{"_id":"60d0e3828ebc3e2ee9773c90","slug":"aligarh-muslim-university-city-office-news-ali2661371107","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू की महिला प्रोफेसर के मामले में जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू की महिला प्रोफेसर के मामले में जांच शुरू
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की महिला प्रोफेसर का कथित अश्लील वीडियो बताकर उसे वायरल करने के मामले का एएमयू इंतजामिया ने खंडन किया है। साथ ही मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। इसके पीछे का मकसद महिला प्रोफेसर से जुड़े विभाग की आंतरिक साजिश का खुलासा करना है। वहीं, थाना पुलिस ने भी तहरीर के आधार पर एएमयू से मामले में आंतरिक जांच रिपोर्ट मांगी है। उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वाकया रविवार दोपहर करीब तीन बजे एएमयू छात्र नेता फरहान जुबैरी के संज्ञान में आया। विनय जर्नलिस्ट नाम के ट्विटर हैंडल से महिला प्रोफेसर के नाम से यह पोस्ट की गई कि इनको एएमयू ने लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। जुबैरी के अनुसार इसके पीछे की वजह बताई की इनका एक अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। वह वीडियो भी पोस्ट में दिखाया गया। जिसे कैम्पस में शूट किया जाना बताया। पता चला कि वीडियो में चेहरा किसी अन्य का है और नाम महिला प्रोफेसर का प्रयोग किया गया है। इस मामले में महिला प्रोफेसर की ओर से थाने में तहरीर दी गई है। जिस पर सिविल लाइंस पुलिस ने सोमवार को एएमयू प्रॉक्टर कार्यालय से आंतरिक जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एएमयू प्रॉक्टर प्रो.वसीम अली का कहना है कि मामला बिल्कुल झूठा व निराधार है। न तो महिला अवकाश पर हैं। महिला प्रोफेसर बेहद सज्जन हैं। उनके नाम से किसी अन्य का चेहरा प्रयोग कर उन्हें व कैंपस को बदनाम करने का कुचक्र रचा गया है। मामले में पुलिस को शिकायत करने के साथ आंतरिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस ने भी आंतरिक जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच के अनुसार जो तय होगा, वही आगे कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाकया रविवार दोपहर करीब तीन बजे एएमयू छात्र नेता फरहान जुबैरी के संज्ञान में आया। विनय जर्नलिस्ट नाम के ट्विटर हैंडल से महिला प्रोफेसर के नाम से यह पोस्ट की गई कि इनको एएमयू ने लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। जुबैरी के अनुसार इसके पीछे की वजह बताई की इनका एक अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। वह वीडियो भी पोस्ट में दिखाया गया। जिसे कैम्पस में शूट किया जाना बताया। पता चला कि वीडियो में चेहरा किसी अन्य का है और नाम महिला प्रोफेसर का प्रयोग किया गया है। इस मामले में महिला प्रोफेसर की ओर से थाने में तहरीर दी गई है। जिस पर सिविल लाइंस पुलिस ने सोमवार को एएमयू प्रॉक्टर कार्यालय से आंतरिक जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
एएमयू प्रॉक्टर प्रो.वसीम अली का कहना है कि मामला बिल्कुल झूठा व निराधार है। न तो महिला अवकाश पर हैं। महिला प्रोफेसर बेहद सज्जन हैं। उनके नाम से किसी अन्य का चेहरा प्रयोग कर उन्हें व कैंपस को बदनाम करने का कुचक्र रचा गया है। मामले में पुलिस को शिकायत करने के साथ आंतरिक जांच भी कराई जा रही है। पुलिस ने भी आंतरिक जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच के अनुसार जो तय होगा, वही आगे कार्रवाई होगी।
विज्ञापन