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अलीगढ़ : मिशन शक्ति : दुष्कर्म के आरोपी को दस साल की सजा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत से किशोरी को फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर बरी किया गया है। यह फैसला मिशन शक्ति अभियान के तहत सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप तोमर के अनुसार, 6 सितंबर 2011 को खैर थाने में पीड़ित पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसमें आरोप था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी 24 अगस्त को शौच के लिए गई थी। इसके बाद घर नहीं लौटी। जांच में पता चला कि गुलावटी बुलंदशहर का रिंकू उसे ले गया है। मामले में काफी खोजबीन के बाद भी सुराग न मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मुकदमे में पुलिस ने पीड़ित के गांव के ही आरोपी के परिचित पूरन, रवि व चित्रपाल को आरोपी बनाया। बाद में किशोरी बरामदगी पर रिंकू पर अपहरण व दुष्कर्म व अन्य तीन आरोपियों पर अपहरण में चार्जशीट दायर की। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर रिंकू के अलावा अन्य तीनों को बरी कर दिया, जबकि रिंकू को फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म में दोषी करार देकर दस साल कैद और 35 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं 20 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
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पॉक्सो न्यायालय से कई मामलों में जमानत खारिज
अलीगढ़। एडीजे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नंद प्रताप ओझा के न्यायालय से कई मामलों में जमानत अर्जियां खारिज की गई हैं। विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह के अनुसार मिशन शक्ति के तहत बन्नादेवी के डांपला की, इगलास के रामू की, हरदुआगंज के रिंकू की, चंडौस के भोला उर्फ बबलू की, हरदुआगंज के गुलाब सिंह की जमानत खारिज की गई हैं।
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एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत से किशोरी को फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर बरी किया गया है। यह फैसला मिशन शक्ति अभियान के तहत सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप तोमर के अनुसार, 6 सितंबर 2011 को खैर थाने में पीड़ित पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसमें आरोप था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी 24 अगस्त को शौच के लिए गई थी। इसके बाद घर नहीं लौटी। जांच में पता चला कि गुलावटी बुलंदशहर का रिंकू उसे ले गया है। मामले में काफी खोजबीन के बाद भी सुराग न मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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मुकदमे में पुलिस ने पीड़ित के गांव के ही आरोपी के परिचित पूरन, रवि व चित्रपाल को आरोपी बनाया। बाद में किशोरी बरामदगी पर रिंकू पर अपहरण व दुष्कर्म व अन्य तीन आरोपियों पर अपहरण में चार्जशीट दायर की। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर रिंकू के अलावा अन्य तीनों को बरी कर दिया, जबकि रिंकू को फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म में दोषी करार देकर दस साल कैद और 35 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं 20 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
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पॉक्सो न्यायालय से कई मामलों में जमानत खारिज
अलीगढ़। एडीजे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नंद प्रताप ओझा के न्यायालय से कई मामलों में जमानत अर्जियां खारिज की गई हैं। विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह के अनुसार मिशन शक्ति के तहत बन्नादेवी के डांपला की, इगलास के रामू की, हरदुआगंज के रिंकू की, चंडौस के भोला उर्फ बबलू की, हरदुआगंज के गुलाब सिंह की जमानत खारिज की गई हैं।