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स्किल के आधार पर 63828 प्रवासी मजदूरों की लिस्ट तैयार
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कोरोना काल में दूसरे प्रदेशों या शहरों मेें काम करने वाले मजदूर अपने घर लौटने पर बेरोजगार हो गए हैं। इनकों रोजगार देने के लिए उनकी कार्य कुशलता के आधार पर लिस्ट तैयार की गई है। 63828 श्रमिकों को इस लिस्ट में रखा गया है। सबसे अधिक 8230 मजदूर निर्माण कार्य में कुशल पाए गए हैं। अब जिला प्रशासन इनकी कुशलता के आधार पर उनको रोजगार देने के लिए विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों से संपर्क करने में लग गया है। जिले के कई फैक्टरी संचालकों ने भी अपनी डिमांड लिस्ट प्रशासन को उपलब्ध करा दी है। उक्त लिस्ट के आधार पर मजदूरों को शार्ट लिस्ट करने का काम जिला उद्योग केंद्र को सौंपा गया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि जिले में 63828 श्रमिक सर्वे के दौरान मिले हैं। इनमें से 8230 मजदूर निर्माण कार्य, 5529 रेहड़ी व पटरी लगाने वाले, 4360 मजदूर सीमेंट, ईंट और कंक्रीट की ढुलाई वाले, 1090 राजमिस्त्री पाए गए हैं। इसी प्रकार कुछ लेबर ऐसी भी है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स के कार्य में भी कुशल है। इसी प्रकार 94 अलग-अलग श्रेणियों में हुनर वाले 63828 मजदूरों की सूची तैयार की गई है। जीएम डीआईसी श्रीनाथ पासवान के अनुसार इन सभी श्रमिकों को उनके हुनर के हिसाब से कार्य दिलाए जाने के लिए संस्थाओं में प्रयास किए जा रहे हैं। जुलाई के दूसरे सप्ताह तक इन सभी को रोजगार दिला दिया जाएगा।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि जिले में 63828 श्रमिक सर्वे के दौरान मिले हैं। इनमें से 8230 मजदूर निर्माण कार्य, 5529 रेहड़ी व पटरी लगाने वाले, 4360 मजदूर सीमेंट, ईंट और कंक्रीट की ढुलाई वाले, 1090 राजमिस्त्री पाए गए हैं। इसी प्रकार कुछ लेबर ऐसी भी है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स के कार्य में भी कुशल है। इसी प्रकार 94 अलग-अलग श्रेणियों में हुनर वाले 63828 मजदूरों की सूची तैयार की गई है। जीएम डीआईसी श्रीनाथ पासवान के अनुसार इन सभी श्रमिकों को उनके हुनर के हिसाब से कार्य दिलाए जाने के लिए संस्थाओं में प्रयास किए जा रहे हैं। जुलाई के दूसरे सप्ताह तक इन सभी को रोजगार दिला दिया जाएगा।
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