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वेतन के लिए मजदूरों ने किया हंगामा, रामघाट रोड जाम की कोशिश
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तालानगरी स्थित फैक्ट्री के गेट पर प्रदर्शन करते कर्मचारी ।
- फोटो : CITY OFFICE
तालानगरी की एक ताला फैक्टरी के मजदूूरों ने फैक्टरी मालिक पर वेतन न देने का आरोप लगाते हुए बुधवार सुबह जमकर हंगामा किया। इस दौरान रामघाट रोड जाम करने की कोशिश की गई, लेकिन सूचना पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों को समझाकर फैक्टरी मालिक से बात कराई। हालांकि इस दौरान दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी बातों पर अडिग रहे। कई घंटे के हंगामे के बाद मजदूर घर लौट गए। थाना पुलिस के जरिये फिलहाल मामला उद्योग केंद्र को संदर्भित कर दिया गया है।
तालानगरी सेक्टर दो में वाणिज्य कर कार्यालय के निकट फैक्टरी के बाहर बुधवार सुबह काफी संख्या में एकत्रित मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया। मजदूरों का आरोप है कि फैक्टरी में करीब 240 मजदूर काम करते थे, जिनमें से 27 को कुछ दिनों पहले निकाल दिया गया। उन्हें काम के एवज में वेतन नहीं दिया जा रहा। लॉकडाउन के चलते 21 मार्च से 27 मार्च तक फैक्टरी बंद रही, जिसके बाद 50-50 मजदूरों के ग्रुप बनाकर दिन व रात की अलग-अलग शिफ्टों में काम कराया गया।
2 अप्रैल को मार्च माह का वेतन भी मिल गया, लेकिन इसके बाद अप्रैल माह का वेतन नहीं दिया गया। मांगने पर फैक्टरी मालिक टालमटोल करते रहे और माल बिकने पर ही भुगतान देने की कहने लगे। मई का एक पखवाड़ा बीतने पर भी जब मजदूरों को वेतन नहीं मिला तो गुस्साएं मजदूरों ने बुधवार सुबह फैक्टरी के बाहर हंगामा शुरू कर दिया और रामघाट रोड जाम करने की कोशिश की। हंगामे की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। तालानगरी चौकी इंचार्ज ने मजदूरों को फैक्टरी मालिक से बात करने भेजा, लेकिन बात नहीं बनी। जिसके बाद सभी मजदूर घर लौट गए। मजदूरों का आरोप है कि फैक्टरी स्वामी पूरे माह का वेतन देने के बजाय केवल काम वाले दिन का भुगतान देने की बात कर रहे हैं। वहीं फैक्टरी स्वामी का कहना है कि मजदूर लॉक डाउन का बहाना बनाकर काम करना नहीं चाहते और वेतन पूरा मांग रहे हैं। हमारी ओर से उन्हें दो हजार रुपये अतिरिक्त देने और बस से लाने ले जाने की व्यवस्था भी की गई है। एसओ हरदुआगंज संदीप कुमार का कहना है कि इस संबंध में किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। हंगामा शांत करा दिया गया और एसडीएम को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।
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- मामला संज्ञान में आया है। मजदूरों की शिकायत और फैक्टरी स्वामी की ओर से दी गई जानकारी से जीएम डीआईसी को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल वह वार्ता कर मसला निस्तारित कराने का प्रयास करेंगे। अगर बात नहीं बनेगी तो फिर आगे निर्णय लिया जाएगा।
-संजीव ओझा, एसडीएम कोल
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तालानगरी सेक्टर दो में वाणिज्य कर कार्यालय के निकट फैक्टरी के बाहर बुधवार सुबह काफी संख्या में एकत्रित मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया। मजदूरों का आरोप है कि फैक्टरी में करीब 240 मजदूर काम करते थे, जिनमें से 27 को कुछ दिनों पहले निकाल दिया गया। उन्हें काम के एवज में वेतन नहीं दिया जा रहा। लॉकडाउन के चलते 21 मार्च से 27 मार्च तक फैक्टरी बंद रही, जिसके बाद 50-50 मजदूरों के ग्रुप बनाकर दिन व रात की अलग-अलग शिफ्टों में काम कराया गया।
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2 अप्रैल को मार्च माह का वेतन भी मिल गया, लेकिन इसके बाद अप्रैल माह का वेतन नहीं दिया गया। मांगने पर फैक्टरी मालिक टालमटोल करते रहे और माल बिकने पर ही भुगतान देने की कहने लगे। मई का एक पखवाड़ा बीतने पर भी जब मजदूरों को वेतन नहीं मिला तो गुस्साएं मजदूरों ने बुधवार सुबह फैक्टरी के बाहर हंगामा शुरू कर दिया और रामघाट रोड जाम करने की कोशिश की। हंगामे की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। तालानगरी चौकी इंचार्ज ने मजदूरों को फैक्टरी मालिक से बात करने भेजा, लेकिन बात नहीं बनी। जिसके बाद सभी मजदूर घर लौट गए। मजदूरों का आरोप है कि फैक्टरी स्वामी पूरे माह का वेतन देने के बजाय केवल काम वाले दिन का भुगतान देने की बात कर रहे हैं। वहीं फैक्टरी स्वामी का कहना है कि मजदूर लॉक डाउन का बहाना बनाकर काम करना नहीं चाहते और वेतन पूरा मांग रहे हैं। हमारी ओर से उन्हें दो हजार रुपये अतिरिक्त देने और बस से लाने ले जाने की व्यवस्था भी की गई है। एसओ हरदुआगंज संदीप कुमार का कहना है कि इस संबंध में किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। हंगामा शांत करा दिया गया और एसडीएम को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।
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- मामला संज्ञान में आया है। मजदूरों की शिकायत और फैक्टरी स्वामी की ओर से दी गई जानकारी से जीएम डीआईसी को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल वह वार्ता कर मसला निस्तारित कराने का प्रयास करेंगे। अगर बात नहीं बनेगी तो फिर आगे निर्णय लिया जाएगा।
-संजीव ओझा, एसडीएम कोल