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एएमयूः वीसी विरोधी नारे मिटने पर प्राक्टर टीम से उलझे छात्र
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अमुवि में कुलपति व रजिस्ट्रार के आवास कीछात्रों द्वारा लिखे गये आपत्तिजनक स्लोगन।
- फोटो : CITY OFFICE
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में 70 दिन से सीएएए एनआरसी के विरोध में धरना दे रहे छात्रों द्वारा दीवारों पर लिखे गए वीसी और रजिस्ट्रार विरोधी नारों को जब प्राक्टर टीम ने पुताई करके मिटाना चाहा तो उनका छात्रों से टकराव हो गया। छात्रों ने दीवारों पर संघी वीसी गो बैक, कातिल रजिस्ट्रार जैसे नारे लिख रखे थे।
इसके साथ ही विरोध कर रहे छात्र कुलपति और रजिस्ट्रार का इस्तीफा सौंपने की मांग भी कर रहे हैं। छात्र नेता इमरान जलाली ने इस संबंध में कहा कि हमारा विरोध पिछले दो महीनों से अधिक समय से जारी है । हमें दीवारों को स्लोगन लिखकर दीवारों को पाटना पड़े, या कुछ और करना पड़े, हम अपने धरने को आगे बढ़ाने के लिए जो करना होगा करेंगे। इस संबंध में एएमयू के प्राक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि दीवारों पर आपत्तिजनक स्लोगन लिखने की खबर मिली तो हमारी टीम मौके पर पहुंच गई।
वहां पर अभद्र तरीके से स्लोगन लिखे पाए गए। यह स्टूडेंट डिसिप्लेन कंडक्ट रूल के खिलाफ था। दीवार की तुरंत पुताई करवा दी। घटना की समीक्षा भी कर रहे हैं। नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। कार्रवाई का तीन चार लड़कों ने विरोध किया था। इसमें एक इमरान जलाली थे। इनके साथ तीन चार लड़के और थे। वही लड़के दीवारों पर आपत्तिजनक स्लोगन लिख रहे थे। विश्वविद्यालय की इमारतों पर कुछ भी लिखना अनुशासन हीनता के दायरे में आता है।
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इसके साथ ही विरोध कर रहे छात्र कुलपति और रजिस्ट्रार का इस्तीफा सौंपने की मांग भी कर रहे हैं। छात्र नेता इमरान जलाली ने इस संबंध में कहा कि हमारा विरोध पिछले दो महीनों से अधिक समय से जारी है । हमें दीवारों को स्लोगन लिखकर दीवारों को पाटना पड़े, या कुछ और करना पड़े, हम अपने धरने को आगे बढ़ाने के लिए जो करना होगा करेंगे। इस संबंध में एएमयू के प्राक्टर प्रो. वसीम अली ने बताया कि दीवारों पर आपत्तिजनक स्लोगन लिखने की खबर मिली तो हमारी टीम मौके पर पहुंच गई।
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वहां पर अभद्र तरीके से स्लोगन लिखे पाए गए। यह स्टूडेंट डिसिप्लेन कंडक्ट रूल के खिलाफ था। दीवार की तुरंत पुताई करवा दी। घटना की समीक्षा भी कर रहे हैं। नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। कार्रवाई का तीन चार लड़कों ने विरोध किया था। इसमें एक इमरान जलाली थे। इनके साथ तीन चार लड़के और थे। वही लड़के दीवारों पर आपत्तिजनक स्लोगन लिख रहे थे। विश्वविद्यालय की इमारतों पर कुछ भी लिखना अनुशासन हीनता के दायरे में आता है।
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