फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh: Madrasa is illegal, Maulvi's bail application rejected

अलीगढ़ : अवैध है मदरसा, मौलवी की जमानत अर्जी खारिज

Wed, 27 Oct 2021 01:24 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 01:24 AM IST
विज्ञापन
Aligarh: Madrasa is illegal, Maulvi's bail application rejected
महानगर के सासनी गेट के मोहल्ला लड़िया में मदरसा जामिया तालीम उल कुरान बिना पंजीकरण के अवैध रूप से चल रहा था। इस अवैध मदरसे में बच्चों को जंजीरों से बांधकर रखा जा रहा था। इसका वीडियो वायरल होने पर पुलिस जांच में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने भी मदरसे के पंजीकृत न होने और अवैध रूप से संचालित होने के संबंध में अपनी रिपोर्ट दे दी।
विज्ञापन

इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई। इसी आधार पर एडीजे-7 दिनेश कुमार नागर के न्यायालय से आरोपी मौलवी फईमुद्दीन की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी तरुण कुमार वर्मा के अनुसार, सासनी गेट पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि वाकया 26/27 सितंबर का है, जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मदरसे में कुछ बच्चों को जंजीरों से बांधकर कैद दिखाया गया।
विज्ञापन

इस वीडियो की तस्दीक करते हुए पुलिस लड़िया के इस मदरसे में पहुंची। जहां एक बच्चा कैद मिला। इस पर मदरसा संचालक लड़िया के ही मौलवी फईमुद्दीन ने बताया कि बच्चों के अभिभावकों की सहमति पर उनके पढ़ाई न करने या बीच में छोड़कर भागने के कारण ऐसा किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस पर पुलिस ने बच्चों को बंधनमुक्त कराते हुए मौलवी को हिरासत में लिया था। साथ में बंधनमुक्त कराए गए जमालपुर के बच्चे के पिता शहजाद को भी मौलवी के बयान के आधार पर पकड़ा था। मामले में पुलिस की ओर से बच्चों को अवैध रूप से बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज कर आरोपी जेल भेजे गए।
इधर, जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से मामले की जांच कराई गई। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट पुलिस को दी, जिसमें इस मदरसे को अपंजीकृत व अवैध करार दिया गया है। इस आधार पर पुलिस ने मुकदमे में विवेचना के दौरान फईमुद्दीन के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा बढ़ाई। इधर, दोनों आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी दी गई।
एडीजीसी के अनुसार, पुलिस से केस डायरी तलब की गई थी, जिसमें फईमुद्दीन पर बंधक बनाने के साथ-साथ धोखाधड़ी की धारा शामिल है। इस आधार पर मौलवी फईमुद्दीन को बच्चों के उत्पीड़न के इरादे से इस तरह से अवैध मदरसा संचालन का आरोपी मानते हुए उसकी जमानत खारिज कर दी गई है। वहीं बच्चे के पिता शहजाद को 50 हजार रुपये के बंधपत्र की जमानत पर रिहा किया गया है।
वीडियो में कैद पाए गए थे तीन बच्चे
जिस वीडियो को तस्दीक करते हुए पुलिस मदरसे तक पहुंची थी, उसमें तीन बच्चे कैद पाए गए थे। उनके परिवारों की तस्दीक कर बाद में बच्चों को परिवारों को सौंपा गया था। उसी समय इस बात का शोर मचा था कि यह मदरसा पंजीकृत नहीं है। तभी इसकी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से जांच के लिए पुलिस ने रिपोर्ट दी थी।

गैर इरादतन हत्या में जमानत अर्जी खारिज
एडीजे प्रथम शाहिद रजा के न्यायालय से गैर इरादतन हत्या व छेड़खानी के तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की गई है। एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार वाकया 7 अगस्त का है, जब इगलास के गांव महुआ में मुकेश संग मारपीट की गई। बाद में इलाज के दौरान मुकेश की मौत हो गई। इस मामले में छेड़खानी व गैरइरादतन हत्या के आरोपी संदीप, रमेश तोमर उर्फ रामे व विशाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed