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अलीगढ़ : पूर्व विधायक वीरेश यादव केखिलाफ कुर्की के आदेश जारी
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समाजवादी पार्टी के चार बार के पूर्व विधायक वीरेश यादव के खिलाफ एमपी/एमएलए कोर्ट ने कुर्की आदेश जारी कर दिया है। अदालत ने दादों के 25 वर्ष पुराने दो अलग अलग मुकदमों में लगातार जारी आदेश के बावजूद हाजिर न होने पर कुर्की आदेश जारी करते हुए एसएसपी को पत्र लिखा है, जिसमें कुर्की प्रक्रिया कराने के साथ-साथ 7 मई को पूर्व विधायक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।
बता दें कि वीरेश यादव पर दर्ज मुकदमों में से प्राणघातक हमले की धाराओं के दो मुकदमे क्रमश: वर्ष 1997 व 1998 के दादों थाने के हैं, जिनकी सुनवाई एमपी/एमएलए मामलों की अदालत एडीजे-4 मनीषा के यहां चल रही है। इन मुकदमों में 5 सितंबर 2019 में अदालत से कुर्की नोटिस जारी किए गए थे। ये नोटिस थाना पुलिस ने तामील करा दिए। मगर वीरेश यादव हाजिर नहीं हुए। इसके बाद प्रमुख सचिव गृह व डीजीसी को अदालत स्तर से पत्र लिखकर गैर जमानती वारंट जारी किए गए, जिसमें साफ कहा गया कि ये प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति हैं। इसलिए पुलिस इन्हें अदालत तक नहीं ला पा रही। इन्हें गिरफ्तार कराकर कोर्ट में पेश किया जाए। इसके बाद 9 सितंबर 2021 में वीरेश यादव के स्तर से अग्रिम जमानत अर्जी दायर की गई, जिसे अदालत से खारिज कर दिया गया।
एडीजीसी कुलदीप तोमर के अनुसार, अब तक गैर जमानती वारंट जारी होने और कुर्की नोटिस जारी होने के बाद भी वीरेश यादव हाजिर नहीं हुए। इस पर मंगलवार को अदालत ने दोनों मुकदमों में धारा 83 के तहत कुर्की आदेश जारी करते हुए कुर्की करने व सात मई को गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में एसएसपी को पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि उचित माध्यम से कुर्की कराकर अदालत को नियत तारीख से पहले अवगत कराया जाए। बता दें कि वीरेश यादव तीन बार गंगीरी से और एक बार अतरौली से विधायक रह चुके हैं। पिछले लगातार दो बार से भाजपा के संदीप सिंह से अतरौली से चुनाव हा रहे हैं।
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बता दें कि वीरेश यादव पर दर्ज मुकदमों में से प्राणघातक हमले की धाराओं के दो मुकदमे क्रमश: वर्ष 1997 व 1998 के दादों थाने के हैं, जिनकी सुनवाई एमपी/एमएलए मामलों की अदालत एडीजे-4 मनीषा के यहां चल रही है। इन मुकदमों में 5 सितंबर 2019 में अदालत से कुर्की नोटिस जारी किए गए थे। ये नोटिस थाना पुलिस ने तामील करा दिए। मगर वीरेश यादव हाजिर नहीं हुए। इसके बाद प्रमुख सचिव गृह व डीजीसी को अदालत स्तर से पत्र लिखकर गैर जमानती वारंट जारी किए गए, जिसमें साफ कहा गया कि ये प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति हैं। इसलिए पुलिस इन्हें अदालत तक नहीं ला पा रही। इन्हें गिरफ्तार कराकर कोर्ट में पेश किया जाए। इसके बाद 9 सितंबर 2021 में वीरेश यादव के स्तर से अग्रिम जमानत अर्जी दायर की गई, जिसे अदालत से खारिज कर दिया गया।
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एडीजीसी कुलदीप तोमर के अनुसार, अब तक गैर जमानती वारंट जारी होने और कुर्की नोटिस जारी होने के बाद भी वीरेश यादव हाजिर नहीं हुए। इस पर मंगलवार को अदालत ने दोनों मुकदमों में धारा 83 के तहत कुर्की आदेश जारी करते हुए कुर्की करने व सात मई को गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में एसएसपी को पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि उचित माध्यम से कुर्की कराकर अदालत को नियत तारीख से पहले अवगत कराया जाए। बता दें कि वीरेश यादव तीन बार गंगीरी से और एक बार अतरौली से विधायक रह चुके हैं। पिछले लगातार दो बार से भाजपा के संदीप सिंह से अतरौली से चुनाव हा रहे हैं।
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