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सारी हदें लांघने पर हुई छात्र नेताओं के खिलाफ कार्रवाईः वीसी
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डा. तारिक मंसूर। कुलपति अमुवि।
- फोटो : CITY OFFICE
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एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने नया सत्र प्रारंभ होने पर छात्रों को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय के वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है। साथ ही यह भी कहा है कि छात्र नेताओं ने सारी सीमाएं लांघ दी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा नहीं करें।
पत्र में कुलपति ने लिखा है कि यदि नए शिक्षा सत्र का आरंभ शांतिपूर्ण ढंग से होता तो अत्यंत प्रसन्नता की बात होती, परंतु दुर्भाग्य से कुछ ऐसे मामले सामने आए जिन पर मुझे आपसे सीधे बात करनी है। कुछ छात्रों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, क्योंकि वे बार-बार अनुशासनहीनता एवं आपराधिक दुर्व्यवहार जैसी गतिविधियों में संलिप्त हो रहे थे। उन्होंने अंतिम सीमा लांघ दी थी। यह दुखद है कि कुछ छात्र विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस चौकी की स्थापना को लेकर अफवाह फैला रहे हैं।
मैं विश्वविद्यालय के समझदार तथा विवेकपूर्ण छात्रों से अपील करता हूं कि वे इस प्रकार के दुष्प्रचार तथा भ्रामक अफवाहों के शिकार न हों। कुलपति ने छात्रों को लिखा है कि कि उनके अभिभावक के रूप में वे यह मानते हैं कि परीक्षाएं शैक्षणिक व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं। अत: यह हमारा प्राथमिक दायित्व है कि परीक्षाओं के संचालन की व्यवस्था को पाक-साफ और पारदर्शी बनाए रखा जाए। परीक्षाओं की सुचिता को बनाए रखने के लिए हम निहित स्वार्थों वाले लोगों के हस्तक्षेप अथवा अनुचित साधनों और हेरफेर को स्वीकार नहीं कर सकते।
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उन्होंने छात्रों से आग्रह किया है कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध विश्वविद्यालय अधिनियम, स्टैच्यूट्स, ऑर्डिनेंसेज तथा छात्रों के कोड ऑफ कंडक्ट को पढ़े। सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली भ्रामक अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। किसी छात्र को शिकायत है तो वह कुलपति सहित किसी भी सक्षम अधिकारी के समक्ष अपनी बात औपचारिक रूप से रख सकता है। शिकायतों के समाधान के लिए उचित प्रक्रिया अपनानी चाहिए तथा गलत तत्वों से सहयोग एवं सहायता लेने से बचना चाहिए। उन्होंने अलीग बिरादरी से अपील की है कि वह ऐसे लोगों का हिस्सा बनने से बचें जो अपने निजी लाभ और स्वार्थ परक प्रयोजनों के लिए छात्रों के इस्तेमाल की इच्छा रखते हैं।
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पत्र में कुलपति ने लिखा है कि यदि नए शिक्षा सत्र का आरंभ शांतिपूर्ण ढंग से होता तो अत्यंत प्रसन्नता की बात होती, परंतु दुर्भाग्य से कुछ ऐसे मामले सामने आए जिन पर मुझे आपसे सीधे बात करनी है। कुछ छात्रों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, क्योंकि वे बार-बार अनुशासनहीनता एवं आपराधिक दुर्व्यवहार जैसी गतिविधियों में संलिप्त हो रहे थे। उन्होंने अंतिम सीमा लांघ दी थी। यह दुखद है कि कुछ छात्र विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस चौकी की स्थापना को लेकर अफवाह फैला रहे हैं।
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मैं विश्वविद्यालय के समझदार तथा विवेकपूर्ण छात्रों से अपील करता हूं कि वे इस प्रकार के दुष्प्रचार तथा भ्रामक अफवाहों के शिकार न हों। कुलपति ने छात्रों को लिखा है कि कि उनके अभिभावक के रूप में वे यह मानते हैं कि परीक्षाएं शैक्षणिक व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं। अत: यह हमारा प्राथमिक दायित्व है कि परीक्षाओं के संचालन की व्यवस्था को पाक-साफ और पारदर्शी बनाए रखा जाए। परीक्षाओं की सुचिता को बनाए रखने के लिए हम निहित स्वार्थों वाले लोगों के हस्तक्षेप अथवा अनुचित साधनों और हेरफेर को स्वीकार नहीं कर सकते।
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उन्होंने छात्रों से आग्रह किया है कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध विश्वविद्यालय अधिनियम, स्टैच्यूट्स, ऑर्डिनेंसेज तथा छात्रों के कोड ऑफ कंडक्ट को पढ़े। सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली भ्रामक अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। किसी छात्र को शिकायत है तो वह कुलपति सहित किसी भी सक्षम अधिकारी के समक्ष अपनी बात औपचारिक रूप से रख सकता है। शिकायतों के समाधान के लिए उचित प्रक्रिया अपनानी चाहिए तथा गलत तत्वों से सहयोग एवं सहायता लेने से बचना चाहिए। उन्होंने अलीग बिरादरी से अपील की है कि वह ऐसे लोगों का हिस्सा बनने से बचें जो अपने निजी लाभ और स्वार्थ परक प्रयोजनों के लिए छात्रों के इस्तेमाल की इच्छा रखते हैं।