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खाद्य प्रसंस्करण यूनिटें चमकाने का शानदार मौका
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यदि आप कोई खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित उद्यम चला रहे हैं, या फिर बजट के अभाव में आपने एक दो साल पहले अपनी यूनिट बंद कर दी है तो खुश हो जाइए। सरकार ने आपके उद्यम को बढ़ाने या पुनर्जीवित करने के लिये नई स्कीम लांच की है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना में आप मात्र दस फीसदी पूंजी लगाकर अधिकतम दस फीसदी सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं।
क्या है योजना
जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानियां ने बताया कि केंद्र सरकार ने असंगठित सेक्टर की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिये यह स्कीम लागू की है। इस स्कीम में वर्तमान में संचालित अथवा एक दो साल पहले ही बंद हुई यूनिटों को पुनर्जीवित करने और उनके उन्नयन की तैयारी है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट कांसेप्ट पर आधारित इस योजना में जिले में उत्पादित होने वाले प्रोडक्ट को आधार मानते हुए उन पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें लाभार्थी को अपने उद्यम की कुल लागत का 35 प्रतिशत लगाकर अधिकतम दस लाख की सब्सिडी मिल सकेगी।
जिले में आलू, टमाटर व आम से संबंधित इकाइयों को मिलेगा लाभ
अलीगढ़। अलीगढ़ को आलू बैल्ट के रूप में भी जाना जाता है। यहां इगलास, गोंडा आदि स्थानों पर आलू का बहुतायत में उत्पादन होता है। आलू के चिप्स, पापड़, पाउडर समेत अन्य आइटम बनाने की 18 इकाइयां संचालित हैं । टमाटर का उत्पादन भी खूब होता है । करीब आधा दर्जन इकाइयां ऐसी हैं जो टोमेटो सॉस से लेकर चटनी आदि आइटम बना रही हैं । अतरौली क्षेत्र के दशहरी आम का प्रयोग आम पापड़ बनाने समेत अन्य कामों में हो रहा है। इसकी भी कुछ इकाइयां मौजूद हैं। इन सभी को योजना से फायदा होगा।
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अगले साल से आरंभ होगी योजना, सर्वे आरंभ
जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानियां ने बताया कि शासन ने वर्ष 2021 से पांच वर्षों के लिये लागू इस योजना के लिये 31 जुलाई तक संचालित एवं एक दो सालों में बंद हुई यूनिटों का ब्यौरा मांगा है। इसके लिये सर्वे शुरू हो गया है।
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क्या है योजना
जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानियां ने बताया कि केंद्र सरकार ने असंगठित सेक्टर की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिये यह स्कीम लागू की है। इस स्कीम में वर्तमान में संचालित अथवा एक दो साल पहले ही बंद हुई यूनिटों को पुनर्जीवित करने और उनके उन्नयन की तैयारी है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट कांसेप्ट पर आधारित इस योजना में जिले में उत्पादित होने वाले प्रोडक्ट को आधार मानते हुए उन पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें लाभार्थी को अपने उद्यम की कुल लागत का 35 प्रतिशत लगाकर अधिकतम दस लाख की सब्सिडी मिल सकेगी।
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जिले में आलू, टमाटर व आम से संबंधित इकाइयों को मिलेगा लाभ
अलीगढ़। अलीगढ़ को आलू बैल्ट के रूप में भी जाना जाता है। यहां इगलास, गोंडा आदि स्थानों पर आलू का बहुतायत में उत्पादन होता है। आलू के चिप्स, पापड़, पाउडर समेत अन्य आइटम बनाने की 18 इकाइयां संचालित हैं । टमाटर का उत्पादन भी खूब होता है । करीब आधा दर्जन इकाइयां ऐसी हैं जो टोमेटो सॉस से लेकर चटनी आदि आइटम बना रही हैं । अतरौली क्षेत्र के दशहरी आम का प्रयोग आम पापड़ बनाने समेत अन्य कामों में हो रहा है। इसकी भी कुछ इकाइयां मौजूद हैं। इन सभी को योजना से फायदा होगा।
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अगले साल से आरंभ होगी योजना, सर्वे आरंभ
जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानियां ने बताया कि शासन ने वर्ष 2021 से पांच वर्षों के लिये लागू इस योजना के लिये 31 जुलाई तक संचालित एवं एक दो सालों में बंद हुई यूनिटों का ब्यौरा मांगा है। इसके लिये सर्वे शुरू हो गया है।