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एएमयू बवालः मानसिक रूप से अस्वस्थ नाबालिग को क्लीनचिट
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अमुवि में मार्च निकालती छात्राएं व छात्र।
- फोटो : CITY OFFICE
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एएमयू में 15 दिसंबर 2019 को हुए बवाल की घटना के मुकदमे में 23वें नंबर पर नामजद किए गए मानसिक रूप से अस्वस्थ नाबालिग को एसआईटी जांच में क्लीनचिट दे दी गई है। आगरा मानसिक आरोग्यशाला की परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उसका नाम मुकदमे से निकाल दिया गया है। बता दें कि इस नामजदगी का मुद्दा हाईकोर्ट के निर्देश पर यहां जांच को आई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच टीम के समक्ष उठा था। इसके बाद हरकत में आई एसआईटी ने विवेचना में इस नाम को मुकदमे से अलग किया है।
मेडिकल रोड पर एक बंद गली स्थित मकान में रहने वाले अल्लाह वाले का16 वर्षीय बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है। वह एएमयू का छात्र भी नहीं है। थाना सिविल लाइन में एफआईआर नंबर 703 में 23वें नंबर पर उसके खिलाफ एएमयू बवाल के मुकदमे में उसे आरोपी बना लिया गया था। इतना ही नहीं, उसे मौके से हिरासत में लिया गया था और अगले दिन परिजन मुचलके पर छुड़ा कर लाए थे। मामले की पैरवी कर रहे हाईकोर्ट के अधिवक्ता असद हयात ने यह मुद्दा एनएचआरसी के सामने उठाते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ले जाने की बात कही थी। इसके बाद हरकत में आई मुकदमे की विवेचना कर रही एसआईटी ने बच्चे के परिवार से संपर्क कर बच्चे का आगरा में परीक्षण कराया और बच्चा नाबालिग होने, मानसिक अस्वस्थ होने और एएमयू छात्र न होने की पुष्टि होने पर उसका नाम मुकदमे से हटा दिया गया है। डीआईजी डॉ.प्रीतिंदर सिंह ने बच्चे का नाम मुकदमे से हटने की पुष्टि की है।
एएमयू बवाल में 123 नामजदों को भेजे जा रहे नोटिस
एएमयू में बीती 15 दिसंबर को हुए बवाल के 1300 अज्ञात आरोपियों में से पुलिस ने 52 नामजदों के बाद 71 नाम और मुकदमे में उजागर कर लिए थे। इस तरह इस मुकदमे में अब तक 123 नाम सामने आ गए हैं, जिन्हें एसआईटी स्तर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस में कहा जा रहा है कि वह विवेचक टीम के सामने हाजिर होकर अपना पक्ष रखें, अन्यथा पुलिस उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई करेगी। खास बात है कि जो नाम मुकदमे में उजागर किए गए हैं, उनमें ज्यादातर एएमयू से बाहर के या कुछ ऐसे पूर्व छात्र हैं, जो सीसीटीवी में स्पष्ट रूप से कानून तोड़ते नजर आ रहे हैं।
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एसआईटी स्तर से जांच में देखा जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में घटना से पहले कितनी बाइकें कैंपस में बाब-ए-सैयद से लेकर लाइब्रेरी तक रखी थीं। उन बाइकों के स्वामियों को छोड़ा जा रहा है।
घटना के बाद सीसीटीवी में कैद बाइकों के स्वामियों को जांच के दायरे में लिया जा रहा है, जो चेहरे सीसीटीवी में आक्रामक दिखाई दे रहे हैं, उन्हीं को मुकदमे में शामिल किया जा रहा है। इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाते हुए मौके से बरामद की गई बाइकों को वापस किया जा रहा है। अब जिन बाहरियों के नाम मुकदमे में उजागर किए हैं, उन्हें नोटिस भेजकर बुलाया जा रहा है। उनसे पूछा जा रहा है कि वह वहां क्यों, किस मंशा से गए थे। उनकी हरकतों को भी उन्हें दिखाया जाएगा। फिर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी डॉ.प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि मुकदमे में उन्हीं बाहरियों के नाम अब शामिल किए जा रहे हैं, जो घटना के बाद मौके पर पहुंचे और बवाल में शामिल हुए। अब तक जो नाम खोले गए हैं, उनमें ज्यादातर वही हैं और सभी को नोटिस देकर विवेचना में अपना पक्ष रखने को कहा जा रहा है।
देशद्रोह के मुकदमे में शरजील 18 फरवरी को तलब
एएमयू बवाल के बाद से चल रहे धरने में यहां आकर विवादित बयान देकर गए जेएनयू छात्र शरजील इमाम को अलीगढ़ लाने की कवायद तेज हो गई है। शरजील के खिलाफ यहां सिविल लाइंस में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है। बृहस्पतिवार को दिल्ली गई सिविल लाइंस की पुलिस टीम ने तिहाड़ जेल में निरुद्ध बी वारंट दाखिल किया। यहां सीजेएम न्यायालय से जारी बी वारंट पर उसे 18 फरवरी को अलीगढ़ तलब किया गया है। कारागार के नियम अनुसार इस बी वारंट पर अब दिल्ली पुलिस टीम 18 फरवरी को अलीगढ़ न्यायालय में पेश करेगी। इस पेशी के दौरान अलीगढ़ पुलिस उस पर देशद्रोह का मुकदमा तामील कराएगी और फिर उसकी रिमांड भी मांग सकती है।
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मेडिकल रोड पर एक बंद गली स्थित मकान में रहने वाले अल्लाह वाले का16 वर्षीय बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है। वह एएमयू का छात्र भी नहीं है। थाना सिविल लाइन में एफआईआर नंबर 703 में 23वें नंबर पर उसके खिलाफ एएमयू बवाल के मुकदमे में उसे आरोपी बना लिया गया था। इतना ही नहीं, उसे मौके से हिरासत में लिया गया था और अगले दिन परिजन मुचलके पर छुड़ा कर लाए थे। मामले की पैरवी कर रहे हाईकोर्ट के अधिवक्ता असद हयात ने यह मुद्दा एनएचआरसी के सामने उठाते हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ले जाने की बात कही थी। इसके बाद हरकत में आई मुकदमे की विवेचना कर रही एसआईटी ने बच्चे के परिवार से संपर्क कर बच्चे का आगरा में परीक्षण कराया और बच्चा नाबालिग होने, मानसिक अस्वस्थ होने और एएमयू छात्र न होने की पुष्टि होने पर उसका नाम मुकदमे से हटा दिया गया है। डीआईजी डॉ.प्रीतिंदर सिंह ने बच्चे का नाम मुकदमे से हटने की पुष्टि की है।
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एएमयू बवाल में 123 नामजदों को भेजे जा रहे नोटिस
एएमयू में बीती 15 दिसंबर को हुए बवाल के 1300 अज्ञात आरोपियों में से पुलिस ने 52 नामजदों के बाद 71 नाम और मुकदमे में उजागर कर लिए थे। इस तरह इस मुकदमे में अब तक 123 नाम सामने आ गए हैं, जिन्हें एसआईटी स्तर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस में कहा जा रहा है कि वह विवेचक टीम के सामने हाजिर होकर अपना पक्ष रखें, अन्यथा पुलिस उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई करेगी। खास बात है कि जो नाम मुकदमे में उजागर किए गए हैं, उनमें ज्यादातर एएमयू से बाहर के या कुछ ऐसे पूर्व छात्र हैं, जो सीसीटीवी में स्पष्ट रूप से कानून तोड़ते नजर आ रहे हैं।
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एसआईटी स्तर से जांच में देखा जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में घटना से पहले कितनी बाइकें कैंपस में बाब-ए-सैयद से लेकर लाइब्रेरी तक रखी थीं। उन बाइकों के स्वामियों को छोड़ा जा रहा है।
घटना के बाद सीसीटीवी में कैद बाइकों के स्वामियों को जांच के दायरे में लिया जा रहा है, जो चेहरे सीसीटीवी में आक्रामक दिखाई दे रहे हैं, उन्हीं को मुकदमे में शामिल किया जा रहा है। इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाते हुए मौके से बरामद की गई बाइकों को वापस किया जा रहा है। अब जिन बाहरियों के नाम मुकदमे में उजागर किए हैं, उन्हें नोटिस भेजकर बुलाया जा रहा है। उनसे पूछा जा रहा है कि वह वहां क्यों, किस मंशा से गए थे। उनकी हरकतों को भी उन्हें दिखाया जाएगा। फिर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी डॉ.प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि मुकदमे में उन्हीं बाहरियों के नाम अब शामिल किए जा रहे हैं, जो घटना के बाद मौके पर पहुंचे और बवाल में शामिल हुए। अब तक जो नाम खोले गए हैं, उनमें ज्यादातर वही हैं और सभी को नोटिस देकर विवेचना में अपना पक्ष रखने को कहा जा रहा है।
देशद्रोह के मुकदमे में शरजील 18 फरवरी को तलब
एएमयू बवाल के बाद से चल रहे धरने में यहां आकर विवादित बयान देकर गए जेएनयू छात्र शरजील इमाम को अलीगढ़ लाने की कवायद तेज हो गई है। शरजील के खिलाफ यहां सिविल लाइंस में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है। बृहस्पतिवार को दिल्ली गई सिविल लाइंस की पुलिस टीम ने तिहाड़ जेल में निरुद्ध बी वारंट दाखिल किया। यहां सीजेएम न्यायालय से जारी बी वारंट पर उसे 18 फरवरी को अलीगढ़ तलब किया गया है। कारागार के नियम अनुसार इस बी वारंट पर अब दिल्ली पुलिस टीम 18 फरवरी को अलीगढ़ न्यायालय में पेश करेगी। इस पेशी के दौरान अलीगढ़ पुलिस उस पर देशद्रोह का मुकदमा तामील कराएगी और फिर उसकी रिमांड भी मांग सकती है।