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अलीगढ़: सर सैयद और मालवीय के सपनों को साकार करना चाहते थे कल्याण
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यूपी ओलंपिक एसोसिएशन के सह संयुक्त सचिव मजहर उल कमर की अध्यक्षता में खेल संघों की बैठक हुई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। बैठक में मजहर उल कमर ने कहा कि स्वर्गीय कल्याण सिंह को राम मंदिर के दायरे में बांधना उनके महान व्यक्तित्व का अपमान होगा।
वह संविधान के अनुरूप राम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को बचाने के लिए पूरे देश में रामराज्य चाहते थे। ऐसा भारत चाहते थे जहां समाज का हर व्यक्ति पढ़ा लिखा हो तथा हर बुनियादी सुविधा बिना किसी भेदभाव के सरकार द्वारा देश के हर नागरिक को उपलब्ध हो। देश का विकास जाति, धर्म संप्रदाय या क्षेत्र के मानक से न होकर मानवता एवं संविधान के दायरे में हो।
मजहर ने कहा कि शिक्षा में उनके मुख्यमंत्रित्व काल में नकल विहीन परीक्षा इस बात का सबूत है कि उनका विजन देश में शिक्षा के प्रति सर सैयद एवं मालवीय के सपनों को साकार करना था । भारतीय संविधान को मानने का सबसे बड़ा उदाहरण राम मंदिर आंदोलन में मस्जिद के ढांचे की सुरक्षा न हो पाने से मानवता की मिसाल पेश करते हुए लोगों पर गोली न चलवा कर खुद की सरकार को कुर्बान करते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना है।
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वह संविधान के अनुरूप राम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को बचाने के लिए पूरे देश में रामराज्य चाहते थे। ऐसा भारत चाहते थे जहां समाज का हर व्यक्ति पढ़ा लिखा हो तथा हर बुनियादी सुविधा बिना किसी भेदभाव के सरकार द्वारा देश के हर नागरिक को उपलब्ध हो। देश का विकास जाति, धर्म संप्रदाय या क्षेत्र के मानक से न होकर मानवता एवं संविधान के दायरे में हो।
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मजहर ने कहा कि शिक्षा में उनके मुख्यमंत्रित्व काल में नकल विहीन परीक्षा इस बात का सबूत है कि उनका विजन देश में शिक्षा के प्रति सर सैयद एवं मालवीय के सपनों को साकार करना था । भारतीय संविधान को मानने का सबसे बड़ा उदाहरण राम मंदिर आंदोलन में मस्जिद के ढांचे की सुरक्षा न हो पाने से मानवता की मिसाल पेश करते हुए लोगों पर गोली न चलवा कर खुद की सरकार को कुर्बान करते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना है।
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