फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh Mithuraj Hospital

मिथराज: 12 घंटे वेंटीलेटर पर रहा था मरा हुआ वीरपाल

Tue, 30 Jul 2019 01:39 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 01:39 AM IST
विज्ञापन
Aligarh Mithuraj Hospital
मिथराज हास्पिटल में आपरेशन के दौरान हुई लापरवाही में हरदुआगंज निवासी वीरपाल की मौत के मामले में सरकारी जांच रिपोर्ट आ गई है। एसीएमओ डा. दुर्गेश कुमार ने यह जांच रिपोर्ट सीएमओ डा. एमएल अग्रवाल को सौंप दी है। जांच में हास्पिटल संचालक की घोर लापरवाही और मृत्यु के 12 घंटे बाद तक वीरपाल को वेंटीलेटर पर रखने की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही परिजनों को अंतिम समय तक सही जानकारी न देने, रोगी से मिलने नहीं देने, बिना सर्जन की स्वीकृति के मुंह से आहार देने सहित कई तथ्य सामने आए हैं।
विज्ञापन

एसीएमओ डा. दुर्गेश कुमार ने बताया कि रिपोर्ट सौंप दी गई है अब प्रशासन स्तर से कार्रवाई होगी। इधर, जांच रिपार्ट के इंतजार में क्वार्सी पुलिस अस्पताल संचालक के खिलाफ आज तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कर पाई है।
विज्ञापन

हरदुआगंज के वीरपाल (45 वर्षीय) की मिथराज अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों व कस्बे वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुये जमकर हंगामा काटा था। जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थी। इस मामले में सीएमओ डा. एमएल अग्रवाल के निर्देश पर मलखान सिंह जिला अस्पताल के सीएमएस डा. रामकिशन, एसीएमओ समेत तीन सदस्यीय पैनल को जांच सौंप दी थी। इसी टीम ने सीएमओ को जांच रिपोर्ट सौंप दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रिपोर्ट के मुताबिक वीरपाल की आतों में गैंगरीन की थी। जिसके इलाज के लिए पहली जुलाई को परिजनों ने उसको मिथराज हास्पिटल में भर्ती कराया था। जहां डाक्टरों ने 2 जुलाई को उसका आपरेशन कर गैंगरीन ग्रस्त डेढ़ फुट आंत के टुकडे़ को निकाल दिया। इसके बाद भी जब वीरपाल की आराम नहीं हुआ तो 8 जुलाई दोबारा आपरेशन कर दिया। जिसमें उसकी आंत के काफी हिस्से पर गैंगरीन मिली जिसेे काटकर निकाला गया, लेकिन आपरेशन के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। आपरेशन पूरा किये बिना ही मरीज को आईसीयू में ले जाया गया। जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया। जांच रिपोर्ट में सर्जन टीम को दोषी नहीं माना गया है। लेकिन अस्पताल संचालक की लापरवाही और मृत्यु के 12 घंटे बाद तक वीरपाल को वेंटीलेटर पर रखने की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार मृतक के पिता ने जहां डॉक्टर को 1 लाख 42 हजार के भुगतान के बाउचर जांच टीम को दिए, जबकि डॉक्टर ने मात्र 1 लाख 10 हजार रुपये लेने स्वीकारे हैं।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि 9 जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे उसकी मृत्यु होना बताया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का समय अस्पताल द्वारा बताये गये वक्त से लगभग 12 घंटे पहले का है। ऐसे में वीरपाल के शव को करीब 12 घंटे तक वेंटीलेटर पर रखकर परिजनों को भ्रमित किया गया था। वीरपाल के पिता सुरेश चंद्र द्वारा अस्पताल संचालक के खिलाफ तहरीर देने के बाद पुलिस ने जांच रिपोर्ट आने का हवाला देकर मुकदमा दर्ज नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed