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फंडिंग करने वाले अलीगढ़ के कई लोग रडार पर, ठेकेदार का परिवार गायब
Fri, 08 Jan 2021 01:14 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2021 01:14 AM IST
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खलीलाबाद से पकड़े गए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में रह रहे रोहिंग्या को अलीगढ़ से फंडिंग होने की जानकारी के बाद अलीगढ़ के कई लोग एटीएस के रडार पर आ गए हैं। संकेत मिले हैं कि इन लोगों से पूछताछ या जांच के लिए टीमें एक-दो दिन में फिर अलीगढ़ आ सकती हैं। वहीं, यहां से हिरासत में लिया गया मीट फैक्टरी का लेबर ठेकेदार अभी टीम के पास है। यहां से उसका परिवार गायब हो गया है। खास बात यह है कि लेबर ठेकेदार खुद को पश्चिम बंगाल का बताकर यहां रहता था और दस साल की नौकरी में उसने यहां अपना मकान भी बना लिया है।
खलीलाबाद में पकड़े गए रोहिंग्या अजीजुल्लाह से मिली जानकारी के अनुसार एटीएस ने यहां से फंडिंग के आधार पर एक मीट फैक्टरी के ठेकेदार से पूछताछ की। इसके बाद यह टीम उसे अपने साथ ले गई। बृहस्पतिवार को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लेबर ठेकेदार अभी टीम की हिरासत में है। गिरफ्तार किया गया रोहिंग्या शुक्रवार से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा। उसके बाद पूछताछ व आमना सामना कराने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान आमना-सामना कराए जाने पर महत्वपूर्ण सवाल होंगे कि आखिर फंडिंग कहां से हुई। इस दौरान लेबर ठेकेदार से हुई बातचीत के बाद अलीगढ़ से जुड़े कुछ नाम सामने आए हैं। इसके आधार पर जिले के कई लोग एटीएस के रडार पर हैं। बृहस्पतिवार को लखनऊ में कुछ सूत्रों इतना ही कहा कि अलीगढ़ के कुछ लोगों से पूछताछ होनी है। इसके बाद तय होगा कि कौन कितना जिम्मेदार है।
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इधर, अलीगढ़ में इस ठेकेदार का परिवार दस साल से रह रहा था। वह पहले गोला वाली गली में किराये पर रहा। इसके बाद इसने मुमताज वाली गली में इसने अपना मकान बना लिया। इस दौरान यह व्यक्ति खुद को पश्चिम बंगाल के कोलकाता का बताता रहा। इधर, बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद बृहस्पतिवार की सुबह से इस ठेकेदार का परिवार गायब है। उसके घर में पत्नी के अलावा दो बेटा व एक बेटी रहते हैं। पड़ोस में कई रेाहिंग्या परिवार रहते हैं। बस इतना ही बता रहे हैं कि वे अचानक सुबह से कहीं चले गए हैं।
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खलीलाबाद में पकड़े गए रोहिंग्या अजीजुल्लाह से मिली जानकारी के अनुसार एटीएस ने यहां से फंडिंग के आधार पर एक मीट फैक्टरी के ठेकेदार से पूछताछ की। इसके बाद यह टीम उसे अपने साथ ले गई। बृहस्पतिवार को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लेबर ठेकेदार अभी टीम की हिरासत में है। गिरफ्तार किया गया रोहिंग्या शुक्रवार से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा। उसके बाद पूछताछ व आमना सामना कराने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
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इस दौरान आमना-सामना कराए जाने पर महत्वपूर्ण सवाल होंगे कि आखिर फंडिंग कहां से हुई। इस दौरान लेबर ठेकेदार से हुई बातचीत के बाद अलीगढ़ से जुड़े कुछ नाम सामने आए हैं। इसके आधार पर जिले के कई लोग एटीएस के रडार पर हैं। बृहस्पतिवार को लखनऊ में कुछ सूत्रों इतना ही कहा कि अलीगढ़ के कुछ लोगों से पूछताछ होनी है। इसके बाद तय होगा कि कौन कितना जिम्मेदार है।
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इधर, अलीगढ़ में इस ठेकेदार का परिवार दस साल से रह रहा था। वह पहले गोला वाली गली में किराये पर रहा। इसके बाद इसने मुमताज वाली गली में इसने अपना मकान बना लिया। इस दौरान यह व्यक्ति खुद को पश्चिम बंगाल के कोलकाता का बताता रहा। इधर, बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद बृहस्पतिवार की सुबह से इस ठेकेदार का परिवार गायब है। उसके घर में पत्नी के अलावा दो बेटा व एक बेटी रहते हैं। पड़ोस में कई रेाहिंग्या परिवार रहते हैं। बस इतना ही बता रहे हैं कि वे अचानक सुबह से कहीं चले गए हैं।