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एएमयू में एक बार फिर राष्ट्रपति कोविंद को बुलाने की तैयारी
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में एक बार फिर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बुलाने की तैयारी चल रही है। इस बार उन्हें एएमयू की स्थापना के शताब्दी समारोह के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया है। पिछले वर्ष एएमयू के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति आए थे।
बुधवार को कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की अध्यक्षता में आयोजित परामर्श बैठक में शताब्दी समारोह की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। कुलपति ने बताया कि 17 दिसंबर 2020 को शताब्दी समारोह का उद्घाटन करने के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है।
कुलपति ने शताब्दी समारोह कोष में अपने वेतन से 50 हजार रुपये दान स्वरूप देने की घोषणा की और विश्वविद्यालय स्टाफ तथा पूर्व छात्रों से भी समारोह के लिए दान देने की अपील की। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से 20 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि देने का आग्रह किया है। प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि एएमयू सरकार नोटिफिकेशन से 1 दिसंबर 1920 में स्थापित हुई थी। यूनिवर्सिटी का उद्घाटन समारोह 17 दिसंबर 1920 को आयोजित हुआ था।
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उन्होंने कहा कि इस अवसर को यादगार बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने एक काफी टेबिल बुक प्रकाशित करने का निर्णय लिया है, जिसमें विश्वविद्यालय की गत सौ वर्षों की सफलताओं को शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने बाब-ए-सैयद की तर्ज पर अनूपशहर रोड, पुरानी चुंगी पर एक शताब्दी द्वार के अलावा एल्युमनाई गेस्ट हाउस, मौलाना आजाद लाइब्रेरी तथा वीमेंस कॉलेज में रीडिंग हॉल के निर्माण का भी निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडीज की स्थापना के लिए यूजीसी को पत्र लिखा जाएगा। 40 करोड़ रुपये की लागत से एक कनवेंशन सेंटर का निर्माण भी प्रस्तावित है।
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बुधवार को कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की अध्यक्षता में आयोजित परामर्श बैठक में शताब्दी समारोह की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। कुलपति ने बताया कि 17 दिसंबर 2020 को शताब्दी समारोह का उद्घाटन करने के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित किया गया है।
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कुलपति ने शताब्दी समारोह कोष में अपने वेतन से 50 हजार रुपये दान स्वरूप देने की घोषणा की और विश्वविद्यालय स्टाफ तथा पूर्व छात्रों से भी समारोह के लिए दान देने की अपील की। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से 20 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि देने का आग्रह किया है। प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि एएमयू सरकार नोटिफिकेशन से 1 दिसंबर 1920 में स्थापित हुई थी। यूनिवर्सिटी का उद्घाटन समारोह 17 दिसंबर 1920 को आयोजित हुआ था।
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उन्होंने कहा कि इस अवसर को यादगार बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने एक काफी टेबिल बुक प्रकाशित करने का निर्णय लिया है, जिसमें विश्वविद्यालय की गत सौ वर्षों की सफलताओं को शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने बाब-ए-सैयद की तर्ज पर अनूपशहर रोड, पुरानी चुंगी पर एक शताब्दी द्वार के अलावा एल्युमनाई गेस्ट हाउस, मौलाना आजाद लाइब्रेरी तथा वीमेंस कॉलेज में रीडिंग हॉल के निर्माण का भी निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडीज की स्थापना के लिए यूजीसी को पत्र लिखा जाएगा। 40 करोड़ रुपये की लागत से एक कनवेंशन सेंटर का निर्माण भी प्रस्तावित है।