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एएमयू बवालः मानवाधिकार आयोग की टीम जेएन मेडिकल पहुंची, ट्रीटमेंट चार्ट जुटाए
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 15 दिसंबर 2019 की रात को हुए बवाल की जांच करने आई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम मंगलवार को जेएन मेडिकल कॉलेेज में घटना में घायलों के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए पहुंची। टीम ने घायलों को दिए गए उपचार, दवाओं आदि से जानने का प्रयास किया कि वह किस तरह और किन स्थितियों में घायल हुए होंगे।
मंगलवार को टीम एएमयू पहुंची और जेएन मेडिकल कालेज पहुंच कर घटना में घायल तारिक व अन्य घायलों के ट्रीटमेंट का रिकार्ड खंगाला। इससे यह पता लगाया गया कि छात्र कितने गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनको किस तरह की दवाएं दी गई जिससे जानकारी हो सके कि किस वस्तु या पदार्थ से घायल हुए थे। जो घायल हास्पिटल से जा चुके हैं उनके नंबरों पर फोन करके और पैटीशनर से कह कर उन्हें बयान के लिए बुलाया जा रहा है। कुछ छात्र ऐसे हैं जिन पर मुकदमा दर्ज है, तो उनसे कहा जा रहा है कि वह बयान देने आएं, टीम यहां पर सिर्फ बयान लेने आई है। इसके साथ ही टीम बाब ए सैयद पहुंची और वहां पर घटना वाली रात के संबंध में सीन क्रिएट किया।
आयोग की टीम ने मंगलवार को यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड, गेट कीपर, प्राक्टोरियल टीम के बयान लिए। टीम बुधवार को उन लोगों के बयान दर्ज करेगी, जो कि एएमयू से जुड़े नहीं है। इसके लिए एक तटस्थ जगह लोक निर्माण विभाग का गेस्ट हाउस तय किया गया है। बृहस्पतिवार को टीम प्रशासन पक्ष के बयान दर्ज करेगी।
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‘मंगलवार तक 45 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। एएमयू में सुरक्षा गार्ड, गेट कीपर, घायल हुए छात्र और वह जो बंदी बनाए गए उन सभी के बयान दर्ज किए गए हैं’
- मंजिल सैनी, आईपीएस, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
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मंगलवार को टीम एएमयू पहुंची और जेएन मेडिकल कालेज पहुंच कर घटना में घायल तारिक व अन्य घायलों के ट्रीटमेंट का रिकार्ड खंगाला। इससे यह पता लगाया गया कि छात्र कितने गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनको किस तरह की दवाएं दी गई जिससे जानकारी हो सके कि किस वस्तु या पदार्थ से घायल हुए थे। जो घायल हास्पिटल से जा चुके हैं उनके नंबरों पर फोन करके और पैटीशनर से कह कर उन्हें बयान के लिए बुलाया जा रहा है। कुछ छात्र ऐसे हैं जिन पर मुकदमा दर्ज है, तो उनसे कहा जा रहा है कि वह बयान देने आएं, टीम यहां पर सिर्फ बयान लेने आई है। इसके साथ ही टीम बाब ए सैयद पहुंची और वहां पर घटना वाली रात के संबंध में सीन क्रिएट किया।
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आयोग की टीम ने मंगलवार को यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड, गेट कीपर, प्राक्टोरियल टीम के बयान लिए। टीम बुधवार को उन लोगों के बयान दर्ज करेगी, जो कि एएमयू से जुड़े नहीं है। इसके लिए एक तटस्थ जगह लोक निर्माण विभाग का गेस्ट हाउस तय किया गया है। बृहस्पतिवार को टीम प्रशासन पक्ष के बयान दर्ज करेगी।
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‘मंगलवार तक 45 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। एएमयू में सुरक्षा गार्ड, गेट कीपर, घायल हुए छात्र और वह जो बंदी बनाए गए उन सभी के बयान दर्ज किए गए हैं’
- मंजिल सैनी, आईपीएस, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग