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सरकार, मेरा तो छिन गया सहारा
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शिक्षक दिलावर सिंह की मौत से पत्नी प्रीती देवी टूट चुकी हैं। प्रीती कहती हैं कि कोरोना की भेंट उनके पति चढ़ गए हैं। ऐसे में परिवार का सहारा छिन गया है। अब उनके कंधों पर चार बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई है।
मलिक चौराहा मेलरोज बाईपास निवासिनी प्रीती देवी ने बताया कि उनके पति दिलावर सिंह की विकासखंड बिजौली के प्राथमिक विद्यालय पालीमुकीमपुर में बतौर सहायक अध्यापक की तैनाती थी। उन्होंने कहा कि पति की पंचायत चुनाव व मतगणना में ड्यूटी थी। इसके बाद उनकी तबियत खराब हो गई।
कुछ दिन तक घर पर इलाज चला। हालत खराब होने पर 29 अप्रैल-2021 को पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां 30 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। वह कोविड-19 वायरस के संक्रमण से जूझ रहे थे। करीब तीन महीने पहले लखीमपुर से स्थानांतरित होकर अलीगढ़ आए थे। प्रीती ने कहा कि वह सरकार से मांग करती हैं कि उन्हें आर्थिक सहायता के अलावा नौकरी मिल जाए, जिससे वह चार बेटियों का पालन-पोषण अच्छी तरह से कर सकें।
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मलिक चौराहा मेलरोज बाईपास निवासिनी प्रीती देवी ने बताया कि उनके पति दिलावर सिंह की विकासखंड बिजौली के प्राथमिक विद्यालय पालीमुकीमपुर में बतौर सहायक अध्यापक की तैनाती थी। उन्होंने कहा कि पति की पंचायत चुनाव व मतगणना में ड्यूटी थी। इसके बाद उनकी तबियत खराब हो गई।
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कुछ दिन तक घर पर इलाज चला। हालत खराब होने पर 29 अप्रैल-2021 को पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां 30 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। वह कोविड-19 वायरस के संक्रमण से जूझ रहे थे। करीब तीन महीने पहले लखीमपुर से स्थानांतरित होकर अलीगढ़ आए थे। प्रीती ने कहा कि वह सरकार से मांग करती हैं कि उन्हें आर्थिक सहायता के अलावा नौकरी मिल जाए, जिससे वह चार बेटियों का पालन-पोषण अच्छी तरह से कर सकें।
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