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अलीगढ़ : पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और स्वामी की तरह अर्थशास्त्री हैं जयंत : मसूद
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वरूणालय गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डा. मसूद अहमद?
- फोटो : CITY OFFICE
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने अर्थशास्त्र के विद्वता के मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व सुब्रह्मण्यम स्वामी से की है। लंदन से अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने के नाते वह मनमोहन सिंह व स्वामी की तरह ही अर्थशास्त्री हैं। डॉ. अहमद उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार में शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं।
मंगलवार को वह वरुणालय गेस्ट हाउस में पार्टी के संकल्प पत्र की घोषणा करने के बाद पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने तुलना के सवाल पर कहा, ‘मैं पीएचडी हूं और किताब नहीं लिखी है तो क्या मैं विद्वान नहीं हूं’।
जयंत चौधरी ने लंदन से पढ़ाई की है, उनमें निखार आ रहा है, क्योंकि उन्होंने ही लोक संकल्प पत्र तैयार किया है। डॉ. मसूद ने कहा कि टिकैत के परिवार से रालोद का पुराना रिश्ता है। राकेश टिकैत उनकी पार्टी से चुनाव लड़ चुके हैं और अगर वह पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को किसान आंदोलन की वजह से खोया है। इस आंदोलन को सजाने, संवारने में अजित सिंह की बहुत बड़ी भूमिका थी। उन्होंने कहा कि 82 साल की अवस्था में वह लोगों के बीच में संघर्ष करने के लिए निकले थे। कोरोना ग्रस्त हो गए और दुनिया से चले गए।
एएमयू में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह जिन्ना के आलोचक हैं, जिन्ना उनके आदर्श नहीं है। उनके आदर्श गांधी, सरदार पटेल, डॉ. आंबेडकर, चौधरी चरण सिंह, डॉ. कलाम हैं। जिन्ना, भाजपा का दोस्त है।
भाजपाई अपनी जेब में जिन्ना को संभाल कर चलते हैं। जिन्ना, आरएसएस की कठपुतली थे। आरएसएस के इशारे पर देश को तोड़ने का काम किया। अखिलेश यादव द्वारा जिन्ना को सरदार पटेल के समान देशभक्त बताए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इतिहास है। अखिलेश यादव ने कहीं जिन्ना की तारीफ नहीं की है।
पत्रकार वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव यशवीर सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गौहर इकबाल, ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. बाबू अली चौधरी, युवा रालोद प्रदेश महासचिव राजा भैया, नवाब सिंह छौंकर, डॉ. इरफान, तेजेंदर सिंह, प्रतीक चौधरी, रिजवान चौहान, प्रेम सिंह जाटव, भानु प्रताप सिंह, महेंद्र माहौर आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को वह वरुणालय गेस्ट हाउस में पार्टी के संकल्प पत्र की घोषणा करने के बाद पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने तुलना के सवाल पर कहा, ‘मैं पीएचडी हूं और किताब नहीं लिखी है तो क्या मैं विद्वान नहीं हूं’।
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जयंत चौधरी ने लंदन से पढ़ाई की है, उनमें निखार आ रहा है, क्योंकि उन्होंने ही लोक संकल्प पत्र तैयार किया है। डॉ. मसूद ने कहा कि टिकैत के परिवार से रालोद का पुराना रिश्ता है। राकेश टिकैत उनकी पार्टी से चुनाव लड़ चुके हैं और अगर वह पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को किसान आंदोलन की वजह से खोया है। इस आंदोलन को सजाने, संवारने में अजित सिंह की बहुत बड़ी भूमिका थी। उन्होंने कहा कि 82 साल की अवस्था में वह लोगों के बीच में संघर्ष करने के लिए निकले थे। कोरोना ग्रस्त हो गए और दुनिया से चले गए।
एएमयू में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह जिन्ना के आलोचक हैं, जिन्ना उनके आदर्श नहीं है। उनके आदर्श गांधी, सरदार पटेल, डॉ. आंबेडकर, चौधरी चरण सिंह, डॉ. कलाम हैं। जिन्ना, भाजपा का दोस्त है।
भाजपाई अपनी जेब में जिन्ना को संभाल कर चलते हैं। जिन्ना, आरएसएस की कठपुतली थे। आरएसएस के इशारे पर देश को तोड़ने का काम किया। अखिलेश यादव द्वारा जिन्ना को सरदार पटेल के समान देशभक्त बताए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इतिहास है। अखिलेश यादव ने कहीं जिन्ना की तारीफ नहीं की है।
पत्रकार वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव यशवीर सिंह, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गौहर इकबाल, ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. बाबू अली चौधरी, युवा रालोद प्रदेश महासचिव राजा भैया, नवाब सिंह छौंकर, डॉ. इरफान, तेजेंदर सिंह, प्रतीक चौधरी, रिजवान चौहान, प्रेम सिंह जाटव, भानु प्रताप सिंह, महेंद्र माहौर आदि मौजूद रहे।