माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रत्याशी के रूप में शिक्षक खंड आगरा क्षेत्र से विजयी हुए आकाश अग्रवाल ने सत्तारूढ़ दल भाजपा के उम्मीदवार को खासा पीछे छोड़ दिया। वह लगभग 2100 वोटों से विजयी घोषित हुए हैं। आकाश के चुनाव प्रबंधन ने राजनीति के बड़े-बड़े सूरमाओं को बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि उन्होंने लगातार चार बार से एमएलसी रहे वर्तमान विधायक जगवीर किशोर जैन को तीसरे और सपा के उम्मीदवार हेवेंद्र चौधरी उर्फ हउआ चौधरी को छठवें स्थान पर ला दिया। इसकी सबसे बड़ी वजह आकाश का हर शिक्षक से संवाद स्थापित करना रहा है। हर मतदाता तक पहुंचने के लिए उन्होंने डेढ़ साल तक लगातार मेल-मुलाकात, चिठ्ठी, फोन, व्हाटसएप से संवाद बनाए रखा।
इस दौरान उन्होंने वित्तविहीन शिक्षक महासभा को मजबूत किया। मतदाताओं के सुख दुख में भी शामिल हुए। साथ ही उन्होंने अलग अलग कार्यक्रमों में शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर और शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया। उनकी सम्मान देकर वोट लेने की रणनीति कामयाब हो गई। इसमें उनका साथ उन लोगों ने दिया, जो जिलेवार चुनाव प्रबंधन में उनके मददगार थे। अलीगढ़ में रालोद के प्रदेश सचिव नीरज शर्मा ने उनके चुनाव की कमान संभाली और खुद चुनाव नहीं लड़ा। नतीजे सामने आने के बाद सपा, भाजपा और दूसरे शिक्षक गुटों में समीक्षा का दौर शुरू हो गया है। आखिर कमी कहीं रह गई...?