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मां की मानसिक स्थिती ठीक नहीं, अब आगरा शिशु गृह करेगा नवजात का लालन पालन 

Thu, 05 Sep 2019 07:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 05 Sep 2019 07:11 AM IST
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mother mentally ill now Bal Greh Agra will take care of newborn
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
बाल कल्याण समिति ने आदेश दिया है कि मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण जिला कारागार में निरुद्ध महिला बंदी के नवजात बेटे को लालन-पालन के लिए आगरा के राजकीय शिशु गृह में ही रखा जाएगा।
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समिति का आदेश है कि बीमार महिला के स्वस्थ होकर वापस अलीगढ़ कारागार लौटने तक बच्चा आगरा स्थित राजकीय शिशु गृह में ही रहेगा।बुधवार को जारी इस आदेश पर गुरुवार को अमल किया जाएगा। बच्चे को चाइल्ड लाइन की मदद से कारागार टीम द्वारा आगरा भिजवाया जाएगा।
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ता दें कि बिहार की मूल निवासी बीस दिन के बच्चे की मां पर अपहरण का आरोप है और उसे इलाज के लिए वाराणसी मानसिक आरोग्यशाला भेजा जाना है। इसी क्रम में उसके नवजात बच्चे को पिछले पखवाड़े आगरा राजकीय शिशु गृह भेजा गया था।
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मगर वहां के अधिकारियों ने इस तर्क के साथ बच्चा वापस कर दिया था वह सिर्फ अनाथ बच्चों का ही लालन-पालन अपने शिशु गृह में करते हैं। बच्चा पैदा होने के बाद और बिगड़ी मां की हालत मूल रूप से बिहार के नालंदा के थाना थरधारी के कस्बा अस्ता खज्जमा के रहने वाले रवि रंजन की पत्नी पुष्पलता को सासनी गेट थाने में दर्ज अपहरण के मुकदमे में जिला कारागार में 28 जुलाई को निरुद्ध किया गया था।

16 अगस्त को महिला ने जिला अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया। महिला की मानसिक स्थिति पहले से ही ठीक नहीं थी। प्रसव के बाद उसकी हालत और अधिक बिगड़ गई। वो बात-बात पर चीखने लगती है। कई साथी बंदियों-कैदियों को दांतों से काट भी चुकी है, जिसके चलते इस महिला को उपचार के लिए वाराणसी के मानसिक चिकित्सालय में जाना था।

इसी के चलते 23 अगस्त को महिला बंदी के बच्चे को आगरा के शाहगंज स्थित राजकीय शिशु गृह ले जाया गया, लेकिन वहां की अधीक्षिका ने नियमों के चलते बालक को अपने यहां पर रखने में असमर्थता व्यक्त कर दी। वहां दलील दी गई कि सिर्फ अनाथ बच्चे ही रखे जाते हैं। इस पर बच्चे को वापस अलीगढ़ ले आया गया।

अब बाल कल्याण समिति ने दिया आदेश

इसके चलते महिला को भी वाराणसी जाने से रोक दिया गया। चूंकि जब तक यहां बच्चा है, महिला को वहां नहीं भेजा जा सकता। इस पर कारागार अधिकारियों ने अदालत में अपना पक्ष रखा। जहां से प्रकरण बाल कल्याण समिति को संदर्भित किया गया।

मामले में बुधवार को बाल कल्याण समिति ने यह आदेश दिया है कि बच्चे को आगरा के शिशु गृह में ही रखा जाएगा। जब तक महिला स्वस्थ नहीं होगी, तब तक बच्चा वहीं रहेगा। इसके लिए बाकायदा चाइल्ड लाइन की मदद से टीम गुरुवार को आगरा जाएगी और बच्चे को वहां शिफ्ट किया जाएगा।


इसके बाद ही महिला को वाराणसी शिफ्ट किया जाएगा। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नीरा वार्ष्णेय ने कहा है कि बच्चे को आगरा भेजे जाने के संबंध में निर्देश जारी कर दिया गया है।
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