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नागरिकता संशोधन कानून का विरोधः धरने पर बैठने को लेकर छात्रों की प्रॉक्टर टीम से नोकझोंक
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विरोध प्रदर्शन को लेकर छात्रो के साथ हुई प्रॉक्टर टीमकी नोकझोक।
- फोटो : CITY OFFICE
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एएमयू में पढ़ने वाली स्थानीय छात्राओं का धरना बुधवार को भी जारी रहा। बुधवार को कुछ छात्र भी धरने पर पहुंच गए। कैंपस में प्रवेश करने को लेकर इन छात्रों की प्रॉक्टर टीम के साथ नोकझोंक हुई।
छात्राओं की दलील है कि कानून को लेकर विश्वविद्यालय में शांतिपूर्वक धरना चल रहा था। लेकिन विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित करके इस कानून के खिलाफ चल रहे अभियान को कमजोर करने का काम किया गया। लेकिन हम छात्राएं उनकी गैरमौजूदगी में अभियान को जारी रखेंगी। इसके अलावा बुधवार को छात्रों का एक समूह भी वहां पहुंच गया। उसे रोकने का जब प्रॉक्टर टीम ने प्रयास किया तो छात्र उलझ गए और नोकझोंक की।
पूर्व सचिव शम्स शहनवाज धरने पर छात्रों से मिले
एएमयू में धरने पर बैठे छात्रों से बुधवार को छात्रसंघ के पूर्व सचिव शम्स शहनवाज मिलने पहुंचे। वह उनके साथ धरने पर भी बैठे और पूरे मामले की रिटायर जज से जांच कराने की मांग की।
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उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। शम्स शाहनवाज ने कहा कि यह पहला मौका है जब पुलिस ने हॉस्टल में घुस कर छात्रों के साथ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एएमयू प्रशासन ने पुलिस को कैंपस में अंदर बुलाया। घटना के बाद छात्रों से जबरन हास्टल खाली करवाया। जबकि कुलपति इन छात्रों के अभिभावक हैं। शम्स घटना में घायल केमिस्ट्री विभाग के शोधार्थी तारिक से भी मिले और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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छात्राओं की दलील है कि कानून को लेकर विश्वविद्यालय में शांतिपूर्वक धरना चल रहा था। लेकिन विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित करके इस कानून के खिलाफ चल रहे अभियान को कमजोर करने का काम किया गया। लेकिन हम छात्राएं उनकी गैरमौजूदगी में अभियान को जारी रखेंगी। इसके अलावा बुधवार को छात्रों का एक समूह भी वहां पहुंच गया। उसे रोकने का जब प्रॉक्टर टीम ने प्रयास किया तो छात्र उलझ गए और नोकझोंक की।
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पूर्व सचिव शम्स शहनवाज धरने पर छात्रों से मिले
एएमयू में धरने पर बैठे छात्रों से बुधवार को छात्रसंघ के पूर्व सचिव शम्स शहनवाज मिलने पहुंचे। वह उनके साथ धरने पर भी बैठे और पूरे मामले की रिटायर जज से जांच कराने की मांग की।
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उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। शम्स शाहनवाज ने कहा कि यह पहला मौका है जब पुलिस ने हॉस्टल में घुस कर छात्रों के साथ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एएमयू प्रशासन ने पुलिस को कैंपस में अंदर बुलाया। घटना के बाद छात्रों से जबरन हास्टल खाली करवाया। जबकि कुलपति इन छात्रों के अभिभावक हैं। शम्स घटना में घायल केमिस्ट्री विभाग के शोधार्थी तारिक से भी मिले और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।