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जिले की जनता पर पुलिस से 12 गुना अधिक हथियार

Thu, 08 Apr 2021 01:25 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Apr 2021 01:25 AM IST
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Aligarh news
यह सुनने में जरूर अटपटा लगेगा कि पुलिस से 12 गुना ज्यादा हथियार जिले की जनता के पास हैं। मगर, यह सच्चाई है। अलीगढ़ में वर्तमान में 37587 लाइसेंसी हथियार धारक हैं, जबकि पुलिस महकमे की बात की जाए तो जिले में पुलिस में करीब 3500 अधिकारी-कर्मचारी हैं। इनमें से 200 जवान आर्म्स पुलिस यानी हथियारबंद पुलिस के हैं। इनके पास जरूर शत-प्रतिशत हथियार होते हैं। मगर, जिले की बाकी करीब 3300 सिविल पुलिस के पास अपनी संख्या के एक तिहाई हथियार का मानक है। इसके अलावा 500 के करीब हथियार जिले की पुलिस लाइन में रिजर्व में रहते हैं, जिन्हें आपात स्थिति में काम में लाया जा सकता है। इन सबको मिलाकर करीब पुलिस के पास तीन हजार हथियार हैं।
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त्रिस्तरीय चुनाव में सुरक्षा को लेकर तगड़ी कवायद
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। पुलिस-प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस चुका है। लाइसेंसी हथियार धारकों से उनके हथियार जमा कराए जा रहे हैं। जिले में 37587 लाइसेंसी हथियार धारक हैं। इनमें से अभी तक सिर्फ 60 प्रतिशत ने ही हथियार जमा किए हैं। अभी भी 17 हजार हथियार अभी भी जिले की जनता के पास ही हैं। पुलिस-प्रशासन इनको जमा कराने के लिए लगातार जोर दे रहा है। अलीगढ़ में 29 अप्रैल को मतदान है। 21 अप्रैल को चुनाव चिन्ह मिलने के बाद से प्रचार शुरू हो जाएगा। प्रचार के दौरान प्रत्याशी आपस में कोई झगड़ा, बवाल न खड़ा कर बैठें, इस दौरान किसी भी प्रकार से हथियारों का इस्तेमाल न हो जाए। इसके लिए 20 अप्रैल तक हथियार जमा कराने तक जमा कराने का निर्देश है।
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पुलिस के एक जवान पर 1050 लोगों की सुरक्षा का जिम्मा
अलीगढ़ जिले की आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक 3673889 है। इसके अनुपात में यहां 3500 के करीब पुलिसकर्मी हैं। यानी एक पुलिसकर्मी पर 1050 के करीब लोगों की सुरक्षा का जिम्मा है। अलीगढ़ जैसे संवेदनशील शहर में एक पुलिसकर्मी पर इतने अधिक लोगों की सुरक्षा का जिम्मा बहुत बड़ा काम है। पुलिस महकमे से लगातार कर्मियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा है। मगर, इसको सत्ता सुनने को तैयार नहीं होती। अकसर लगने वाले स्वास्थ्य परीक्षण में अधिकांश पुलिसकर्मी हाइपरटेंशन, अनिद्रा, मोटापा, शुगर जैसी बीमारियों के शिकार पाए जाते हैं।
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- जनता को हथियार का लाइसेंस आत्मरक्षा के लिए जारी होता है। इसका हर्ष फायरिंग, शो-बाजी करना प्रतिबंधित होता है। यह सही बात है कि पुलिस के अनुपात में जनता के पास अधिक हथियार होते हैं। अब अपराधियों के परिवारों के हथियार लाइसेंस निरस्त करने के लिए ऑपरेशन निहत्था भी शुरू किया है।

- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
जनता को लाइसेंस जारी करने की कुछ शर्तें होती हैं। अगर, कोई व्यक्ति उन शर्तों पर पात्र पाया जाता है तो उसे लाइन से जारी किया जाता है। अगर, लाइसेंसी हथियार से कोई अपराध या अन्य अवैध/प्रतिबंधित गतिविधि होती है तो संबंधित लाइसेंसी दंड देने व उसके लाइसेंस को निरस्त कर हथियार सीज करने की कार्रवाई होती है।
-चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
ये है आंकड़ा
- जिले की कुल आबादी में से 37587 लोग हैं शस्त्र धारक
- 3500 है पुलिस की संख्या, इनमें 200 हैं हथियारबंद जवान
- 3300 करीब सिविल पुलिस के मिलते एक तिहाई हथियार
- आपात स्थिति के लिए 500 के करीब लाइन में रिजर्व हथियार
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