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महीनों से भटक रहे: ऑनलाइन आवेदन, ऑफलाइन परेशानी, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए निगम के चक्कर काट रहे आवेदक

Sat, 03 Oct 2026 04:43 PM IST
Chaman Kumar Sharma रिंकू शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
रिंकू शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sat, 03 Oct 2026 04:43 PM IST
सार

अलीगढ़ नगर निगम के अधिकारी 30 दिन के भीतर प्रमाणपत्र जारी करने का दावा करते हैं, लेकिन आवेदकों के मुताबिक हकीकत में इसमें महीनों लग रहे हैं।

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Aligarh Municipal Corporation Birth-Death Certificate
नगर निगम कार्यालय में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदकों की लगी कतार - फोटो : संवाद

विस्तार

जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था होने के बावजूद आवेदकों की परेशानी कम नहीं हो रही है। आवेदन करने के बाद प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए लोगों को अलीगढ़ नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कभी सर्वर डाउन तो कभी साइट में खराबी की शिकायत के चलते प्रक्रिया अटकने की बात सामने आ रही है। महीनों बीतने के बाद भी प्रमाणपत्र जारी नहीं होने से आवेदक परेशान हैं।

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नगर निगम के अधिकारी 30 दिन के भीतर प्रमाणपत्र जारी करने का दावा करते हैं, लेकिन आवेदकों के मुताबिक हकीकत में इसमें महीनों लग रहे हैं। आवेदन किस स्तर पर लंबित है और प्रमाणपत्र कब तक मिलेगा, इसकी जानकारी के लिए भी संबंधित पटल पर जाना पड़ता है। जन्म प्रमाणपत्र बच्चों के स्कूल में दाखिले, आधार और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए आवश्यक है। वहीं मृत्यु प्रमाणपत्र के बिना बैंक, बीमा, पेंशन और संपत्ति से जुड़े कई काम अटक जाते हैं।
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आवेदन के बाद शुरू होता है चक्कर
बाबरी मंडी के फराज, जनकपुरी के आदेश गुप्ता समेत अन्य आवेदकों ने बताया कि आवेदन जमा करने के बाद स्थिति जानने के लिए नगर निगम आना पड़ता है। कभी जांच तो कभी दस्तावेज पूरे करने की जानकारी दी जाती है। स्पष्ट स्थिति नहीं मिलने से एक ही काम के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।

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Aligarh Municipal Corporation Birth-Death Certificate
आवेदकों को मिली पर्ची - फोटो : संवाद

ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद राहत अधूरी
आवेदकों का कहना है कि आवेदन की स्थिति, आपत्ति और प्रमाणपत्र जारी होने की जानकारी ऑनलाइन स्पष्ट रूप से मिलनी चाहिए, ताकि हर छोटी जानकारी के लिए नगर निगम न आना पड़े।

बोले आवेदक
बेटी का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अप्रैल 2026 में आवेदन किया था। नियमानुसार 30 दिन में प्रमाणपत्र जारी होना चाहिए था, लेकिन अभी तक नहीं बना। हर बार कभी सर्वर डाउन तो कभी साइट बंद होने की जानकारी दी जाती है।-मोहसिन, मखदूम नगर
पोती के जन्म प्रमाणपत्र के लिए मई में आवेदन किया था। अभी तक रिपोर्ट लगकर नहीं पहुंची है। हर बार काउंटर पर अलग समस्या बता दी जाती है।-मुनीरुद्दीन, रजा नगर
बेटे के जन्म प्रमाणपत्र के लिए अप्रैल में आवेदन किया था। पांच महीने से भटक रहे हैं। कभी साइट नहीं चलने तो कभी सर्वर डाउन होने की बात कही जाती है।-इमरान, सुपर कॉलोनी
एक साल से अधिक पुराने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के लिए शहर में नामित मजिस्ट्रेट के यहां से रिपोर्ट आती है। जांच में देरी के कारण प्रमाणपत्र जारी करने में विलंब हो रहा है। बाकी प्रमाणपत्र निर्धारित समय में जारी किए जा रहे हैं।-तपस्या यादव, सहायक नगर आयुक्त

जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के नियम

  • 21 दिन के भीतर सूचना देने पर नगर निगम द्वारा मुफ्त प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
  • 21 से 30 दिन के भीतर निर्धारित विलंब शुल्क के साथ पंजीकरण होता है।
  • 30 दिन से एक वर्ष के भीतर जिला रजिस्ट्रार या मुख्य चिकित्सा अधिकारी की लिखित अनुमति और लेट फीस के साथ प्रमाणपत्र बनता है।
  • एक वर्ष से अधिक की देरी पर मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होती है।
  • दो वर्ष से पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
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