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आने वाला समय स्वास्थ्य विभाग के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण

Sat, 11 Jul 2020 12:51 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 12:51 AM IST
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Aligarh news
आने वाला समय स्वास्थ्य विभाग के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। संसाधनों की कमी के बीच कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या दिनो-दिन बढ़ती जा रही है। यह तो संयोग है कि बहुत से मरीज शहर के बाहर उपचार करा रहे हैं। कुछ प्राइवेट हॉस्पिटलों में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग भी जीवन ज्योति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थित एल-1 हॉस्पिटल में बेडों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है। नए एल-1 हॉस्पिटल के लिए भी कई जगह चिह्नित की गई हैं।
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शुक्रवार दोपहर तक जनपद में सक्रिय मरीजों की संख्या 268 तक पहुंच गई है, जबकि अब तक जनपद में संक्रमित मरीजों की संख्या 706 हो गई है। बिना लक्षण वाले मरीजों को एल-1 हॉस्पिटल में रखा जा रहा है। जबकि गंभीर मरीजों के लिए एल-2 हॉस्पिटल जेएन मेडिकल कॉलेज एवं पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय हैं। शुक्र है कि ज्यादा मरीज बिना लक्षण के आ रहे हैं। वर्तमान समय में इन्हें अतरौली एवं खैरेश्वर मार्ग स्थित जीवन ज्योति आयुर्वेदिक कॉलेज स्थित एल-1 हॉस्पिटल में रखा जा रहा है। अतरौली में अभी 84 मरीज और जीवन ज्योति में 13 मरीज हैं। शासन के निर्देश पर अब कोरोना जांच के लिए अधिक नमूने लिए जा रहे हैं।
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प्रत्येक दिन 500 नमूना लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी वजह से ज्यादा संक्रमित सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर निगाह डालें तो 18 से 20 नए मरीज रोज सामने आ रहे हैं। ऐसे में अतरौली एवं जीवन ज्योति के बेड भरने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। राहत की बात यह है कि 10 दिन में अधिकतर मरीज स्वस्थ होकर घर लौट जाते हैं। अन्यथा अभी तक कई और एल-1 हॉस्पिटल खोलने पड़ते। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग में पहले से ही चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी है। इसकी वजह से ज्यादा कोविड हॉस्पिटल शुरू करने पर स्टॉफ की कमी हो सकती है। यही कारण है कि एल-1 हॉस्पिटलों में बेडों की संख्या बढ़ाकर स्थिति को संभालने की कोशिश की जा रही है। नए एल-1 हॉस्पिटल शुरू करने पर तीन शिफ्ट में कम से कम 25 से 30 स्टॉफ की जरूरत पड़ती है।
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अतरौली एवं जीवन ज्योति के अलावा कुछ जगह एल-1 हॉस्पिटल के लिए चिह्नित की गई हैं। जरूरत पड़ने पर सारे इंतजाम कर दिए जाएंगे। जीवन ज्योति की क्षमता बढ़ाकर 300 बेड तक की जा सकती है। ज्यादा से ज्यादा संक्रमित मरीजों को निकालने के लिए ही जांचों की संख्या बढ़ाई गई है। हमारा उद्देश्य भी यही है कि ज्यादा से ज्यादा जांच हो और संक्रमित मरीज बाहर निकलें, ताकि उनका उपचार कर संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।
- डॉ. वीपी सिंह, एडी हेल्थ, अलीगढ़ मंडल
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