीर्थों में जाकर 5165 लोगों की अस्थियों का विसर्जन किया है। जबकि लावारिस मुस्लिम शवों के अंतिम संस्कार के बाद कुरान ख्वानी भी आयोजन करवाते हैं। हर साल पितृपक्ष में लावारिस अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित करते हैं। वर्ष 2020 में तकरीबन 178 लोगों की अस्थियों का अंतिम संस्कार भी संस्था ने किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि छह अप्रैल से लेकर मई महीने के अंत तक तकरीबन 418 शव नुमाइश श्मशान स्थल में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे, जबकि पिछले एक साल में 160 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया है। 18 निराश्रित शवों के अंतिम संस्कार में सहयोग किया है। 470 पार्थिव शरीर को घर से श्मशान और कब्रिस्तान तक पहुंचाया गया। 384 घरों में डीप फ्रीजर की सुविधा उपलब्ध कराई गई। 58 लोगों के शवों को बस के द्वारा गंगाघाट पर पहुंचाया गया। इस बीच संस्था के कुछ सदस्य कोरोना के चलते दूर भी हो गए। अस्थि विसर्जन की शुरुआत राजघाट से की थी। इसके बाद बनारस, हरिद्वार, अयोध्या, इलाहाबाद, सोरों, चित्रकूट, उज्जैन, गया, गंगासागर, द्वारिका, रामेश्वरम, अनूप शहर, गढ़ मुक्तेश्वर में हिंदु रीति रिवाजों के हिसाब से अस्थि विसर्जन किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed