बीते पांच साल में लाखों पेड़ लगाने के बाद भी अलीगढ़ में जंगल का केवल .25 फीसदी भूभाग बढ़ सका है। अलीगढ़ जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग तीन हजार 650 वर्ग किमी है। जिसमें केवल 66.76 वर्ग किमी भूभाग पर जंगल बचा है। पिछले पांच साल में लाखों पेड़ लगाने के बाद इसमें केवल .25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वर्तमान में कुल जमीन का लगभग 1.83 फीसदी हिस्सा ही जंगल है, बाकी में या तो खेती हो रही है या आबादी बस गई है।
जानकारों की राय में अब भूभाग को हरा-भरा करने के लिए केरल से सीखना होगा। जहां हर घर में हरियाली को सबसे ज्यादा तव्वजो दी जाती है। प्रशासन ने इस बार शहरी जंगल अभियान छेड़ने की योजना बनाई है। नगर निगम ने असदपुर कयाम में इसके लिए जमीन कब्जा मुक्त करा कर शुरुआत की है। जिला वन अधिकारी नरेंद्र प्रकाश का कहना है कि पौधे लगाने के बाद जब सैटेलाइट से उनकी तस्वीर ली जाती है, जियो टैगिंग की जाती है तो पौधे बहुत छोटे नजर आते हैं इसलिए पौधरोपण के तुरंत बाद उनकी गणना कर जंगल का अनुपात नहीं लगाया जा सकता है। ये छोटे पौधे चार-पांच साल में बड़े हो पाते हैं, उसके बाद ही उनकी सही तस्वीर ली जा सकती है। इस बार जिले में वन विभाग की ओर से लगभग छह लाख पौधे लगाए जाएंगे। साढ़े चार लाख पौधे तैयार करा लिए गए हैं। इनमें से हजारों पौधे जनता को बांटे जाएंगे।