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अलीगढ़: मौसी और उसके प्रेमी के लिए साढ़ू के बेटे ने की थी कारे सिंह की हत्या
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गोरई चौकी क्षेत्र के गांव सूरजा कारौली निवासी कारे सिंह की हत्या उसके साढ़ू के बेटे ने की थी। वह अपनी मौसी और उसके प्रेमी को परेशान किए जाने पर अपने मौसा कारे सिंह से खफा था। वहीं तारीख पर पहुंची मौसी और उसके प्रेमी ने कारे सिंह की हत्या करने के लिए उसे एक लाख रुपये की सुपारी देते हुए 15 हजार रुपये एडवांस दिए, जिसके बाद उसने घटना को अंजाम दिया।
शनिवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कारे सिंह की हत्या में आरोपी उसकी पत्नी कमलेश और उसकी बहन के बेटे जितेंद्र उर्फ जीतू पुत्र गोविंद सिंह निवासी बांस फतेली को बेसवां चौराहे से पकड़ा है। पुलिस के अनुसार दोनों कहीं भागने की फिराक में थे। उनके पास से एक बाइक बरामद हुई है।
सीओ राघवेंद्र सिंह के अनुसार पूछताछ में जितेंद्र ने बताया कि उसकी मौसी कमलेश और मौसा कारे सिंह के बीच कई साल से विवाद चल रहा था। मौसी अपने प्रेमी नीरज पुत्र सुखवीर निवासी सूरजा कारौली के साथ सादाबाद क्षेत्र की चौकी मई के गांव बधैन में रहती है। मौसा उसे परेशान करता था, और न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया था।
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16 अगस्त को मौसी ने उसे इगलास तहसील बुलाया। वहां पर मौसा करुआ (कारे सिंह) भी था। वहीं पर मौसी और उसके प्रेमी ने कारे सिंह की हत्या का षणयंत्र रचते हुए एक लाख रुपये की सुपारी देते हुए 15 हजार रुपये एडवांस दिए।
इसके बाद वह तहसील से मौसा का पीछा करते हुए गोरई पहुंचा। गोरई में मौसा के साथ शराब पी। वहां से बाइक पर मौसा को बांस फतेली रजबहा ले गया। धक्का देकर मौसा को रजबहा में फेंक दिया। इसके बाद उसके ऊपर कूद-कूदकर पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने उसके पास से 10, 450 रुपये और कारे सिंह के कपड़े बरामद किए। शनिवार को न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वहीं कमलेश का प्रेमी नीरज फरार है। सीओ के अनुसार जल्द ही उसे भी पकड़ा जाएगा।
रजबहा में उतराता मिला था शव
17 अगस्त को बांस फतेली के समीप रजबहा में एक शव उतराता हुआ मिला था। शव की शिनाख्त गांव सूरजा कारौली निवासी 50 वर्षीय कारे सिंह उर्फ करुआ के रूप में हुई थी। मृतक के भाई देवेंद्र सिंह ने अपनी भाभी कमलेश और उसके प्रेमी नीरज के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान कोतवाल विजय सिंह को हत्या में एक तीसरे व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी हुई। इसके बाद हत्या आरोपी पत्नी कमलेश और उसकी बहन के बेटे को पुलिस ने दबोचा तो पूरी सच्चाई उजागर हो गई।
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शनिवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कारे सिंह की हत्या में आरोपी उसकी पत्नी कमलेश और उसकी बहन के बेटे जितेंद्र उर्फ जीतू पुत्र गोविंद सिंह निवासी बांस फतेली को बेसवां चौराहे से पकड़ा है। पुलिस के अनुसार दोनों कहीं भागने की फिराक में थे। उनके पास से एक बाइक बरामद हुई है।
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सीओ राघवेंद्र सिंह के अनुसार पूछताछ में जितेंद्र ने बताया कि उसकी मौसी कमलेश और मौसा कारे सिंह के बीच कई साल से विवाद चल रहा था। मौसी अपने प्रेमी नीरज पुत्र सुखवीर निवासी सूरजा कारौली के साथ सादाबाद क्षेत्र की चौकी मई के गांव बधैन में रहती है। मौसा उसे परेशान करता था, और न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया था।
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16 अगस्त को मौसी ने उसे इगलास तहसील बुलाया। वहां पर मौसा करुआ (कारे सिंह) भी था। वहीं पर मौसी और उसके प्रेमी ने कारे सिंह की हत्या का षणयंत्र रचते हुए एक लाख रुपये की सुपारी देते हुए 15 हजार रुपये एडवांस दिए।
इसके बाद वह तहसील से मौसा का पीछा करते हुए गोरई पहुंचा। गोरई में मौसा के साथ शराब पी। वहां से बाइक पर मौसा को बांस फतेली रजबहा ले गया। धक्का देकर मौसा को रजबहा में फेंक दिया। इसके बाद उसके ऊपर कूद-कूदकर पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने उसके पास से 10, 450 रुपये और कारे सिंह के कपड़े बरामद किए। शनिवार को न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। वहीं कमलेश का प्रेमी नीरज फरार है। सीओ के अनुसार जल्द ही उसे भी पकड़ा जाएगा।
रजबहा में उतराता मिला था शव
17 अगस्त को बांस फतेली के समीप रजबहा में एक शव उतराता हुआ मिला था। शव की शिनाख्त गांव सूरजा कारौली निवासी 50 वर्षीय कारे सिंह उर्फ करुआ के रूप में हुई थी। मृतक के भाई देवेंद्र सिंह ने अपनी भाभी कमलेश और उसके प्रेमी नीरज के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान कोतवाल विजय सिंह को हत्या में एक तीसरे व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी हुई। इसके बाद हत्या आरोपी पत्नी कमलेश और उसकी बहन के बेटे को पुलिस ने दबोचा तो पूरी सच्चाई उजागर हो गई।