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11 महीने बाद भी क्वार्सी बाईपास नाले पर नहीं हुई बैरीकेडिंग
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राज्यपाल के आने को लेकर कुलदीप विहार मोड पर नाले की सफाई करते नगर कर्मी।
- फोटो : CITY OFFICE
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अभिषेक शर्मा
बात ज्यादा नहीं सिर्फ 11 महीने पुरानी है, जिसे जिला प्रशासन भले ही भूल गया हो। मगर, परिवार व शताब्दी नगर इलाके के लोग कतई नहीं भूले। शहर के क्वार्सी बाईपास स्थित शताब्दी नगर मोड़ पर 15 फरवरी 2020 की सुबह कार सहित नाले में समाए तीन सेवानिवृत्त बैंक अफसरों की मौत हो गई थी। मंगलवार को राज्यपाल के आगमन से ऐन पहले इस नाले पर नगर निगम का पूरा अमला गंदगी हटाने में जुटा रहा। मगर, इस 11 महीने में किसी का ध्यान नाले की बैरीकेडिंग कराने पर नहीं गया। आए दिन इस नाले पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। क्षेत्र के भाजपा विधायक तक के स्तर से उठाई गई आवाज दबकर रह गई। देर शाम जब शहर में प्रवेश के बाद राज्यपाल का काफिला इस बाईपास से होकर सर्किट हाउस पहुंचा तो शताब्दी नगर के मोड़ पर खड़े लोगों ने यह मुद्दा फिर उछाला।
वाकया सभी को याद है। शताब्दी नगर कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त बैंक अफसर नंदन सिंह अधिकारी, बनवारी लाल, लाल सिंह तीनों दोस्त कार सीखने जाते थे। सुबह वे कार से तालानगरी जाते थे। घटना वाली सुबह जैसे ही वे शताब्दी नगर से बाईपास पर आए तो सामने से एक स्कूली बस को बचाने के फेर में उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर नाले में घुस गई और तीनों की मौत हो गई। इलाके के लोगों की मांग पर क्षेत्र के भाजपा विधायक अनिल पाराशर ने स्थानीय अफसरों के सामने मुद्दा रखा। जिले के नोडल अफसर पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को भी अवगत कराया। शासन में भी बात रखी गई कि इस एटा चुंगी से लेकर क्वार्सी तक नाले पर कमालपुर बाईपास की तरह बैरीकेडिंग की जाए। उस समय मचे शोर पर पीडब्ल्यूडी ने जगह-जगह लोहे के ड्रम गढ़वाकर खानापूर्ति कर ली। मगर हादसे अभी तक नहीं रुके हैं। इधर, सोमवार शाम से ही इस पूरे बाईपास पर नाले की गंदगी साफ करने के लिए छह-छह जेसीबी मशीनें चल रही थीं। लोग समझ नहीं पाए। देर शाम जब राज्यपाल का काफिला यहां से निकला तो पता चला कि इस वजह से नाला साफ हो रहा था। तभी लोगों ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि दिखाने को नाला साफ करवा दिया। लोगों को मौत से मुंह से बचाने के लिए इस नाले पर बैरीकेडिंग कब बनेगी।
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बात ज्यादा नहीं सिर्फ 11 महीने पुरानी है, जिसे जिला प्रशासन भले ही भूल गया हो। मगर, परिवार व शताब्दी नगर इलाके के लोग कतई नहीं भूले। शहर के क्वार्सी बाईपास स्थित शताब्दी नगर मोड़ पर 15 फरवरी 2020 की सुबह कार सहित नाले में समाए तीन सेवानिवृत्त बैंक अफसरों की मौत हो गई थी। मंगलवार को राज्यपाल के आगमन से ऐन पहले इस नाले पर नगर निगम का पूरा अमला गंदगी हटाने में जुटा रहा। मगर, इस 11 महीने में किसी का ध्यान नाले की बैरीकेडिंग कराने पर नहीं गया। आए दिन इस नाले पर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। क्षेत्र के भाजपा विधायक तक के स्तर से उठाई गई आवाज दबकर रह गई। देर शाम जब शहर में प्रवेश के बाद राज्यपाल का काफिला इस बाईपास से होकर सर्किट हाउस पहुंचा तो शताब्दी नगर के मोड़ पर खड़े लोगों ने यह मुद्दा फिर उछाला।
वाकया सभी को याद है। शताब्दी नगर कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त बैंक अफसर नंदन सिंह अधिकारी, बनवारी लाल, लाल सिंह तीनों दोस्त कार सीखने जाते थे। सुबह वे कार से तालानगरी जाते थे। घटना वाली सुबह जैसे ही वे शताब्दी नगर से बाईपास पर आए तो सामने से एक स्कूली बस को बचाने के फेर में उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर नाले में घुस गई और तीनों की मौत हो गई। इलाके के लोगों की मांग पर क्षेत्र के भाजपा विधायक अनिल पाराशर ने स्थानीय अफसरों के सामने मुद्दा रखा। जिले के नोडल अफसर पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को भी अवगत कराया। शासन में भी बात रखी गई कि इस एटा चुंगी से लेकर क्वार्सी तक नाले पर कमालपुर बाईपास की तरह बैरीकेडिंग की जाए। उस समय मचे शोर पर पीडब्ल्यूडी ने जगह-जगह लोहे के ड्रम गढ़वाकर खानापूर्ति कर ली। मगर हादसे अभी तक नहीं रुके हैं। इधर, सोमवार शाम से ही इस पूरे बाईपास पर नाले की गंदगी साफ करने के लिए छह-छह जेसीबी मशीनें चल रही थीं। लोग समझ नहीं पाए। देर शाम जब राज्यपाल का काफिला यहां से निकला तो पता चला कि इस वजह से नाला साफ हो रहा था। तभी लोगों ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि दिखाने को नाला साफ करवा दिया। लोगों को मौत से मुंह से बचाने के लिए इस नाले पर बैरीकेडिंग कब बनेगी।
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